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गूगल मैप की कार कानपुर में सर्वे कर रही थी, लोगों ने समझा चोरों की टीम, बहुत मारा

Kanpur News: गाड़ी के ऊपर लगे मूविंग कैमरे को देखकर लोगों को संदेह हुआ कि ये लोग दिन में इलाके की रेकी कर रहे हैं और रात में चोरी को अंजाम देंगे. इसके बाद उन्होंने एक न सुनी और पीटने लगे. फिर मामला पहुंचा थाने.

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पुलिस ने दोनों पक्षों से बातकर मामला शांत कराया. (तस्वीर: इंडिया टुडे)
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रंजय सिंह

उत्तर प्रदेश के कानपुर (Kanpur) के कुछ गांवों में लोगों के बीच चोरों के एक गिरोह की चर्चा थी. दरअसल, स्थानीय लोगों ने इलाके में कुछ नए लोगों को घूमते देखा. ग्रामीणों को उनकी गतिविधियां संदिग्ध लगीं. उन्होंने आशंका जताई कि चोरों का एक समूह आसपास के इलाकों में सक्रिय है और चोरी के मौके तलाश रहा है. लिहाजा गांव वाले भी सतर्क हो गए. 

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मामला साढ़ थाना क्षेत्र का है. ग्रामीणों ने संदेह के आधार पर कुछ लोगों के समूह को घेर लिया और फिर उनके साथ मारपीट शुरू कर दी. बाद में पुलिस को सूचना दी गई. पुलिस की एक टीम मौके पर पहुंची और मामले को शांत कराया. लेकिन जब उन्होंने बाहर से आए लोगों से बातचीत की, तब पता चला कि वो चोरों का कोई समूह नहीं था और न ही वो वहां चोरी के इरादे से पहुंचे थे. बल्कि वो तो अपना काम कर रहे थे.

दरअसल, वो लोग गूगल मैप की टीम से थे और वहां गांव की गलियों के सर्वे के लिए पहुंचे थे. उनकी गाड़ी पर लगे मूविंग कैमरे को देखकर लोगों को संदेह हुआ कि ये लोग दिन में इलाके की रेकी कर रहे हैं और रात में चोरी को अंजाम देंगे. 28 अगस्त को उनकी गाड़ी जैसे ही गांव में घुसी, लोगों ने उसे रोक लिया. आरोप है कि कुछ लोगों ने गूगल मैप की टीम के साथ मारपीट की.

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Google Map Vehicle in Kanpur
इसी गाड़ी को देखकर लोगों को संदेह हुआ.

तनाव बढ़ा तो पुलिस ग्रामीणों और गूगल मैप की टीम को थाने ले गई. गूगल टीम के इंचार्ज संदीप ने पुलिस को बताया कि ये विवाद गलतफहमी के कारण हुआ है. उनके पास केंद्र और राज्य, दोनों स्तर पर सर्वे करने के लिए परमिट है. लेकिन स्थानीय लोगों ने कागजात देखने से पहले ही उन पर हमला कर दिया. संदीप ने बताया कि ग्रामीण अगर पहले उनसे बात कर लेते तो स्थिति नहीं बिगड़ती.

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एसीपी कृष्णकांत यादव ने कहा कि पुलिस ने दोनों पक्षों से बातचीत कर मामला शांत कराया. उन्होंने बताया कि गूगल मैप की टीम बिना सूचना दिए ही गांव का सर्वे कर रही थी. इसी कारण से गांव वालों को संदेह हुआ और उन्होंने टीम को रोक लिया. गूगल टीम ने किसी भी तरह की लिखित शिकायत दर्ज कराने से इनकार कर दिया है.

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पुलिस ने गूगल टीम को सलाह दी कि भविष्य में अगर उन्हें सर्वे करना हो, तो वो पहले से स्थानीय पुलिस और ग्राम प्रधान को इसकी जानकारी दे दें. ताकि कोई भ्रम न फैले.

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