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ज्यादा पैसे के लिए छोड़ी नौकरी, लेकिन 'सॉरी मेल' लिख जीत लिया सबका दिल

एक शख्स ने Indian Startup से मिला ऑफर ठुकराकर अमेरिकी remote job ले लिया. लेकिन उसके बाद जो किया उसकी सोशल मीडिया पर जमकर तारीफ हो रही है. टेकी ने ईमानदारी से पूरी स्थिति बताई और अपना पक्ष समझाया.

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एक शख्स ने कंपनी का ऑफर ठुकराने के बाद ईमेल पर माफ़ी मांगी. (सांकेतिक फोटो-AI)

एक शख्स के पास दो ऑप्शन थे- एक इंडियन स्टार्टअप में जॉब (Indian Startups), दूसरा एक अमेरिकी कंपनी में रिमोट जॉब. शख्स ने अमेरिकी कंपनी में आराम से घर से काम करना चुना. क्यों? बहुत इजी गेस है- ज्यादा पैसा और ज्यादा आराम. दोनों कंपनी की सैलरी में 8 लाख का अंतर था. लेकिन उसके बाद जो किया उसकी सोशल मीडिया पर खूब तारीफ हो रही है. उसने इंडियन स्टार्टअप को एक ईमेल लिखा और जॉब एक्सेप्ट न कर पाने के लिए 'सॉरी' कहा.

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सच्चाई से कही गई बात कंपनी के मालिक तक पहुंची. इंडियन स्टार्टअप वंशीव टेक्नोलॉजी (Vanshiv Technologies) के मालिक गौरव खेतरपाल ने X पर पोस्ट कर इसके बारे में बताया. उन्होंने लिखा, 

‘जो कैंडिडेट सच बोलना जानते हैं वे हमेशा मालिकों के प्रिय होते हैं. तब भी जब वे उनकी कंपनी जॉइन नहीं करते. आज ही मुझे एक कैंडिडेट का मेल आया है. उन्होंने दो महीने पहले वंशीव टेक्नोलॉजी में अप्लाई किया था. लेकिन उन्हें कहीं और ज्यादा पैसा मिल रहा था इसलिए उन्होंने हमारी कंपनी ज्वाइन नहीं की.’

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स्टार्टअप के मालिक ने ये माना कि इंडियन स्टार्टअप कंपनी कभी उतनी सैलरी नहीं दे पाती जितनी उन्हें अमेरिकी कंपनी दे रही थी. उन्होंने बताया कि शख्स ने बहुत साफ़गोई से अपनी बात रखी. उन्हें उम्मीद है कि इंडस्ट्री में ऐसे और भी लोग होने चाहिए.

मेल में जो लिखा उसने जीता सबका दिल 

अपने मेल के सब्जेक्ट में शख्स ने लिखा- ‘एक कठिन फैसला’. शख्स ने लिखा कि उन्हें वंशीव टेक्नोलॉजी में जॉब ठुकराने के बाद उलझन महसूस हो रही थी. वे इस बात से परेशान थे कि वे अपना किया हुआ वादा निभा नहीं पाए. उन्होंने बताया कि जब स्टार्टअप में अप्लाई किया था तभी उन्हें अमेरिकी कंपनी से जॉब ऑफर आ गया. चूंकि अमेरिकी कंपनी 8 लाख ज्यादा दे रही थी इसलिए उन्होंने वो जॉब चुन ली. ये साफ किया कि उन्होंने फिनेंशियल स्टेबिलिटी की वजह से जॉब ऑफर एक्सेप्ट नहीं किया. इसके पीछे कोई दूसरी वजह नहीं है. 

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शख्स ने गौरव खेतरपाल को लिखा ईमेल.
सोशल  मीडिया रिएक्शन

गौरव खेतरपाल के पोस्ट पर राजेश नाम के एक यूजर ने अपना किस्सा सुनाया. उन्होंने लिखा, 

‘वाह! 2016 में मैंने भी एक स्टार्टअप जॉइन करने के लिए दो सेल्स कंपनियों का ऑफर ठुकराया था. बाद में मैंने उन्हें हाथ से पात्र लिखकर दिया था. हम आज भी व्हाट्सऐप पर जुड़े हैं.’

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X पर यूजर का कमेंट. 

एक और प्रवीन नाम के यूजर ने शख्स के इस काम को सराहा और सच बोलने की हिम्मत पर दाद भी दी. 

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X पर दूसरे यूजर का कमेंट. 

भारत में सरकार के ‘स्टार्टअप इंडिया इनिशिएटिव’ के तहत कुल 7,33,328 DPIIT स्टार्टअप हब हैं. डिपार्टमेंट फॉर प्रमोशन ऑफ़ इंडस्ट्री एंड इंटरनल ट्रेड (DPIIT) के तहत रेजिस्टर्ड स्टार्टअप सरकार द्वारा फंडिंग के लिए योग्य होते हैं.  

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