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'चीनी सेना की वजह से बॉर्डर पर हालात बिगड़ते हैं,' ITBP चीफ के बयान के बाद भारत सरकार ने भी माना

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत-चीन वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर बचे हुए मुद्दों को सुलझाने और गलतफहमी से बचने के लिए राजनयिक और सैन्य तंत्रों के जरिए बातचीत जारी रखेंगे.

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2018 में भारत-चीन सेना के बीच बॉर्डर मीटिंग की तस्वीर. (Courtesy: @easterncomd/ X)

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  • भारत सरकार ने स्वीकार किया है कि चीनी सेना के पहले तय गश्त तरीकों से हटने के कारण भारत-चीन सीमा पर तनावपूर्ण स्थिति बनती है, जिससे सीमावर्ती क्षेत्रों में हालात बिगड़ जाते हैं।
  • अक्टूबर में ITBP के DG शत्रुजीत कपूर ने अरुणाचल प्रदेश में कई जगहों पर भारतीय-चीनी सैनिकों के बीच टकराव के मामले सामने आने की पुष्टि की, जो सीमा तनाव की पृष्ठभूमि है।
  • दोनों देशों के राजनयिक और सैन्य चैनल वास्तविक नियंत्रण रेखा के बची हुई समस्याओं को बातचीत से सुलझाने और सीमा पर स्थिरता बनाए रखने के प्रयास कर रहे हैं।

भारत सरकार ने भी मान लिया है कि चीनी सेना की वजह से भारत-चीन सीमा पर हालात बिगड़ते हैं. विदेश मंत्रालय ने कहा कि जब चीनी सैनिक पहले से तय गश्त के तौर-तरीकों से हटते हैं, तो सीमावर्ती इलाकों में हालात तनावपूर्ण हो जाते हैं. मंत्रालय का ये बयान ऐसे वक्त आया, जब भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के महानिदेशक (DG) शत्रुजीत कपूर ने अरुणाचल प्रदेश में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच कई जगहों पर टकराव होने की बात कही है.

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विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?

23 अक्टूबर को विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि भारत-चीन सीमा पर हालात समय-समय पर तब बिगड़ते हैं, जब चीनी सेना पहले से तय गश्त के तौर-तरीकों से अलग चलती है. उन्होंने कहा,

"जैसा कि हमने पहले भी इस बात का उल्लेख किया है, जब चीनी सेनाएं पहले से तय गश्त के तौर-तरीकों से हटती हैं, तो भारत-चीनी सीमावर्ती क्षेत्रों में स्थिति समय-समय पर अस्त-व्यस्त हो जाती है."

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रणधीर जायसवाल ने कहा कि दोनों देश वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर बचे हुए मुद्दों को सुलझाने और गलतफहमी से बचने के लिए राजनयिक और सैन्य तंत्रों के जरिए बातचीत जारी रखेंगे. उन्होंने ये भी कहा कि दोनों देशों के संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए सीमा पर शांति और स्थिरता बनाए रखना जरूरी है.

यह भी पढ़ें: अरुणाचल बॉर्डर पर भारत-चीन के बीच बढ़ा तनाव, ITBP ने बताया ड्रैगन ने अब कहां गाड़े तंबू

ITBP चीफ ने क्या बताया?

इससे पहले 22 अक्टूबर को राजस्थान के अलवर में ITBP के महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने कहा था कि अरुणाचल प्रदेश में कई जगहों पर भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है. उन्होंने बताया कि पिछले कुछ दिनों में ऐसे कई मामले सामने आए हैं और यह स्थिति अब भी जारी है.

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ITBP चीफ का ये बयान इसलिए अहम है, क्योंकि जुलाई के बाद से नॉर्थ-ईस्टर्न बॉर्डर पर बढ़ते तनाव को लेकर ये पहली ऑफिशियल कन्फर्मेशन है. 'द हिंदू' की रिपोर्ट के मुताबिक, जुलाई के आखिर से अरुणाचल प्रदेश के असाफिला इलाके में दोनों देशों के सैनिकों के बीच तनाव बना हुआ है. रिपोर्ट में सरकारी सूत्रों के हवाले से बताया गया कि चीनी सेना ने ऊंचाई वाले इलाके में तंबू लगाए हैं.

ड्रोन और पहाड़ी युद्ध की तैयारी

सीमा पर तनाव के बीच ITBP अपनी सैन्य तैयारियों को भी मजबूत कर रही है. शत्रुजीत कपूर के मुताबिक, सीमा पर तैनात बटालियनों में ड्रोन प्लाटून बनाई जा रही है. जवानों को ड्रोन चलाने की ट्रेनिंग दी जा रही है.

ऊंचाई वाले पहाड़ी इलाकों में लड़ाई के लिए कमांडो तैयार किए जा रहे हैं. इनकी एक अलग बटालियन होगी. ITBP ने गलवान घाटी जैसी परिस्थितियों से निपटने के लिए 'स्ट्राइक' नाम का नया ट्रेनिंग कोर्स भी शुरू किया है. इसका मकसद जवानों को मुश्किल पहाड़ी इलाकों में होने वाले टकराव के लिए तैयार करना है.

वीडियो: पैंगोंग झील के पास चीनी सेना ने किया सैन्य अभ्यास, सामने आया वीडियो

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