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'वो स्कॉर्पियो एक बाइक घसीट रही थी', द्वारका हादसे में जिंदा बचे ड्राइवर ने सब बताया

Dwarka accident Cab driver: दिल्ली के द्वारका में एक SUV की टक्कर से 23 साल के साहिल की मौत हो गई. इस घटना में 55 साल के कैब ड्राइवर अजीत सिंह बुरी तरह घायल हो गए थे. उन्होंने उस दिन की घटना के बारे में बात की है.

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कैब ड्राइवर अजीत सिंह कार में लंच कर रहे थे. (फोटो- इंडिया टुडे और पीटीआई)

दिल्ली के द्वारका में एक SUV की टक्कर ने 23 साल के साहिल धनशेरा की जान ले ली. इसी हादसे में एक कैब ड्राइवर भी बुरी तरह घायल हो गया. नाम है अजीत सिंह, जिन्हें इस एक्सीडेंट ने बैड पर पड़े रहने के लिए मजबूर कर दिया है. 

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अजीत सिंह कम से कम 6 महीने तक कैब नहीं चला सकते. वो घर पर कमाने वाले एक ही व्यक्ति हैं. उनका ये भी कहना है कि साहिल धनशेरा की मां के मुकाबले उनका दर्द कुछ नहीं है.

55 साल के अजीत सिंह ने इंडियन एक्सप्रेस से घटना के बारे में बात करते हुए कहा,

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“मैंने एक पैसेंजर को छोड़ा था. लंच ब्रेक के लिए मेरी कार लाल बहादुर शास्त्री कॉलेज के पास फुटपाथ के साइड में खड़ी की थी. मैंने बस अपना टिफिन खोला ही था कि मुझे एक चीखने की आवाज सुनाई दी. मैंने रियर व्यू मिरर में देखा कि एक काली Scorpio मेरी तरफ आ रही थी. वो गाड़ी अपने साथ एक बाइक भी घसीट रही थी. मैंने दरवाजे की तरफ हाथ बढ़ाने की कोशिश की. फिर एक धमाका हुआ और मेरे कान सुन्न पड़ गए.”

अजीत के मुताबिक, तेज रफ्तार SUV ने उन्हें टक्कर मारी और उनकी Swift Dzire बस से टकरा गई. कार के पिछले और अगले दोनों हिस्से डैमेज हो गए और वो बीच में फंस गए थे. उन्होंने बताया कि इसके बाद उन्हें सिर्फ ये याद है कि कुछ स्टूडेंट्स ने उन्हें कार से बाहर निकाला और ई-रिक्शा से इंदिरा गांधी हॉस्पिटल ले गए.

रिपोर्ट के मुताबिक, उनके सिर, पसलियों, रीढ़ की हड्डी, हाथों और पैरों में कई चोटें आई हैं. डॉक्टर्स ने उन्हें तीन महीने सिर्फ आराम करने के लिए कहा है. और 6 महीने तक कार चलाने के लिए मना किया है. कार ना चलाने की सलाह पर उन्होंने सवाल किया, "मैं अपने घर पर कमाने वाला सिर्फ एक ही शख्स हूं. तीन महीने आराम करने पर मैं खाना, दवाइयां, घर का किराया और रोजाना के खर्चे कैसे चलाऊंगा?

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अजीत ने आगे कहा, 

“मैं सरकार से क्या मांगू? उन्होंने (साहिल की मां) अपना इकलौता बेटा खो दिया. वह इस दुनिया में अकेली रह गई हैं. कम से कम मेरे पास मेरा परिवार है. मेरा सहारा है.”

अजीत सिंह 2004 से कैब चला रहे हैं. वे अपने परिवार के साथ द्वारका सेक्टर 19 में किराए के घर में रहते हैं. वे परिवार में अकेले कमाने वाले हैं. उनकी दो बेटियां हैं, जिनकी शादी हो चुकी है. एक बेटा है. वो पढ़ाई कर रहा है. ऐसे में उन्हें चिंता है कि घर का खर्च कैसे चलेगा.

वीडियो: Delhi Dwarka Accident: साहिल के दोस्त ने एक्सीडेंट के बारे में क्या बताया?

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