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बेटी की शादी से नाराज थे, उसकी ससुराल जाकर 5 लोगों को मार डाला, अब 3 को मौत की सजा

Karnataka News: मौनेश नाम के शख्स ने मंजुला से शादी की. मंजुला के माता-पिता को ये शादी मंजूर नहीं थी. फिर क्या हुआ?

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तीन लोगों को मौत की सजा सुनाई गई है. (सांकेतिक तस्वीर: इंडिया टुडे)

कर्नाटक की एक अदालत ने तीन लोगों को मौत की सजा (Karnataka Court Death Penalty) सुनाई है. इसी मामले में नौ अन्य लोगों को आजीवन कारावास की सजा दी गई है. ये केस रायचूर जिले के एक ही परिवार के पांच लोगों की हत्या से जुड़ा है. एक लड़की के परिवार को उसकी शादी मंजूर नहीं थी, हत्या का कारण इसी को बताया गया है. सजा पाने वालों में लड़की के माता-पिता भी शामिल हैं.

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11 जुलाई, 2020 को रायचूर जिले के सिंंधनूर इलाके में रहने वाले पांच लोगों की हत्या हुई. 55 साल की सावित्रम्मा, 38 साल की श्रीदेवी, 35 साल के हनुमेश, 33 साल के नागराज और 60 साल के ईरप्पा को पीट-पीटकर मार डाला गया. 

क्या था ये मामला?

मामला ये था कि मौनेश नाम के शख्स ने मंजुला से शादी की. मंजुला के माता-पिता को ये शादी मंजूर नहीं थी. शादी के बाद मौनेश और मंजुला ने सिंंधनूर छोड़ दिया और गडग जिले में रहने लगे. शादी के करीब छह महीने बाद जब दोनों मंजुला के मायके गए, तो मंजुला के परिवार वालों ने उन्हें धमकाया और कहा कि वो मौनेश और उसके परिवार को जान से मार देंगे.

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इस धमकी के बाद मौनेश ने सिंधनूर पुलिस स्टेशन में अपने ससुरालवालों के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई. इससे मंजुला के घरवाले बहुत गुस्से में आ गए. 11 जुलाई 2020 को, वो मौनेश के घर पहुंचे, जहां दोनों परिवारों में झगड़ा हुआ. और ये विवाद इतना बढ़ा की पांच लोगों की हत्या कर दी गई.

जुर्माना भी लगा

पुलिस अधीक्षक पुट्टा मदैया ने कहा,

8 अप्रैल को अदालत ने सन्ना फकीरप्पा, अंबन्ना और सोमशेखर को मौत की सजा सुनाई. उन पर 47,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया. आजीवन कारावास की सजा पाने वालों में रेखा, गंगम्मा, धोड्डा फकीरप्पा, हनुमंत, होन्नुरप्पा, बसलिंगप्पा, अमरेश, शिवराज और पारसप्पा शामिल हैं. दोषी मंजुला के परिवार से हैं और उनमें उसके माता-पिता भी शामिल हैं.

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इंडियन एक्सप्रेस ने एक अधिकारी के हवाले से बताया है कि मौनेश और मंजुला को पुलिस सुरक्षा मिली हुई है. दोनों सिंंधनूर में रह रहे हैं. घटना के वक्त मौनेश की उम्र 21 साल और मंजूला की उम्र 18 साल थी. अधिकारी ने बताया कि हमले के वक्त दोनों की जान इसलिए बच गई क्योंकि दोनों पुलिस थाने पहुंच गए थे.

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