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ईरान कैसे इजरायल से बदला लेने वाला है? खुद ईरानी नेता ये कह रहे हैं

इस्लामिक रिपब्लिक के सुप्रीम लीडर, Ayatollah Ali Khamenei ने इस बारे में कहा है कि हाल में जाइयोनिस्ट रिजीम (Zionist regime) या इजरायल की खराब हरकतों को ना तो बढ़ा चढ़ा कर पेश करना चाहिए. ना ही इसे कमतर बताना चाहिए.

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इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के मेजर जनरल का भी बयान आया है (सांकेतिक तस्वीर, इंडिया टुडे)

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची (Abbas Araghchi) ने यूनाइटेड नेशन्स सेक्रेटरी जनरल और यूनाइटेड नेशन्स सिक्योरिटी काउंसिल (UNSC) के प्रेसिडेंट को लिखा है. स्थानीय समाचार एजेंसी, द इस्लामिक रिपब्लिक न्यूज एजेंसी (IRNA) के मुताबिक अब्बास ने ‘लगातार बढ़ती’ इजरायली सेना के खिलाफ कदम उठाने के लिए काउंसिल से आग्रह किया है. साथ ही हमले को UN चार्टर के खिलाफ भी बताया. 

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इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक, हालांकि लम्बे समय से ईरान ने मिडल ईस्ट में चल रहे इजरायली युद्ध में शामिल होने की इच्छा नहीं रखी है. लेकिन सोमवार 28 अक्टूबर को ईरान की तरफ से कहा गया कि यह सभी उपलब्ध साधनों का इस्तेमाल करेंगे ताकि इजरायली रिजीम को उचित जवाब दिया जा सके. 

तो क्या ईरान, इजरायल पर जवाबी हमला करने वाला है? जानते हैं अलग-अलग ईरानी नेताओं का इस पर क्या कहना है? 

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क्या कह रहे नेता

इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक, इस्लामिक रिपब्लिक के सुप्रीम लीडर, आयतुल्लाह ख़ामेनई ने इस बारे में कहा है कि हाल में जाइयोनिस्ट रिजीम (Zionist regime) या इजरायल की खराब हरकतों को ना तो बढ़ा चढ़ा कर पेश करना चाहिए. ना ही इसे कमतर बताना चाहिए.

साथ ही इजरायल को चेतावनी भी दी. कहा कि इजरायल ने ईरान को आंकने में गलती की है. यह लोगों के संकल्प से वाकिफ नहीं था. हालांकि उन्होंने पलटवार करने का फैसला देश के नेताओं पर छोड़ दिया है.

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ईरान सरकार ने क्या कहा? 

शनिवार को ईरान के विदेश मंत्री ने बाहरी हमलों के खिलाफ आत्मरक्षा करने की बात कही, हालांकि यह भी जोड़ा कि वह इलाके की शांति और स्थिरता को बनाए रखने के लिए तत्पर हैं.

सोमवार 28 अक्टूबर को विदेश मंत्रालय के स्पोक्सपर्सन इस्माइल बघेई हमानेह ने कहा कि फिलहाल चल रही बातचीत के बावजूद ईरान पुख्ता होकर जवाब देने के लिए कर्मबद्ध है. आगे जोड़ा, हालांकि ईरान न्यूक्लियर एनर्जी मिलीटेरिली का इस्तेमाल करने का प्लान नहीं कर रहा है. 

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हमानेह ने आगे ये भी कहा कि गाजा में युद्ध के समय से ही देश कूटनीतिक पैमानों में लगा हुआ है. 

वहीं इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के मेजर जनरल हुसैनी सलामी का भी बयान आया है. बता दें IRGC ईरान की प्राथमिक मिलिटरी फोर्स है. हुसैनी ने शनिवार को हुए हमले के कड़े जवाब की बात कही. साथ ही हमले में मारे गए मिलिटरी के 4 लोगों के लिए सांत्वना भी जाहिर की. 

दरअसल शनिवार को इजरायल ने ईरान में टारगेटेड एयर स्ट्राइक की. वहीं ईरानी अथॉरटी ने कहा कि इस स्ट्राइक से सीमित नुकसान ही हुआ है. बताया गया कि इनके एयर डिफेंस सिस्टम में सफलता पूर्वक हमले को विफल कर दिया है.

वीडियो: दुनियादारी: ईरान पर हमला, पूरा कहानी क्या है? इज़रायल से कैसे बदला लेगा ईरान?

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