राजस्थान के जयपुर में 100 रुपये का टोल टैक्स बचाने के चक्कर में एक बस हादसे का शिकार हो गई. इस घटना में कम से कम तीन लोगों की मौत की खबर है, जबकि कई लोग घायल हुए हैं. हादसा मंगलवार, 28 अक्टूबर को सुबह करीब 8 बजे जयपुर-दिल्ली हाईवे पर जयपुर के मनोहरपुर के टोडी गांव में एक ईंट भट्टे से सिर्फ 500 मीटर दूर हुआ. बताया गया है कि स्लीपर बस चलाने वालों ने टोल बचाने के लिए उसे एक कच्चे रास्ते पर उतार दिया. बाद में उसी रास्ते पर बस हाईटेंशन लाइन से टकरा गई, जिससे उसमें आग लग गई.
मजदूरों से भरी बस बिजली के तार से टकराई, 3 की मौत, ₹100 बचाने के चक्कर में हुआ हादसा
Jaipur Bus Fire: दावा है कि स्लीपर बस की डिक्की में बाइक रखी थी. यह भी आरोप है कि स्लीपर बस को मॉडिफाई करके उसकी लंबाई और ऊंचाई बढ़ाई गई थी. ऊपर कैरियर बनाकर सामान रखना भी मना है. फिर भी उसमें बाइक और सिलेंडर रखे थे.


इंडिया टुडे से जुड़े शरत कुमार और विशाल शर्मा की रिपोर्ट के मुताबिक, ये स्लीपर बस उत्तर प्रदेश के पीलीभीत और बरेली से मजदूरों को जयपुर के ईंट भट्टे पर काम करने के लिए ले जा रही थी. उनके अलावा बस में 15 गैस सिलेंडर, 6 बाइक और कुछ बकरियां और मुर्गियां भी थीं.
बस चला रहे लोगों ने टोल बचाने के चक्कर में उसे कच्चे रास्ते पर ले जाने का फैसला किया था. लेकिन वहां आगे चलकर हाईटेंशन लाइन बहुत कम ऊंचाई पर लटकी हुई थी. 1100 केवी के बिजली के तार बस से टच हो गए. रिपोर्ट के मुताबिक, बिजली के तार बस के ऊपर रखी बाइक से टकराए, जिससे आग लग गई. फिर सिलेंडर ने आग पकड़ ली और एक के बाद एक सिलेंडर फटने लगे, जिससे बस जलकर राख हो गई.
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक तेजपाल सिंह ने बताया कि आग लगने पर कई यात्री बस से कूदकर अपनी जान बचाने में कामयाब रहे. लेकिन कुछ बुरी तरह झुलस गए.
हादसे में गंभीर रूपस से झुलसी 40 साल की चंदा बेगम के भाई मोहम्मद कय्यूम ने बताया,
"कल शाम (27 अक्टूबर) करीब 5:30 बजे मेरी बहन चंदा बस में बैठी थी और मजदूरी के लिए जयपुर आ रही थी. लेकिन करंट से लगभग उनका पूरा शरीर जल गया. चंदा अपने परिवार के साथ हर साल ईंट भट्टे पर काम करने आती हैं और उन्हें मजदूरी के बदले प्रतिदिन 250 रुपये का मेहनताना मिलता है. इस बार दिवाली के बाद वापस भट्टे पर काम करने के लिए लौट रही थीं, लेकिन हादसे का शिकार हो गईं."
हादसे में झुलसे 6 मजदूरों को सवाईमान सिंह अस्पताल (SMS अस्पताल) के ICU में भर्ती किया गया है. इनमें 3 साल की उमेमा, 40 साल की सितारा, नाजमा, चंदा बेगम के अलावा 10 साल का अजहर और 22 साल का अल्ताफ शामिल है.
डॉक्टरों के मुताबिक, सभी मजदूरों की हालत अब स्थिर है और खतरे से बाहर हैं. वही, हादसे में मारे गए मजदूरों की पहचान की जा रही है. पुलिस ने शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए मोर्चरी में रखवाया है. SMS अस्पताल के डॉक्टर प्रदीप ने बताया,
"जिला प्रशासन से सूचना मिलने के बाद हमने अस्पताल में पूरी तैयारियां कर ली हैं. हमारी बर्न यूनिट इमरजेंसी और बर्न वार्ड में पूरी तरह मुस्तैद है. अभी तक जिन मरीजों के आने का सिलसिला शुरू हुआ, उनमें दो मरीज अभी तक हमारे SMS अस्पताल इमरजेंसी में पहुंचे हैं. उनको प्राइमरी ट्रीटमेंट देने के बाद हमने इमरजेंसी बर्न वार्ड में शिफ्ट कर दिया है."
पूर्व केंद्रीय मंत्री और टोंक से कांग्रेस विधायक सचिन पायलट ने इस घटना पर दुख जताया है. उन्होंने X पर लिखा,
"जयपुर के मनोहरपुर क्षेत्र में हाइटेंशन लाइन के चपेट में आने से एक स्लीपर बस में आग लगने की घटना बहुत दुखद और हृदयविदारक है. इस हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं.
हादसे में कई लोगों के गंभीर रूप से झुलस जाने की खबर मिली. मैं ईश्वर से घायलों के जल्द ठीक होने की कामना करता हूं."
राजस्थान के डिप्टी सीएम प्रेम चंद बैरवा ने कहा कि घटना की जांच शुरू की जाएगी. उन्होंने X पर लिखा,
"जयपुर जिले के शाहपुरा विधानसभा क्षेत्र के मनोहरपुर क्षेत्र में निजी स्लीपर बस की दुर्घटना में जनहानि का समाचार सुनकर मन बहुत व्यथित है.
दुर्घटना की सूचना प्राप्त होते ही मैंने संबंधित अधिकारियों से बात कर घायलों के समुचित उपचार सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया है. मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिजनों के साथ हैं.
प्रभु श्रीराम जी से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें तथा घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्रदान करें."
स्लीपर बस में डिक्की नहीं होनी चाहिए, लेकिन दावा है कि उसमें बाइक रखी थी. आरोप है कि स्लीपर बस को मॉडिफाई करके उसकी लंबाई और ऊंचाई बढ़ाई गई थी. ऊपर कैरियर बनाकर सामान रखना भी मना है. फिर भी उसमें बाइक और सिलेंडर कथित तौर पर रखे थे. रिपोर्ट के अनुसार, इमरजेंसी गेट की अंदर से वेल्डिंग कर बंद कर बैठने की कुर्सी लगा दी गई थी.

बिजली विभाग को गांव वालों ने कई बार लिखकर शिकायत दी कि कम ऊंचाई पर हाईटेंशन लाइन जा रही है. बिजली विभाग को चेताया गया था कि कभी भी हादसा हो सकता है, लेकिन आरोप है कि कोई सुनवाई नहीं हुई. घटना के बाद बस ड्राइवर और कंडक्टर भाग गए, जिन्हें पकड़ने की कोशिश जारी है.
मामले में बस ड्राइवर, कंडक्टर और ईंट भट्टा मालिक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है.
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