IAS की नौकरी से निकाली गईं पूजा खेडकर का दावा है कि नेपाल से आए उनके नौकर ने उनके घर में चोरी की है. उसने उनके पैरेंट्स को बेहोश कर दिया और उन्हें बंधक बनाकर घर में चोरी की और भाग गया. पूजा की शिकायत के बाद शनिवार, 10 जनवरी की रात महाराष्ट्र की पुणे पुलिस खेडकर परिवार के बानेर रोड वाले बंगले पर पहुंची और जांच शुरू की. पूजा खेडकर वही IAS हैं, जो ट्रेनिंग पीरियड के दौरान ही काफी विवादों में रहीं. उन पर आरक्षण के लिए दस्तावेजों में धोखाधड़ी करने का आरोप लगा. बाद में उन्हें IAS के पद से बर्खास्त कर दिया गया.
'मां-पिता को बेहोश किया, मुझे बांधा...', पूर्व IAS पूजा खेडकर ने नौकर पर चोरी के आरोप लगाए
Dismissed IAS Trainee Puja Khedkar: पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पूजा खेडकर ने अभी तक लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई है. खेडकर का कहना है कि जब वे मानसिक रूप से ठीक महसूस करेंगी तो लिखित शिकायत दर्ज करेंगी.

पुलिस के मुताबिक, खेडकर परिवार बानेर रोड पर एक बंगले में कई नौकरों के साथ रहता है. इंडिया टुडे से जुड़े ओंकार वाबले की रिपोर्ट के अनुसार, इनमें से एक नौकर 8 दिन पहले ही नेपाल से आया था. उसी पर चोरी को अंजाम देने का शक है. पूजा खेडकर ने आरोप लगाया कि नौकर ने उनके पिता दिलीप खेडकर और माता मनोरमा खेडकर को बेहोश करने वाली दवा दी, जिससे वे बेहोश हो गए. इसके बाद नौकर ने उन्हें भी बांध दिया और परिवार के सभी सदस्यों के मोबाइल फोन लेकर भाग गया.
खेडकर ने पुलिस को बताया कि वे दरवाजे की कुंडी का इस्तेमाल करके खुद को आजाद करने में कामयाब रहीं और फिर दूसरे फोन से पुलिस से संपर्क किया. जब चतुरश्रृंगी पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो दिलीप और मनोरमा खेडकर बेहोश मिले. उन्हें तुरंत इलाज के लिए एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया. पुलिस ने बताया कि अब उनकी हालत स्थिर है. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पूजा खेडकर ने अभी तक लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई है.
पुलिस के मुताबिक, पूजा खेडकर ने कहा कि जब वे मानसिक रूप से ठीक महसूस करेंगी तो लिखित शिकायत दर्ज करेंगी. उन्होंने यह भी नहीं बताया कि घर से मोबाइल फोन के अलावा कोई और सामान भी चोरी हुआ है या नहीं. बताया जा रहा है कि यह घटना शनिवार, 10 जनवरी की रात करीब 11:30 बजे हुई.
कौन हैं खेडकरखेडकर पर 2022 की UPSC सिविल सेवा परीक्षा के लिए अपने आवेदन में गलत जानकारी देकर आरक्षण का फायदा उठाने का भी आरोप है. वे IAS पद पर प्रोबेशन पर थीं. बीते साल उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया. हालांकि, उन्होंने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों से इनकार किया है.
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