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ईरान से सुरक्षित लौटे 110 छात्र, बोले- युद्ध खत्म हो, हम पढ़ाई जारी रखें

Iran में 4,000 से ज़्यादा भारतीय नागरिक हैं. एयर स्पेस बंद होने की वजह से छात्रों को अज़रबैजान, तुर्कमेनिस्तान और अफगानिस्तान जैसे पड़ोसी देशों से बाहर निकाला जा रहा है. वापस आए ज़्यादातर छात्रों ने शांति की इच्छा जताई. कहा कि वे तनाव ख़त्म होने के बाद अपनी पढ़ाई पर वापस लौटने की उम्मीद करते हैं.

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अपने परिवारों से मिलते छात्रा. (फोटो- पीटीआई)

Israel और Iran के बीच बिगड़ते हालात को देखते हुए भारत ने वहां से अपने नागरिकों को निकालने के लिए ‘ऑपरेशन सिंधु’ (Operation Sindhu) शुरू किया है. इसके तहत Iran से 110 भारतीयों का एक जत्था विशेष विमान से गुरुवार 19 जून की सुबह New Delhi पहुंचा. इन्हें पहले Armenia भेजा गया था. जहां से फ्लाइट के ज़रिए India लाया गया. वापसी पर एयरपोर्ट पर इंतज़ार कर रहे इनके परिवारों ने राहत की सांस ली. Iran से आई इस Special Flight में Jammu-Kashmir के 90 स्टूडेंट भी शामिल हैं. इससे पहले ऐसा नज़ारा रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान देखा गया था.

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लौटने वाले कुछ छात्रों से इंडिया टुडे ने बात की. इनमें से कई छात्रों ने अपनी परेशानी और निकासी की यात्रा के बारे में बताया. उरमिया यूनिवर्सिटी में सेकंड ईयर की मेडिकल छात्रा नरजिस ने कहा,

ईरान में मौजूद भारतीय दूतावास ने बहुत मदद की. हमें सड़क के रास्ते आर्मेनिया ले जाया गया. वहां से कतर के रास्ते भारत लाया गया. तेहरान में स्थिति ज़्यादा गंभीर है. वहां से निकासी का काम चल रहा है.

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एक अन्य मेडिकल छात्र अरमान नज़र सुल्तानपुरी ने कहा,

ख़बर देखने के बाद हम डर गए थे. लेकिन मैं भारत सरकार को धन्यवाद देना चाहता हूं. उन्होंने हमें समय रहते निकाल लिया.

कश्मीर के एक छात्र यासिर ज़फ़र ने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि पिछले दो दिनों से उरमिया में स्थिति ठीक थी. लेकिन अब हालात तनावपूर्ण हो गए हैं. छात्रों को निकालना और भी मुश्किल हो गया है.

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ईरान से लौटे छात्र. (फोटो- पीटीआई)

जब उनसे पूछा गया कि क्या वे अपने परिवारों के संपर्क में रह पाए हैं तो उन्होंने बताया कि इंटरनल ब्लैकआउट है, इसलिए कम्युनिकेशन बहुत लिमिटेड था. एक और छात्र ने यात्रा के बारे में बताया, “यह आर्मेनिया की एक लंबी और थकाऊ सड़क यात्रा थी. मैं इस यात्रा को कभी नहीं भूलूंगा.”

ज़्यादातर छात्रों ने शांति की इच्छा जताई. साथ ही कहा कि वे तनाव ख़त्म होने के बाद अपनी पढ़ाई पर वापस लौटने की उम्मीद करते हैं. छात्रों के परिवारों ने उनकी वापसी का स्वागत किया. राजस्थान के कोटा से आए एक पिता ने कहा,

मेरा बेटा ईरान में MBBS कर रहा था. वह भारत से भेजी गई स्पेशल फ्लाइट से आर्मेनिया के रास्ते वापस आ रहा है. मुझे खुशी है कि मेरा बेटा घर वापस आ रहा है. मैं तेहरान में भारतीय दूतावास को उनकी कोशिशों के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं.

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19 जून की सुबह विशेष विमान से लौटे भारतीय. (फोटो- पीटीआई)

उन्होंने ईरान के अंदरूनी इलाकों, ख़ासकर तेहरान में फंसे छात्रों की मदद करने की भी अपील की. इस जगह से लोगों को निकालना बेहद कठिन है. 15 जून को तेहरान में भारतीय दूतावास ने एक एडवाइज़री जारी की थी. इसमें वहां रहने वाले भारतीयों से बेजा आवाजाही से बचने और अपडेट के लिए आधिकारिक चैनलों के माध्यम से जुड़े रहने की अपील की थी.

भारत सरकार ने ईरान से भारतीयों को निकलाने के लिए सुरक्षित रास्ता देने की गुज़ारिश की थी. एयर स्पेस बंद होने की वजह से ईरान ने छात्रों को अज़रबैजान, तुर्कमेनिस्तान और अफगानिस्तान जैसे पड़ोसी देशों से बाहर निकालने की सलाह दी थी. बता दें कि ईरान में 4,000 से ज़्यादा भारतीय नागरिक हैं. 

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