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उत्तर भारत का तापमान लगातार क्यों बढ़ रहा? अभी बारिश भी होगी पर केवल इन इलाकों में

Heatwave alert: उत्तर भारत के कई राज्य भीषण गर्मी और हीटवेव की चपेट में हैं, बांदा में तापमान 47.6 डिग्री तक पहुंचा. स्काईमेट के मुताबिक मानसून सामान्य से पहले आगे बढ़ रहा है, लेकिन अल-नीनो इसके आगे मुश्किलें खड़ी कर सकता है.

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भीषण लू और झुलसाने वाली गर्मी से लोग परेशान (फोटो - आज तक )

उत्तर भारत इस वक्त भीषण गर्मी की चपेट में है. मौसम की जानकारी देने वाली एजेंसी स्काईमेट के मुताबिक देश के आधे से ज्यादा हिस्से में हीटवेव का असर दिखाई दे रहा है. उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्य प्रदेश सबसे ज्यादा गर्म राज्यों में शामिल हैं. उत्तर प्रदेश का बांदा देश के सबसे गर्म इलाकों में दर्ज किया गया, जहां तापमान 47.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया. वहीं प्रयागराज और मध्य प्रदेश के खजुराहो में भी पारा 47 डिग्री के करीब रिकॉर्ड किया गया. मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक अगले कुछ दिनों तक लोगों को गर्मी से राहत मिलने की संभावना बेहद कम है.

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क्यों पड़ रही है इतनी भीषण गर्मी?

स्काईमेट के मुताबिक बलूचिस्तान और थार रेगिस्तान से आने वाली गर्म और सूखी हवाएं उत्तर भारत का तापमान लगातार बढ़ा रही हैं. यही वजह है कि राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में लू का असर ज्यादा देखने को मिल रहा है. मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक इन इलाकों में अगले कई दिनों तक बारिश की संभावना बहुत कम है. ऐसे में तेज धूप और गर्म हवाएं लोगों की परेशानी और बढ़ा सकती हैं. मध्य प्रदेश, झारखंड, छत्तीसगढ़ और ओडिशा जैसे राज्यों में भी मौसम फिलहाल सूखा बना रहने का अनुमान है.

जल्दी बढ़ा मानसून, लेकिन चिंता कायम

स्काईमेट के मुताबिक इस साल मानसून सामान्य समय से पहले आगे बढ़ रहा है. 18 मई तक मानसून उस हिस्से तक पहुंच चुका था, जहां यह आमतौर पर 22 मई के आसपास पहुंचता है. मौसम विभाग के अनुसार मानसून 26 मई के आसपास केरल पहुंच सकता है. हालांकि मौसम विशेषज्ञ महेश पलावत का कहना है कि मानसून की शुरुआती रफ्तार देखकर पूरे सीजन का अनुमान नहीं लगाया जा सकता.

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उन्होंने 2002 का उदाहरण देते हुए बताया कि उस साल भी मानसून समय से पहले पहुंचा था, लेकिन बाद में इसकी रफ्तार धीमी पड़ गई थी. जिसके चलते पूरे देश में सामान्य से कम बारिश हुई थी. वीडियो में यह भी बताया गया कि इस साल अल नीनो का असर मानसून पर पड़ सकता है. अगर अल नीनो सक्रिय होता है तो जुलाई, अगस्त और सितंबर में सामान्य से कम बारिश हो सकती है. इससे गर्मी और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है.

किन इलाकों में होगी बारिश?

स्काईमेट से मिली जानकारी में बताया गया है कि बिहार के उत्तर-पूर्वी जिलों में हल्की बारिश हो सकती है. वहीं 21 मई के बाद असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में तेज बारिश शुरू होने की संभावना है. मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी हल्की बारिश हो सकती है.

दूसरी तरफ केरल, कर्नाटक, लक्षद्वीप और अंडमान-निकोबार में भारी बारिश का अनुमान है. महेश पलावत के मुताबिक केरल के कुछ इलाकों में जलभराव और लैंडस्लाइड का खतरा भी हो सकता है. वहीं मुंबई और महाराष्ट्र के तटीय इलाकों में 21-22 मई के दौरान हल्की प्री-मानसून बारिश शुरू हो सकती है.

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(ये खबर हमारे यहां इटर्नशिप कर रहे कुमार ऋषभ ने लिखी है)

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