हर साल पाकिस्तान 5 फरवरी को अपनी प्रोपोगैंडा मशीनरी को एक्टिव कर देता है. क्योंकि वो इस दिन को एक तथाकथित 'कश्मीर सॉलिडैरिटी डे' के रूप में प्रचारित करता है. ये एक तरह से उसका सालाना प्रोपोगैंडा अभियान है. लेकिन इसी दिन उसका दोहरा चरित्र भी सामने आ गया है. दरअसल घाटी में लोग अब खुलकर आतंकियों के विरोध में आ रहे हैं. ये आतंकियों से लेकर ISI, सबको नागवार गुजर रहा है. यही वजह है कि वो एक तरफ सॉलिडैरिटी डे मना रहा है, वहीं दूसरी तरफ उसकी खुफिया एजेंसी, प्रॉक्सी संगठनों के जरिये कश्मीरी बुद्धिजीवियों को हत्या की धमकियां दे रही हैं. ये वो बुद्धजीवी हैं जो वैश्विक मंचों पर पाक द्वारा प्रायोजित आतंकवाद को लगातार बेनकाब करते रहे हैं.
'कश्मीर' के मुद्दे पर फिर से बेनकाब हुआ पाकिस्तान; ISI दे रहा कश्मीरी बुद्धजीवियों को धमकी
Pakistan बीते कुछ सालों से Kashmir को लेकर बौखलाया हुआ है क्योंकि बीते कुछ सालों से कश्मीर के युवाओं को बरगलाना लगभग नामुमकिन होता जा रहा है. लोकल स्तर पर अब Terrorist Organisations में होने वाला रिक्रूटमेंट लगभग खत्म हो रहा है.


पाकिस्तान बीते कुछ सालों से कश्मीर को लेकर बौखलाया हुआ है. क्योंकि बीते कुछ सालों से कश्मीर के युवाओं को बरगलाना लगभग नामुमकिन होता जा रहा है. लोकल स्तर पर अब आतंकी संगठनों में होने वाला रिक्रूटमेंट लगभग खत्म हो रहा है. ऐसे में पाकिस्तान, डर और आतंक का इस्तेमाल कर घाटी के माहौल को खराब करना चाहता है.
कश्मीरी बुद्धजीवी को धमकीआतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) ने अपने प्रॉक्सी संगठन ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’(TRF) के जरिए यूरोपियन फाउंडेशन फॉर साउथ एशियन स्टडीज (EFSAS) के डायरेक्टर और जाने-माने टेररिज्म एक्सपर्ट जुनैद कुरैशी को जान से मारने की धमकी दी है. यह धमकी TRF की ब्रांडिंग वाले एक एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से भेजी गई.
इस मैसेज में जुनैद को 'गद्दार' कह कर संबोधित किया जा रहा है. मैसेज में आतंकी ये कह रहे हैं कि संगठन को उनकी हत्या करने में कोई हिचक नहीं होगी. एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक बीते छह महीनों में जुनैद को ये दूसरी धमकी मिली है. ये धमकी उन लोगों को दी जा रही है जो पाकिस्तान के झूठे नैरेटिव को चुनौती देते हैं और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर जम्मू-कश्मीर में इस्लामाबाद के प्रॉक्सी युद्ध को उजागर करते रहते हैं.

1989 से 2020 के बीच पाकिस्तानी आतंकी संगठनों ने आतंकवाद का विरोध करने या भारत का समर्थन करने वाले 5 हजार से अधिक कश्मीरी नागरिकों, पत्रकारों, राजनेताओं और बुद्धिजीवियों की हत्या हो चुकी है. जून 2018 में ‘राइजिंग कश्मीर’ के संपादक शुजात बुखारी की कर दी गई थी. उन्हें भी कई महीनों से हिज्बुल मुजाहिदीन की ओर से धमकियां मिल रही थीं. इसके अलावा अप्रैल 2025 में कुपवाड़ा के सामाजिक कार्यकर्ता गुलाम रसूल माग्रे की भी संदिग्ध आतंकियों द्वारा हत्या कर दी गई थी.
लश्कर का कमांडर दिलवाता है धमकीजुनैद कुरैशी ने सीधे तौर पर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI पर धमकियां देने का आरोप लगाया है. जुनैद के मुताबिक लश्कर का कमांडर शेख सज्जाद गुल ISI के लिए ये काम संभालता है. उन्होंने बताया कि धमकी भरे लेटर में प्रस्तावित कश्मीरी बुद्धिजीवी थिंक टैंक से जुड़ी संवेदनशील जानकारियों का भी जिक्र था. ये जानकारियां सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं हैं और केवल सीमित लोगों को ही पता हैं. इससे सीधे तौर पर पूरे मामले में ISI की भूमिका और भी पुख्ता होती है. कुरैशी के मुताबिक धमकी वाले लेटर में कश्मीर पर पाकिस्तान के प्रोपेगैंडा को ध्वस्त करने और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर दस्तावेजी सबूत पेश करने के उनके प्रयासों का विशेष रूप से जिक्र किया गया है. ISI उन्हें अपने लिए सीधा खतरा मानता है.
जुनैद कुरैशी 1971 में एयर इंडिया की एक फ्लाइट के अपहरणकर्ता हाशिम कुरैशी के बेटे हैं. हालांकि, जुनैद ने अपने पिता की विचारधारा को हमेशा सार्वजनिक रूप से खारिज किया है. वो कहते हैं कि यह अपहरण उनके जन्म से पहले हुआ एक आतंकी कृत्य था. यही वजह है कि EFSAS के माध्यम से कुरैशी लगातार पाकिस्तान के 'कश्मीर में आजादी की लड़ाई' वाले दावे को बेनकाब करते आए हैं.
इंटेलिजेंस के सूत्रों ने भी पुष्टि की है कि धमकी देने के लिए इस्तेमाल किया गया एन्क्रिप्टेड अकाउंट रावलपिंडी से ऑपरेट हो रहा है. ये अकाउंट लश्कर कमांडर शेख सज्जाद गुल के कंट्रोल में है. 24 अगस्त 2025 को फर्जी नाम से बनाए गए इस अकाउंट का इस्तेमाल TRF प्रोपेगेंडा, ऑपरेशनल अपडेट्स और तस्वीरें साझा करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है.
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