7 जनवरी को अमेरिका ने जिस रूसी झंडे वाले जहाज को जब्त कर कर्मचारियों को हिरासत में लिया था, उसमें 3 भारतीय थे. उनमें से एक का नाम है रक्षित चौहान (Rakshit Chauhan) जो हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा ज़िले के निवासी हैं. रक्षित के परिजनों ने भारत सरकार से उसकी रिहाई की मांग की है. अगले महीने फरवरी में रक्षित की शादी तय है. रक्षित के घरवालों ने पीएम मोदी से उसके सुरक्षित वापसी की गुहार लगाई है.
अमेरिका ने रूसी जहाज पकड़ा, हिरासत में भारतीय युवक, 19 फरवरी को होनी है शादी
Venezuela से कच्चा तेल ले जा रहे Russian flagged Ship में 3 भारतीय थे, जो अब अमेरिकी हिरासत में हैं. हिमाचल प्रदेश के निवासी रक्षित चौहान की अगले महीने शादी है. उनके घरवालों ने पीएम मोदी से उनकी रिहाई की मांग की है.


रक्षित की उम्र 26 साल है और वो हाल ही में मर्चेंट नेवी में शामिल हुए थे. ये उनका पहला पेशेवर असाइनमेंट था. रूसी झंडे वाले जहाज का नाम 'मरिनेरा' (पहले बेला-1) है. एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक़, घरवालों की रक्षित से आखिरी बातचीत जहाज ज़ब्त होने के पहले हुई थी.
घरवालों की अपीलरिपोर्ट के मुताबिक़, रक्षित की मां ने पालमपुर के रिपोर्टर से बातचीत के दौरान कहा,
मेरे बेटे रक्षित को सुरक्षित घर ले आइए. उसकी 19 फ़रवरी को शादी तय है. हमारी रक्षित से आखिरी बात 7 जनवरी को हुई थी जब वो अपने पहले असाइनमेंट के लिए जा रहा था. मैं ईश्वर से उसकी सुरक्षित वापसी की कामना करती हूं. मैं प्रधानमंत्री मोदी और विदेश मंत्री से गुज़ारिश करती हूं कि वो मेरे बेटे को सुरक्षित भारत ले आएं.
रक्षित की मां ने ये भी बताया कि रक्षित के अलावा दो और भारतीय को हिरासत में रखा गया है. एक गोवा और एक केरल का रहने वाला है. उन्होंने उनकी वापसी की भी मांग की है.
एनडीटीवी से बातचीत में रक्षित के पिता ने बताया,
जब रक्षित से हमारी आखिरी बार बात हुई थी तब उसने ये इशारा किया था कि आगे शायद कुछ वक़्त तक बात न हो पाए. जब अमेरिका ने वेनेज़ुएला पर हमला किया तब रूसी एम्प्लॉयर ने उन्हें वेनेज़ुएला से वापस लौटने को कहा. 10 जनवरी को हमें पता चला कि हमारे बेटे का जहाज ज़ब्त कर लिया गया है.
रक्षित के पिता ने बताया कि 1 अगस्त, 2025 को रक्षित ने मर्चेंट नेवी जॉइन किया था. एक रूसी कंपनी ने उन्हें पहले समुद्री असाइनमेंट के लिए वेनेज़ुएला भेजा था. लेकिन 7 जनवरी को अमेरिका ने अटलांटिक महासागर में रूसी झंडे वाले जहाज को ज़ब्त कर लिया. अमेरिका ने आरोप लगाया कि ये टैंकर वेनेजुएला पर लगे अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों का उल्लंघन कर कच्चा तेल ले जा रहा था.
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इस जहाज में कुल 28 क्रू मेंबर सवार थे. जिनमें 3 भारतीय, 20 यूक्रेनी, 6 जॉर्जियाई और 2 रूसी नागरिक शामिल हैं. 2 रूसी क्रू मेंबर को रविवार को रिलीज़ कर दिया गया था. लेकिन बाकी सभी क्रू मेंबर अभी तक अमेरिकी कर्मचारियों की हिरासत में हैं.
कांगड़ा ज़िले के पालमपुर से विधायक आशीष बुटैल ने परिजनों को आश्वासन दिया कि रक्षित की पूरी मदद करेंगे. उन्होंने रक्षित की पूरी जानकारी निकाली और मुख्यमंत्री तक बात पहुंचाने की भी बात कही. पिछले हफ्ते विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा था कि वो ज़ब्त रूसी झंडे वाले जहाज पर भारतीय क्रू मेंबर की जांच कर रहे हैं.
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