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कई शहरों में पारा 45 डिग्री पहुंचा, जानें इतना ज्यादा तापमान शरीर पर कैसे असर डालेगा

HeatWave Alert : देश के कई हिस्सों में तापमान 45 डिग्री के पार पहुंच चुका है. यूपी का बांदा लगातार चौथे दिन 48 डिग्री तापमान के साथ सबसे गर्म इलाका रहा. डॉक्टरों का कहना है कि लगातार बढ़ता तापमान शरीर के कई अंगों पर बुरा असर डाल सकता है. कई लोगों को एहतियात बरतने की अल्लाह

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देश के कई हिस्सों में तापमान 45 डिग्री के पार (फोटो - ANI)

देश में 45 डिग्री के ऊपर पहुंचती गर्मी अब सिर्फ लोगों को परेशान नहीं कर रही, बल्कि शरीर पर उसके असर को लेकर चिंता भी बढ़ा रही है. देश के कई हिस्सों में लोग तेज धूप, गर्म हवाओं और उमस से बेहाल हैं. डॉक्टरों का कहना है कि लगातार बढ़ता तापमान शरीर के कई अंगों पर असर डाल सकता है. दिमाग से लेकर दिल, स्किन और पाचन तंत्र तक, अत्यधिक गर्मी शरीर को अंदर तक प्रभावित कर सकती है. मौसम विभाग (IMD) ने आने वाले दिनों में कई राज्यों में भीषण हीटवेव की चेतावनी दी है, जबकि WHO ने भी लोगों को गर्मी से बचाव के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी है.

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35 डिग्री के बाद शरीर पर क्या असर होता है?

फर्स्टपोस्ट की एक रिपोर्ट के मुताबिक 35 डिग्री सेल्सियस के बाद शरीर पर गर्मी का असर तेजी से दिखने लगता है. यूनिवर्सिटी ऑफ रोहैम्पटन के विशेषज्ञों के अनुसार, तापमान के बढ़ने पर सांस तेज चलने लगती है और दिल की धड़कन बढ़ जाती है. करीब 40 डिग्री तापमान पर शरीर खुद को ठंडा रखने के लिए सामान्य से लगभग 35 प्रतिशत ज्यादा ऊर्जा खर्च करता है.

डायबिटीज और किडनी रोग बोले बचकर रहें!

स्पर्श हॉस्पिटल की डॉक्टर निवेदिता आलोक स्वामी इंडिया टुडे को बताती हैं कि अत्यधिक गर्मी से हीट रैश, मांसपेशियों में ऐंठन, गंभीर डिहाइड्रेशन और हीटस्ट्रोक जैसी समस्याएं हो सकती हैं. उन्होंने बताया कि डायबिटीज और किडनी रोग से पीड़ित लोगों में इसका खतरा ज्यादा होता है.

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किडनी रोग से पीड़ित लोगों को खतरा ज्यादा (फोटो- आज तक)
स्किन पर भी पड़ रहा असर

मुंबई की डर्मेटोलॉजिस्ट डॉक्टर ऋचा जोतवानी के मुताबिक, तेज धूप और UV किरणें स्किन को तेजी से नुकसान पहुंचा सकती हैं. इससे स्किन की बाहरी परत कमजोर हो सकती है और बैक्टीरियल या फंगल संक्रमण, घमौरियां और मुंहासों जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं.

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UV किरणें त्वचा की बाहरी परत कमजोर करती हैं (फोटो - आज तक )
पाचन तंत्र और मानसिक स्वास्थ्य पर असर

विशेषज्ञों का कहना है कि अत्यधिक गर्मी पाचन तंत्र और मानसिक स्वास्थ्य को भी प्रभावित कर सकती है. यूनिवर्सिटी ऑफ ओरेगन के प्रोफेसर क्रिस्टोफर मिन्सन के मुताबिक, गर्मी में शरीर स्किन की ओर ज्यादा खून भेजता है, जिससे पाचन तंत्र तक कम खून पहुंचता है. इससे भोजन पचाने में दिक्कत, एसिडिटी और पेट से जुड़ी परेशानियां बढ़ सकती हैं.

डॉक्टर राहुल रतन बागले ने कहा कि लगातार गर्मी के कारण नींद प्रभावित होती है, चिड़चिड़ापन बढ़ता है और चिंता या तनाव जैसी समस्याएं भी बढ़ सकती हैं. बढ़ती हीटवेव और स्वास्थ्य पर उसके असर को देखते हुए WHO ने भी लोगों के लिए कुछ जरूरी गाइडलाइन जारी की हैं, ताकि लोग अत्यधिक गर्मी से खुद को सुरक्षित रख सकें.

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लगातार गर्मी से चिड़चिड़ापन और नींद न आने की समस्या (फोटो- आज तक)
WHO की गाइडलाइन:- 

1. रात में खिड़कियां खुली रखें और दिन में धूप रोकने के लिए कपड़े या पर्दे का इस्तमाल करें.

2. घर के अंदर गर्मी कम रखने के लिए गैर-जरूरी इलेक्ट्रॉनिक चीजें बंद रखें.

3. WHO के अनुसार, 40 डिग्री सेल्सियस से कम तापमान में पंखे ज्यादा असरदार होते हैं, जबकि AC को 27 डिग्री पर चलाकर उसके साथ पंखा इस्तेमाल करने से कमरा ज्यादा ठंडा महसूस होगा और बिजली की खपत भी कम होगी.

4. रोजाना 2 से 3 लीटर पानी पियें और ज्यादा फल-सब्जियां खाएं.

5. शरीर में पानी की कमी बढ़ाने वाली चीजें जैसे- अल्कोहल, चाय और कॉफी आदि से दूर रहें.

6. घर से बाहर निकलते समय ORS और पानी साथ रखने तथा हर दो घंटे में शरीर को हाइड्रेट करें.

7. हल्के रंग के ढीले कपड़े पहनें ताकि शरीर पर गर्मी का असर कम हो.

8. बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों की सेहत पर विशेष नजर रखें.

(ये खबर हमारे यहां इंटर्नशिप कर रहे कुमार ऋषभ ने लिखी है)

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