अगर आप भी हिमाचल प्रदेश की वादियों में घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो आने वाले दिनों में आपको इसके लिए ज्यादा पैसे चुकाने पड़ेंगे. हिमाचल सरकार ने राज्य में बाहरी वाहनों के प्रवेश पर लगने वाली एंट्री फीस बढ़ा दी है. यह फीस 250 परसेंट यानी ढाई गुना तक बढ़ाई गई है.
शिमला-मनाली घूमना हुआ महंगा, हिमाचल सरकार ने एंट्री फीस 250 परसेंट तक बढ़ाई
Himachal Pradesh Entry Fees Increased: एंट्री फीस की नई दरें बता दी गई हैं. हिमाचल प्रदेश की सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार ने राज्य की खराब आर्थिक स्थिति को देखते हुए कमाई बढ़ाने के उद्देश्य से यह फैसला लिया है.


आजतक की रिपोर्ट के अनुसार सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार ने प्रदेश की खराब आर्थिक स्थिति को देखते हुए राजस्व बढ़ाने के उद्देश्य से यह फैसला लिया है. फैसले के मुताबिक एंट्री फीस की नई दरें 1 अप्रैल से लागू हो जाएंगी. यानी 1 अप्रैल से अन्य राज्यों के वाहनों की हिमाचल प्रदेश में एंट्री महंगी हो जाएगी.
अब कितनी हुई फीस?नए रेट के मुताबिक अब बाहरी राज्यों से हिमाचल आने वाले सामान्य वाहनों को 170 रुपये की एंट्री फीस देनी होगी. अब तक यह 70 रुपये थी. यानी लगभग ढाई गुना की बढ़ोत्तरी. वहीं 12+1 वाहनों की एंट्री फीस जो अभी 110 रुपये थी, वह भी अब बढ़ाकर 170 रुपये कर दी गई है. भारी वाहनों की एंट्री फीस भी बढ़ाई गई है. पहले जो 720 रुपये थी, उसे अब बढ़ाकर 900 रुपये कर दिया गया है. इसके अलावा कंस्ट्रक्शन के लिए इस्तेमाल होने वाले भारी वाहन, जैसे जेसीबी पर लगने वाली एंट्री फीस 570 रुपये से बढ़ाकर 800 रुपये कर दी गई है.
ट्रैक्टरों का भी प्रवेश शुल्क 70 रुपये से बढ़ाकर 100 रुपये कर दिया गया है. हालांकि डबल एक्सल बस और ट्रकों के एंट्री रेट में बदलाव नहीं किया गया है. उनके लिए 570 रुपये की ही पुरानी फीस लगती रहेगी. इसके अलावा पहले की तरह हिमाचल प्रदेश में रजिस्टर्ड वाहनों की एंट्री पर छूट रहेगी.
फास्टैग लागू करने की तैयारीरिपोर्ट के अनुसार हिमाचल प्रदेश में कुल 55 एंट्री बैरियर हैं, जहां से वाहनों की एंट्री होती है. इनमें प्रमुख बैरियर सिरमौर के गोविंदघाट, नूरपुर के कंडवाल, ऊना के मैहतपुर, बद्दी, परवाणू और बिलासपुर जिले के गरामोड़ा के पास स्थित हैं. बताया गया है कि सरकार इन बैरियरों पर फास्टैग सिस्टम भी लागू करने की तैयारी कर रही है.
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आजतक के अनुसार हिमाचल प्रदेश इस समय गंभीर आर्थिक दबाव से जूझ रहा है. सरकार की कमाई घटी है और खर्च बढ़ा है. इसलिए सरकार अतिरिक्त कमाई के साधन तलाश रही है. इसी कड़ी में एंट्री फीस बढ़ाने के फैसले को देखा जा रहा है. हिमाचल प्रदेश में टूरिस्ट काफी बड़ी संख्या में आते हैं. ऐसे में फीस बढ़ोत्तरी से सरकार को अच्छी खासी कमाई होने की उम्मीद है. हालांकि टूरिज्म इंडस्ट्री से जुड़े लोगों की चिंता भी है कि कहीं बढ़ोत्तरी का नकारात्मक प्रभाव न पड़े और राज्य में सैलानी आना घट जाएं. लेकिन अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल फीस में मामूली बढ़ोत्तरी हुई है और इसका टूरिज्म पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा.
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