एक मां का अपनी औलाद के लिए प्यार जताने का दुनिया में कोई पैमाना नहीं है. इंसानी जिंदगी में जब हद या वजूद से परे जाने की बात होती है, तो सीधा मतलब मौत से है. मध्य प्रदेश के इंदौर में भी कुछ ऐसा ही हुआ. सामने बेटे का शव था. दुनिया का सबसे बड़ा बोझ. मां को बेटे की मौत की जानकारी नहीं दी गई. बस किसी तरह उसके पास लाया गया. ये मां अपने सामने बेटे का शव देखना बर्दाश्त ना कर सकी, और बेहोश हो गई. बाद में बेटे की तरह मां ने भी इस दुनिया को अलविदा कह दिया. दोनों की अर्थियां भी साथ उठीं.
बेटे का शव देख मां भी चल बसीं, साथ उठीं अर्थियां, दोनों कई जिंदगियां रोशन कर गए
Indore Mother Son Death: परिवार ने मां किरण शर्मा से उनके बेटे राजुल शर्मा के निधन की जानकारी छिपाई. उन्हें धीरे-धीरे घर लाया गया. जब किरण को फ्लैट पर लाया गया, तो वहां गमगीन माहौल था. उनकी नजर बेटे के शव पर गई. वे खुद को संभाल ना सकीं.


मामला इंदौर के भंडारी मिल क्षेत्र स्थित श्रीनाथ विहार अपार्टमेंट का है. इंडिया टुडे से जुड़े धर्मेंद्र कुमार शर्मा की रिपोर्ट के मुताबिक, यहां के रहने वाले 55 साल के राजुल शर्मा का 14 जून को निधन हो गया था. वे पेशे से एक कंप्यूटर डिजाइनर थे.
उनके निधन के समय उनकी मां किरण शर्मा एरोड्रम रोड क्षेत्र स्थित अपनी बेटी के घर पर थीं. 75 साल की किरण शर्मा को तुरंत उनके बेटे के निधन की जानकारी नहीं दी गई. परिवार को चिंता थी कि बेटे की मौत की खबर सुनते ही उन्हें गहरा सदम लग सकता है.
इसलिए परिवार ने उन्हें पूरी जानकारी नहीं दी, और धीरे-धीरे घर ले आए. जब किरण शर्मा को श्रीनाथ विहार के फ्लैट पर लाया गया, तो वहां गमगीन माहौल था. उनकी नजर बेटे के शव पर गई. वे खुद को संभाल ना सकीं. उनकी आंखों से आंसू बहने लगे. फूट-फूट कर रोने लगीं.
किरण ने बेटे राजुल के सिर पर आखिरी बार हाथ फेरा. वे बेटे का दुनिया से जाना बर्दाश्त ना कर सकीं और अचानक बेहोश होकर जमीन पर गिर गईं. परिवार के लोग उन्हें नजदीकी अस्पताल ले गए. डॉक्टरों ने उन्हें चेक किया और मृत घोषित कर दिया. एक मां अपने बेटे की मौत के गम में खुद दुनिया छोड़ चुकी थी.
परिजनों के मुताबिक, राजुल शर्मा और उनकी मां किरण शर्मा दोनों की बायपास सर्जरी हो चुकी थी. उनके परिवार में दिल की बीमारी का इतिहास रहा है. मां-बेटे के निधन ने गम का माहौल और गमगीन कर दिया. सोमवार, 15 जून को मां और बेटे दोनों की अर्थियां एक साथ उठीं.
इस बीच परिवार ने मानवता भरा फैसला लिया. परिजनों ने मां और बेटे की आंखों को दान करने का निर्णय लिया. मुस्कान ग्रुप के जरिए नेत्रदान की प्रोसेस पूरी की जाएगी. किरण शर्मा और राजुल शर्मा की आंखें अब किसी और की जिंदगी रोशन करेंगी.
वीडियो: हैदराबाद में जिम ट्रेनर के खिलाफ यौन उत्पीड़न का केस दर्ज, महिला पायलट ने क्या कहा?



















