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जम्मू कश्मीर के किश्तवाड़ में आतंकियों के साथ मुठभेड़, सेना के आठ जवान घायल

Jammu Kashmir: सुरक्षा बलों को सूचना मिली थी कि Pakistan स्थित जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के कुछ आतंकवादी इलाके में छिपे हुए हैं. इसके बाद भारतीय सेना ने 'Operation Trashi-I' शुरू किया.

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भारतीय सेना का 'ऑपरेशन त्राशी-I' जारी है. (सांकेतिक फोटो: इंडिया टुडे)
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अशरफ वानी

जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में भारतीय सेना और आतंकवादियों के बीच हुई मुठभेड़ में आठ जवान घायल हो गए हैं. यह मुठभेड़ तब शुरू हुई जब भारतीय सेना ने ‘एंटी-टेरर ऑपरेशन’ के तहत 'ऑपरेशन त्राशी-I' शुरू किया. इस ऑपरेशन का मकसद जम्मू-कश्मीर के ऊपरी इलाकों के घने जंगलों से आतंकियों का सफाया करना था.

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इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, पूरी घटना किश्तवाड़ के चतरू इलाके के सोनार की है. सूत्रों ने बताया कि सुरक्षा बलों को सूचना मिली थी कि पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद (JeM) समूह से जुड़े कुछ आतंकवादी इलाके में छिपे हुए हैं. इसके बाद रविवार, 18 जनवरी की दोपहर ऑपरेशन शुरू किया गया. जम्मू स्थित भारतीय सेना की ‘वाइट नाइट कोर’ यूनिट ने इस ऑपरेशन को 'ऑपरेशन त्राशी-I' नाम दिया.

जैसे-जैसे सर्च ऑपरेशन तेज हुआ, एक टीम का सामना दो-तीन आतंकवादियों के एक ग्रुप से हुआ, जिन्होंने अंधाधुंध फायरिंग की और घेराबंदी तोड़ने की कोशिश में कुछ ग्रेनेड भी फेंके. जवानों ने जवाबी कार्रवाई की और घेरा और मज़बूत करने के लिए सेना, सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (CRPF) और पुलिस की टुकड़ियों को भेजा गया. अधिकारियों ने बताया कि शाम 5.40 बजे तक दोनों तरफ से रुक-रुक कर फायरिंग होती रही.

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इस मुठभेड़ में आठ जवान घायल हो गए और उन्हें अस्पताल ले जाया गया. तीन जवानों को उधमपुर कमांड अस्पताल एयरलिफ्ट किया गया. अधिकारियों ने बताया कि उनमें से ज़्यादातर को ग्रेनेड धमाके में छर्रे लगने से चोटें आईं.

X पर एक पोस्ट में, वाइट नाइट कोर ने कहा कि ऑपरेशन जारी है और घेराबंदी को मजबूत करने के लिए अतिरिक्त बल को शामिल किया गया है. सेना ने चुनौतीपूर्ण इलाकों में दुश्मन का सामना करने के लिए सैनिकों की भी तारीफ की.

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ऑपरेशन में तेज़ी लाने के लिए ड्रोन समेत एडवांस्ड सर्विलांस इक्विपमेंट और स्निफर डॉग्स तैनात किए गए हैं. यह इस साल जम्मू क्षेत्र में सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच तीसरी मुठभेड़ है. कठुआ ज़िले के बिलावर इलाके के कहोग और नजोत जंगलों में 7 और 13 जनवरी को मुठभेड़ हुई थी.

अधिकारियों ने बताया कि गणतंत्र दिवस से पहले ऑपरेशन और तेज़ कर दिए गए हैं ताकि शांतिपूर्ण तरीके से जश्न मनाया जा सके, क्योंकि खुफिया जानकारी मिली है कि पाकिस्तान में बैठे हैंडलर और आतंकवादियों को भेजने की कोशिश कर रहे हैं.

वीडियो: जम्मू-कश्मीर में LoC पर पाकिस्तानी ड्रोन देखे गए, अटैक के बाद सर्च ऑपरेशन शुरू

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