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दिल्ली में सेप्टिक टैंक की सफाई के लिए उतरे 3 मजदूर, तीनों की मौत

Delhi Septic tank three workers die: पश्चिमी दिल्ली के मुंडका में सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान तीन मजदूरों की मौत हो गई. बताया गया कि मजदूरों का सेप्टिक टैंक में जमा जहरीली गैस के कारण दम घुट गया. पुलिस आगे मामले की जांच कर रही है.

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तीनों मजदूरों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए गए हैं. (फोटो-ANI)

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  • पश्चिमी दिल्ली के मुंडका इंडस्ट्रियल एरिया में एक सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान जहरीली गैस के कारण तीन मजदूरों की मौत हो गई, जिनकी पहचान अरुण, संदीप और चांद के रूप में हुई।
  • मृत्यु का कारण सेप्टिक टैंक में जमा जहरीली गैस है, और घटना की जांच इस बात के लिए हो रही है कि सुरक्षा नियमों का पालन किया गया था या नहीं।
  • मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम कर जांच जारी है, और यदि लापरवाही पाई गई तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।

पश्चिमी दिल्ली के मुंडका इंडस्ट्रियल इलाके में सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान तीन मजदूरों की मौत हो गई. शुरुआती जांच में सामने आया कि सेप्टिक टैंक में जमा जहरीली गैस के कारण मजदूरों का दम घुट गया. मामले की जांच की जा रही है. मृतकों की पहचान अरुण (38), संदीप (32) और चांद (42) के तौर पर हुई है. तीनों सुल्तानपुरी के इंदिरा झील इलाके के रहने वाले थे. घटना ज्वालापुरी इलाके की फैक्ट्री नंबर 93/8 में 26 जून, शुक्रवार को हुई. 

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हादसे की सूचना मिलने पर दिल्ली अग्निशमन सेवा (DFS), पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं. बचाव अभियान शुरू किया लेकिन जब तक मजदूरों को बाहर निकाला गया, तब तक काफी देर हो गई थी. जहरीली गैस उनके शरीर में फैल चुकी थी. दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक, फायर डिपार्टमेंट को घटना की सूचना दोपहर करीब 12:30 बजे मिली थी. कहा गया कि मुंडका इंडस्ट्रियल एरिया स्थित एक फैक्ट्री में सेप्टिक टैंक में कुछ लोग फंस गए हैं. सूचना मिलते ही दो वाटर टेंडर घटनास्थल के लिए भेजे गए.

रास्ते में जब ट्रैफिक की जानकारी मिली तो टिकरी फायर स्टेशन से एक्स्ट्रा वाटर टेंडर भेजा गया ताकि रेस्क्यू ऑपरेशन में देरी न हो. फायर डिपार्टमेंट ने मौके पर पहुंचकर स्थानीय प्रशासन और पुलिस की मदद से मजदूरों को बाहर निकालने का काम शुरू किया. रस्सी से टैंक में उतरे. एक-एक कर मजदूरों को बाहर निकाला. लेकिन जांच के बाद डॉक्टर्स ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. फैक्ट्री प्रबंधन से पूछताछ जारी है. 

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जांच की जा रही है कि सफाई के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन करने में कोई लापरवाही बरती गई या नहीं? मजदूरों को आवश्यक सेफ्टी टूल्स दिए गए या नहीं? मामले में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई होगी.

सेप्टिक टैंक का पहला मामला नहीं

इससे पहले ओडिशा के कालाहांडी जिले में एक निर्माणाधीन सेप्टिक टैंक के अंदर फंसने से कम से कम 6 लोगों की मौत हो गई थी. बताया गया कि सभी की मौत जहरीली गैस से दम घुटने की वजह से हुई. मरने वालों में पिता-पुत्र की भी जोड़ी थी.

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वहीं, छत्तीसगढ़ के रायपुर में सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान तीन मजदूरों की मौत हो गई थी. ये तीन लोग उन 10 लोगों के ग्रुप का हिस्सा थे, जिन्होंने एक अस्पताल के सेप्टिक टैंक की सफाई का काम अपने हाथ में लिया था. इसके लिए उन्हें 7,000 रुपये मिलने थे. लेकिन उन तीनों में से कोई भी मैनहोल से जिंदा बाहर नहीं निकला. वह सभी नगर पालिका के साथ कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले सफाईकर्मी थे.

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