भारत-पाकिस्तान के बीच सीजफायर की घोषणा के बाद विदेश सचिव विक्रम मिस्री के खिलाफ सोशल मीडिया पर बवाल मच गया है. विक्रम मिस्री ऑपरेशन सिंदूर की जानकारी देने के लिए कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह के साथ मीडिया के सामने आते थे. लेकिन अब ट्रोल्स ने उन्हें निशाना बनाना शुरू कर दिया है. उन्होंने कथित तौर पर इसी वजह से अपने एक्स अकाउंट पर ताला लगा दिया है.
सीजफायर के बाद विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने लगाया X अकाउंट पर ताला, वजह ये है?
विदेश सचिव Vikram Misri ने कथित तौर पर अपना X अकाउंट लॉक कर दिया है. India-Pakistan के बीच Ceasefire के बाद से सोशल मीडिया पर उन्हें निशाना बनाया जा रहा था. अब उनके एक्स अकाउंट में क्या बदलाव हुआ है?


यहां ताला लगाने का मतलब एक्स अकाउंट को प्रोटेक्ट करना है. दरअसल, जब कोई शख्स अपना एक्स अकाउंट प्रोटेक्ट करता है, तो केवल वही लोग उसके पोस्ट देख सकते हैं जिन्हें वो खुद फॉलो करता है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ट्रोल्स मिस्री के खिलाफ गाली-गलौज और आपत्तिजनक टिप्पणियां कर रहे हैं. विक्रम मिस्री के परिवार को भी इस विवाद में घसीटा गया है.
इस बीच विदेश सचिव ने अपने एक्स अकाउंट (@VikramMisri) की प्राइवेसी सेटिंग्स बदलते हुए प्रोटेक्ट कर लिया है. इसका मतलब ये है कि अब केवल उनके फॉलोवर्स ही उनके पोस्ट देख सकते हैं. अटकलें लग रही हैं कि ट्रोल्स से परेशान हो कर मिस्री ने एक्स अकाउंट को प्रोटेक्ट किया है. सोशल मीडिया पर उनकी बेटी तक का फोन नंबर शेयर करने की खबर है. उनके पुराने ट्वीट्स को खंगालते हुए उनकी आलोचना की जा रही है.

विक्रम मिस्री और उनके परिवार के खिलाफ इतनी घिनौनी भाषा का इस्तेमाल किया कि हम यहां कुछ दिखा नहीं सकते. घटिया ट्रोलिंग के बावजूद, कई लोग मिस्री के समर्थन में भी उतरे हैं. ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के अध्यक्ष और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने उनका सपोर्ट करते हुए लिखा,
“श्री विक्रम मिसरी एक सभ्य और ईमानदार मेहनती राजनयिक हैं जो हमारे देश के लिए बिना थके काम कर रहे हैं. यह याद रखना चाहिए कि हमारे सिविल सर्वेंट कार्यपालिका के अधीन काम करते हैं, और उन्हें कार्यपालिका या वतन-ए-अजीज (देश) चलाने वाले किसी भी राजनीतिक नेतृत्व के लिए फैसलों के लिए दोषी नहीं ठहराया जाना चाहिए.”
वहीं, कांग्रेस की केरल यूनिट ने एक्स पर कहा,
"पिछले हफ्ते मोदी भक्तों ने एक सैनिक और अधिकारी की विधवा सुश्री हिमांशी नरवाल के खिलाफ एक क्रूर चरित्र हनन अभियान चलाया, सिर्फ इसलिए क्योंकि उन्होंने "ना नफरत, ना हिंसा" करने की अपील की थी. अब वे विदेश सचिव विक्रम मिस्री को निशाना बना रहे हैं, जैसे कि उन्होंने मोदी, अमित शाह, राजनाथ सिंह या जयशंकर नहीं, बल्कि एकतरफा युद्धविराम का फैसला किया हो."
केरल कांग्रेस ने आगे कहा,
"उनके परिवार को घिनौनी गालियां दी जा रही हैं, जिससे विक्रम मिस्री को अपने ट्वीट को प्रोटेक्ट करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है. ये मोदी भक्त अपने 'भगवान' को जवाबदेह ठहराने के लिए खुद को तैयार नहीं कर पा रहे हैं, इसलिए वे इसके बजाय हर किसी पर हमला कर रहे हैं."
इससे पहले शहीद नौसेना अधिकारी लेफ्टिनेंट विनय नरवाल की पत्नी हिमांशी नरवाल ने देश में नफरत ना फैलाने की अपील की थी, जिसके बाद उन्हें भी बुरी तरह ट्रोल किया गया.
वीडियो: पाकिस्तान सीजफायर उल्लंघन पर भारत के 2 पूर्व सेना प्रमुख ने क्या कहा?











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