झारखंड के हजारीबाग ज़िले के एक गांव में एक 12 साल की बच्ची 24 मार्च को लापता हो गई थी. फिर अगले दिन गांव की झाड़ियों से बच्ची का शव बरामद हुआ. जिसके बाद पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई गई और जांच शुरू हुई. अब इस केस में पुलिस ने हैरान करने वाले खुलासे किए हैं. बताया गया कि बच्ची की हत्या हुई थी. इस हत्या का आरोप बच्ची की मां पर लगा है. पुलिस ने हत्या के आरोप में बच्ची की मां समेत तीन लोगों को अरेस्ट कर लिया है.
बेटा ठीक रहे इसलिए मां ने बेटी की बलि दे दी, अंधविश्वास में सब बर्बाद कर दिया
Hazaribagh Mother Sacrifice Daughter: हजारीबाग के एक गांव की महिला के बेटे की तबियत खराब थी. इन्हीं परेशानियों के हल के लिए वो गांव की तांत्रिक के पास गई थी. तांत्रिक शांति देवी ने कथित तौर पर महिला को बताया कि उनकी समस्या तभी दूर होगी जब वो अपनी कुंवारी लड़की की बलि देगी.


आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक़, ये घटना ज़िले के विष्णुगढ़ थाना क्षेत्र के कुसुंभा गांव की है. पुलिस ने बताया कि अंधविश्वास के नाम पर बच्ची की ‘नरबलि’ दी गई थी. नरबलि एक पुरातन प्रथा है. इस प्रथा में अंधविश्वास के नाम पर जीवित इंसान की बलि दी जाती है. पुलिस ने बच्ची की मां रेशमी देवी, उसी गांव की एक महिला शांति देवी और भीमराम नाम के एक शख्स को अरेस्ट किया है. बताया जा रहा है कि भीमराम मृतका की मां का प्रेमी है.
पुलिस के मुताबिक़, शांति देवी गांव में कथित तौर पर तंत्र-मंत्र और झाड़-फूंक करती है. उसे भगतिनी भी कहा जाता है. रेशमी देवी के घर में लंबे समय से परेशानी चल रही थी और उनके बेटे की तबियत खराब थी. इन्हीं परेशानियों के हल के लिए वो शांति देवी के पास गई थी. शांति देवी ने कथित तौर पर रेशमी देवी को बताया कि उनकी समस्या तभी दूर होगी, जब वो अपनी कुंवारी लड़की की बलि देगी. दोनों कई महीनों से संपर्क में थे. आखिरकार 24 मार्च को इस घटना को अंजाम दिया गया.
रेशमी देवी अपनी बेटी को बहाने से शांति देवी के घर ले गई. पुलिस ने बताया कि कथित तौर पर मां ने बच्ची के हाथ पैर पकड़े, भीमराम ने बच्ची का गाला घोंटा और अमानवीय रूप से सिर पर पत्थर दे मारा. जिसके बाद आरोपी फरार हो गए.
DIG अंजनी झा ने बताया,
‘इस घटना में परिवार की तरफ से कोई साफ़ बयान नहीं दिया गया. ना ही कोई चश्मदीद है. टेक्निकल और फॉरेंसिक रिपोर्ट्स के आधार पर आरोपियों को पकड़ा गया. बहुत जल्द हम चार्जशीट फाइल करेंगे.’
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रिपोर्ट के अनुसार, रेशमी देवी ने खुद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई और गांव के अन्य लोगों पर शक जताया. पुलिस ने जांच शुरू की और मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच टीम का गठन किया. पुलिस ने कहा कि आरोपियों के खिलाफ और पुख्ता सबूत इकट्ठे किए जा रहे हैं. पुलिस ने लोगों से अंधविश्वास से खुद को दूर रखने की अपील भी की है.
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