कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के हिरासत में लिए नेता रिहा कर दिए गए हैं. 10 अक्टूबर को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रोटेस्ट शुरू होने से पहले ही अभिजीत दिपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को फ्लाइट से ही हिरासत में ले लिया गया था. रिहाई के बाद सौरव दास ने बताया कि उन्हें डिटेन में लिए जाने के बाद पुलिस ने उनके साथ क्या-क्या किया? सौरव दास ने ऐलान किया कि ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रोटेस्ट जारी रहेगा. सरकार उनकी बात नहीं सुन रही है इसलिए अब वो इस प्रदर्शन को दिल्ली से बाहर पूरे देश में लेकर जाएंगे.
कॉकरोच जनता पार्टी के नेता छूटे, अब प्रोटेस्ट का क्या होगा? सौरव दास ने सब बताया
CJP प्रवक्ता सौरव दास ने दिल्ली पुलिस पर विमान के अंदर हिरासत में लेने, फोन जब्त करने और वकीलों से संपर्क नहीं करने देने का आरोप लगाया. उन्होंने फोन से संभावित छेड़छाड़ की आशंका जताते हुए देशभर में आंदोलन का ऐलान किया.

सीजेपी के अगले कदम के बारे में सौरव दास ने इतना ही बताया. इस दौरान उन्होंने दिल्ली पुलिस पर कई गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि हिरासत में लेने के दौरान न तो उन्हें जरूरी कागज दिए गए और न ही अपने वकीलों से बात करने की इजाजत मिली. सौरव ने आरोप लगाया कि सरकार चाहती तो उनकी समस्याओं पर बात कर सकती थी लेकिन ऐसा करने के बजाय उन लोगों के खिलाफ ही कार्रवाई की जा रही है. उन्होंने कहा कि हिरासत में लिए जाने के दौरान उनके फोन जब्त कर लिए गए और कई फ्रीलांस पत्रकारों के साथ बदसलूकी की गई.
विमान में ही हिरासत में लियाहिरासत की कहानी बताते हुए सौरव दास ने कहा कि दिल्ली पहुंचने के बाद पुलिसकर्मी विमान के अंदर आ गए और उन्हें हिरासत में ले लिया. उन्होंने सवाल किया कि जब सरकार उनकी शिकायतों पर बातचीत कर सकती थी, तो ऐसा करने के बजाय उन्हें हिरासत में क्यों लिया गया?
सौरव ने आरोप लगाया कि हिरासत में लेने के बाद पुलिस ने उनके फोन जब्त कर लिए लेकिन उन्हें जब्ती से जुड़ा कोई मेमो या कागज नहीं दिया गया. उन्होंने यह भी कहा कि फोन की हैश वैल्यू जैसी तकनीकी जानकारी उन्हें नहीं दी गई. उन्होंने आशंका जताई कि उनके फोन से छेड़छाड़ की गई हो सकती है. फोन हैक किए जाने, क्लोन किए जाने या उसमें कुछ डाले जाने की आशंका भी उन्होंने जाहिर की है. हालांकि, फोन से ऐसी किसी छेड़छाड़ का कोई सबूत उन्होंने पेश नहीं किया.
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हिरासत में वकीलों से नहीं मिलने दियासौरव दास के मुताबिक, जब वो हिरासत में थे, तब उन्हें अपने वकीलों से संपर्क नहीं करने दिया. उनके मुताबिक, पुलिस ने कहा कि हिरासत में रहने के दौरान व्यक्ति अपने कानूनी अधिकार खो देता है. उन्होंने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) की भूमिका पर भी सवाल उठाए. उसने पूछा कि आयोग इस मामले में क्या कर रहा है.
CJP प्रवक्ता ने दावा किया कि CJP संगठन के वालंटियर्स को हिरासत में प्रताड़ित किया जा रहा है. इसके अलावा उन्होंने इंडिपेंडेंट पत्रकारों के साथ कथित दुर्व्यवहार का मुद्दा भी उठाया. सौरव ने सवाल किया कि क्या पत्रकारिता करना अपराध है? उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इंडिपेंडेंट पत्रकारों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है.
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