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दिल्ली की रोहिणी सेंट्रल जेल में अंडर ट्रायल कैदी की निर्मम हत्या

Delhi Rohini jail prisoner murder: दिल्ली की रोहिणी स्थित सेंट्रल जेल नंबर-10 में एक कैदी की हत्या कर दी गई. कैदी न्यायित हिरासत में जेल की बैरक नंबर-203 में बंद था.

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मृतक की पहचान प्रदीप उर्फ मोहिंदर के रूप में हुई है. (कर्टसी-इंडिया टुडे)

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  • दिल्ली की रोहिणी सेंट्रल जेल में अंडर ट्रायल कैदी प्रदीप की हत्या जेल के दो अन्य कैदियों भोला और मुकेश ने धारदार हथियार से की, जिन्हें इस मामले में आरोपी बनाया गया है।
  • प्रदीप कथित तौर पर जेल के अंदर तंबाकू बेचता था, इसी कारण उसके और अन्य कैदियों के बीच विवाद हुआ, जो हत्या की घटना का मुख्य कारण माना जा रहा है।
  • हत्या के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर CCTV फुटेज और आरोपियों के हथियारों के स्रोत की जांच कर रही है, साथ ही घटना की तफ्तीश के लिए मामला दर्ज किया गया है।

दिल्ली की रोहिणी स्थित सेंट्रल जेल में एक अंडर ट्रायल कैदी की हत्या कर दी गई. मृतक की पहचान 31 वर्षीय प्रदीप उर्फ मोहिंदर के रूप में हुई है. जेल के दो अन्य कैदियों पर उनके मर्डर का आरोप लगा है. बताया गया कि आरोपियों ने उस पर धारदार हथियार से वार किया गया. घटना के बाद उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टर्स ने उसे मृत घोषित कर दिया.

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आरोपियों की पहचान भोला और मुकेश के रूप में हुई है. समयपुर बादली थाने में हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. शुरुआती जानकारी में पता लगा है कि प्रदीप जेल के अंदर कथित तौर पर तंबाकू बेचता था. इसी बात पर उनके बीच विवाद हुआ और घटना को अंजाम दिया गया. मृतक पिछले करीब ढाई साल से जेल में बंद था.

मृतक की बहन ने क्या आरोप लगाए?  

इंडिया टुडे से जुड़े अरविंद ओझा की रिपोर्ट के मुताबिक, यह घटना सोमवार, 21 सितंबर की दोपहर करीब 12 बजे हुई. मृतक प्रदीप आर्म्स एक्ट के तहत सेंट्रल जेल नंबर 10 की बैरक 203 में न्यायिक हिरासत में बंद था. 

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जांच के दौरान पता लगा कि प्रदीप अपने बैरक की तरफ लौट रहा था. तभी कथित तौर पर भोला और मुकेश ने उस पर हथियार से हमला कर दिया. अटैक में उसकी गर्दन पर गंभीर चोट आई. इलाज के लिए उसे बीएसए अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत बता दिया.

परिजनों का आरोप है कि चार लोगों ने मिलकर कैदी की हत्या की. मृतक प्रदीप की बहन ने आरोप लगाया कि घटना के तुरंत बाद अस्पताल नहीं ले जाया गया. पुलिस वाले आधे घंटे बाद उसे हॉस्पिटल लेकर गए थे. उन्हें भी भाई से मिलने नहीं दिया गया. आरोप लगाया कि भाई से मिलने के लिए कहा, तो उनसे 2 लाख रुपये मांगे गए. 

उन्होंने बताया कि जैसे ही उनका दूसरा भाई मृतक से मिलकर आया, वैसे ही पता लगा कि चाकू से मार दिया.

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पुलिस ने जांच की शुरू

घटना की सूचना मिलने के बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और समयपुर बादली थाने के SHO सेंट्रल जेल और अस्पताल गए. पुलिस ने मृतक की एमएलसी हासिल करने के साथ जेल में लगे CCTV कैमरों की फुटेज भी खंगाली है.

पुलिस दोनों हमलावर कैदियों की भूमिका और हत्या के पीछे की वजह की जांच कर रही है. यह भी जांच की जाएगी की कैदियों के पास हथियार कैसे पहुंचा. 

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