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'गैर हिंदुओं के प्रवेश पर रोक', हरिद्वार के 'हर की पौड़ी' में लगे पोस्टर, क्या है पूरा विवाद?

Haridwar Non-Hindu Entry ban Row: हरिद्वार के हर की पौड़ी में दो युवकों की 'रीलबाजी' से शुरू हुआ विवाद अब गैर हिंदुओं के प्रवेश पर रोक वाले पोस्टर तक पहुंच गया है. क्षेत्र में जगह-जगह पर ऐसे पोस्टर लगा दिए गए हैं. जानिए क्या है पूरा मामला.

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हरिद्वार के हर की पौड़ी क्षेत्र में लगे पोस्टर. (Photo: X)

हरिद्वार के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल हर की पौड़ी में गैर हिन्दुओं की एंट्री को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है. अब वहां पर गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक वाले पोस्टर लगा दिए गए हैं. इन पोस्टरों पर लिखा है- अहिन्दू का प्रवेश निषेध क्षेत्र. पोस्टर में आगे बताया गया है कि यह म्यूनिसिपल एक्ट, हरिद्वार के आदेश के तहत है. मालूम हो कि हर की पौड़ी में बीते कुछ समय से गैर हिन्दुओं के प्रवेश पर रोक की मांग की जा रही थी.

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हाल ही में कुछ युवक अरबी शेख जैसे कपड़े पहनकर क्षेत्र में घूमते हुए दिखे थे. लोगों ने उनसे पूछताछ की तो युवकों ने बताया कि वह हिन्दू हैं. उन्होंने रील बनाने के लिए भेष बदला था. इस पर काफी विवाद हुआ था. स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे लोग भेष बदलकर वहां का माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं. इसके बाद लगातार क्षेत्र में गैर हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगाने की मांग की जा रही थी.

गंगा सभा ने लगवाए पोस्टर

गंगा किनारे के घाटों की व्यवस्था देखने वाली गंगा सभा ने भी सरकार और प्रशासन से इसकी मांग की थी. अब वहां पर गैर हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगाने वाले पोस्टर लगा दिए गए हैं. दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक यह पोस्टर गंगा सभा ने ही लगवाए हैं. सभा के अध्यक्ष नितिन गौतम का कहना है कि हरिद्वार के 1916 के म्यूनिसिपल एक्ट के तहत ऐसा किया गया है. नितिन गौतम ने भास्कर से बात करते हुए कहा,

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कानून की जानकारी सभी को होनी चाहिए. किस क्षेत्र में क्या नियम लागू हैं, यह जानना हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है. इसी उद्देश्य से हर की पौड़ी क्षेत्र में ऐसे पोस्टर लगाए गए हैं, ताकि नियमों को लेकर किसी तरह का भ्रम न रहे.

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(Photo: Lallantop/Social Media)
1916 के नियमों का दिया हवाला

नितिन गौतम ने बताया कि यह कोई नई पहल नहीं है. 1916 के म्यूनिसिपल बायलॉज के तहत यह जानकारी सार्वजनिक की गई है. उन्होंने कहा कि क्षेत्र की स्वच्छता, मान-मर्यादा को ध्यान में रखते हुए यहां पर सूचना पट लगाई गई हैं. कुछ दिन पहले जो घटनाएं घटी उसने पूरे सनातन जगत को एक बार फिर हिलाया. मुझे लगा कि उन बच्चों को, भी जो रील बनाने के चक्कर में यहां अरब शेखों के कपड़ों में आए थे, उन्हें अगर इस कानून की जानकारी होती तो शायद वह ऐसा नहीं करते.

भास्कर के मुताबिक अब हर की पौड़ी क्षेत्र में गैर हिंदुओं की चेकिंग की जा रही है. घाट के किनारे दुकान या ठेका लगाने वालों के आधार कार्ड चेक किए जा रहे हैं. स्थानीय लोग इसे गंगा सभा की ओर से शुरू किया गया जांच अभियान बता रहे हैं. घाटों पर मौजूद पुरोहितों और साधु-संतों का कहना है कि यह सख्ती जरूरी है. कुछ लोग पैसे कमाने की आड़ में श्रद्धालुओं की आस्था को ठेस पहुंचाने वाले काम कर रहे थे, जिससे विवाद और झगड़े की स्थिति बनती रही.

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कुंभ क्षेत्र में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगाने वाले पोस्टर पर विवाद भी शुरू हो गया है. समाजवादी पार्टी के नेता एस टी हसन ने कहा है कि उन्हें पहले संविधान बदलना चाहिए. यह देश सबके लिए है, सिर्फ़ एक खास समुदाय के लिए नहीं. यह किसी की निजी संपत्ति नहीं है. उन्होंने कहा कि संविधान के अनुसार, कोई भी भारतीय देश में एक जगह से दूसरी जगह जा सकता है. अगर कोई अपराध करता है, तो कानून कार्रवाई करेगा. ऐसी बातों को रोका जाना चाहिए और इन पर पाबंदी लगानी चाहिए. वे हमारे समाज में नफरत फैला रहे हैं. 

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