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रेप केस में तहलका के पूर्व एडिटर तरुण तेजपाल दोषी करार, बॉम्बे HC ने लोअर कोर्ट का फैसला पलटा

Tarun Tejpal case: तहलका मैगज़ीन के पूर्व एडिटर इन चीफ तरुण तेजपाल को बॉम्बे हाईकोर्ट ने रेप केस में दोषी करार दिया. कोर्ट ने सत्र अदालत के उस फैसले को पलट दिया है जिसमें उन्हें बरी कर दिया गया था. एक जूनियर महिला पत्रकार ने साल 2013 में रेप केस दर्ज किया था.

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2013 के रेप केस में तरुण तेजपाल दोषी. (फोटो-इंडिया टुडे)

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  • बॉम्बे हाईकोर्ट की गोवा बेंच ने 6 अगस्त को पत्रकार तरुण तेजपाल को IPC की धारा 376(2)(f), 376(2)(k), 354A और 354B के तहत रेप और यौन उत्पीड़न का दोषी करार दिया है।
  • ये मामला 2013 में गोवा में एक टेक्नोलॉजी फेस्ट के दौरान तेजपाल द्वारा एक जूनियर महिला पत्रकार के साथ जबरन यौन संबंध बनाने की कोशिश के आरोप की वजह से शुरू हुआ था।
  • गुणवत्तापूर्ण सजा की घोषणा अगली सुनवाई में की जाएगी, जबकि तेजपाल की ओर से नरमी बरतने और सुप्रीम कोर्ट में अपील करने की मांग की गई है।

बॉम्बे हाईकोर्ट की गोवा बेंच ने गुरुवार, 6 अगस्त को पत्रकार तरुण तेजपाल को रेप केस में दोषी करार दिया है. कोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को पलट दिया है. गोवा की लोअर कोर्ट ने तेजपाल को बरी कर दिया था. तरुण तेजपाल तहलका मैगज़ीन के पूर्व एडिटर इन चीफ थे. जूनियर महिला पत्रकार ने साल 2013 में रेप केस दर्ज किया था.

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लाइव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक, इस केस की सुनवाई जस्टिस नीला गोखले और जस्टिस अमित जमसांडेकर की पीठ कर रही थी. मापुसा की सत्र अदालत ने साल 2021 में तरुण को सभी आरोपों से बरी कर दिया था. जिसके बाद गोवा सरकार ने इस फैसले को हाई कोर्ट में चैलेंज किया था. अब कोर्ट ने तरुण को IPC की धारा 376(2)(f) और 376(2)(k) के तहत रेप और सेक्शुअल हैरेसमेंट (यौन उत्पीड़न) का दोषी माना है. साथ ही धारा 354 A और 354 B के तहत भी दोषी ठहराया है. 

तेजपाल ने क्या कहा?

कोर्ट में सुनवाई के दौरान तरुण तेजपाल ने नरमी बरतने की मांग की थी.  

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‘मैं 62 साल का हूं और मुझे लगता है कि मैं पीड़ित हूं. मेरी पत्नी है और मैं बस इतना कहना चाहता हूं कि नरमी बरतें.’

तरुण तेजपाल की ओर से पेश हुए वकील आबाद पोंडा ने भी कोर्ट से नरमी बरतने के लिए कहा. तर्क दिया कि केस करीब 13 साल पुराना है और अपील की कि आदेश को दो महीने के लिए टाल दिया जाए ताकि सुप्रीम कोर्ट में याचिका डालने का समय मिल सके. ये भी बताया कि तरुण के खिलाफ और कोई FIR दर्ज नहीं है. सज़ा का ऐलान अगली सुनवाई में होगा. 

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सरकार ने क्या तर्क दिया?

रिपोर्ट के मुताबिक, सॉलिसिटर जनरल ऑफ़ इंडिया तुषार मेहता स्टेट की तरफ से पेश हुए. उन्होंने तर्क दिया कि आरोपी ने अपनी बेटी की उम्र की लड़की के साथ अपराध को अंजाम दिया है. वो मना करती रही, लेकिन वो दो दिन तक उससे परेशान करता रहा. उन्होंने कहा कि ये बात साफ हो जानी चाहिए कि ‘ना का मतलब ना होता है’.

इस पूरे मामले की शुरुआत 7 नवंबर 2013 को गोवा में आयोजित THiNK Fest के दौरान हुई थी. आरोप के मुताबिक, कार्यक्रम में शामिल तहलका की एक जूनियर महिला पत्रकार के साथ होटल की लिफ्ट में तरुण तेजपाल ने जबरन यौन संबंध बनाने की कोशिश की थी.   

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