The Lallantop

क्या शहीद भगत सिंह का वीडियो स्कॉटलैंड में है? पंजाब सरकार ने मांग रखी है

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने ब्रिटेन की डिप्टी हाई कमिश्नर आल्बा स्मेरिलियो से आग्रह किया है कि वह शहीद भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के मुकदमे से जुड़ी मूल ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग और ऐतिहासिक दस्तावेज पंजाब लाने में उनकी मदद करें.

Advertisement
post-main-image
भगत सिंह से जुड़े वीडियो की मांग करते हुए भगवंत मान ने चिट्ठी लिखी है. (फाइल फोटो)

क्या शहीद भगत सिंह के मुकदमे की सुनवाई की वीडियो या ऑडियो रिकॉर्डिंग कराई जाती थी? ये सवाल इसलिए क्योंकि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने ब्रिटेन की डिप्टी हाई कमिश्नर आल्बा स्मेरिलियो को पत्र लिखकर मांग की है कि भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु के मुकदमे से जुड़ी मूल ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग और ऐतिहासिक दस्तावेज पंजाब को सौंपे जाएं. सीएम मान ने दावा किया है कि ये दुर्लभ दस्तावेज स्कॉटलैंड के किसी संग्रहालय में रखे गए हैं.

Add Lallantop as a Trusted Sourcegoogle-icon
Advertisement

भगवंत मान ने कहा कि ये दस्तावेज सिर्फ पंजाब के लोगों के लिए नहीं बल्कि दुनियाभर के इतिहास और ह्यूमन राइट विषय के शोधकर्ताओं के लिए ऐतिहासिक और भावनात्मक अहमियत रखते हैं. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, 9 जनवरी को आल्बा स्मेरिलियो को लिखी चिट्ठी में भगवंत मान ने लिखा, 

हमें जानकारी मिली है कि शहीद भगत सिंह, शहीद सुखदेव थापर और शहीद शिवराम हरि राजगुरु के ट्रायल से जुड़ी मूल ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग और दस्तावेज इस समय स्कॉटलैंड में संबंधित संस्थाओं के पास हैं. ये उस वक्त के कानूनी इतिहास से जुड़े रिकॉर्ड की देखरेख करने वाले किसी म्यूजियम या संस्था में सुरक्षित रखे गए हैं. पंजाब सरकार इन दस्तावेजों को शैक्षणिक अध्ययन, डिजिटल संरक्षण और आम जनता के प्रदर्शन के लिए हासिल करना चाहती है.

Advertisement

मान ने आगे लिखा कि भगत-सुखदेव और राजगुरु से जुड़ी इन ऐतिहासिक चीजों को पंजाब के शहीद भगत सिंह जिले के खटकर कलां में भगत सिंह हेरिटेज कॉम्प्लेक्स में प्रदर्शित किया जाएगा. खटकर कलां वो गांव है, जहां पर भगत सिंह का जन्म हुआ था.  

सीएम मान ने आल्बा स्मेरिलियो से आगे कहा कि अगर स्कॉटलैंड की संबंधित संस्थाओं से ये सारी सामग्री या उसकी प्रतियां दिलाने की प्रक्रिया बताने में उनकी मदद की जाए तो वह उनके आभारी रहेंगे. उन्होंने ये भी कहा कि इस पूरे काम के लिए उन्होंने पर्यटन विभाग को जिम्मेदारी दे दी है. वह स्कॉटलैंड की संबंधित संस्थाओं से समन्वय करने या प्रोसेस के तहत सभी तरह की कागजी कार्रवाइयों के लिए उपलब्ध रहेगा. सीएम ने इसके लिए पर्यटन विभाग के सचिव अभिनव त्रिखा को नोडल अधिकारी बनाया है.

भगवंत मान ने आखिर में लिखा कि अगर शहीदों से जुड़े दस्तावेज पंजाब को सौंपे जाते हैं तो यह साझा इतिहास, न्याय, त्याग और मानवीय गरिमा को सम्मान देने की दिशा में एक अहम पहल के रूप में याद किया जाएगा.

Advertisement

इंडियन एक्सप्रेस के सूत्रों ने बताया कि पंजाब सरकार को ये सूचना मिली थी कि स्कॉटलैंड में मुकदमों की वीडियो और ऑडियो रिकॉर्डिंग मौजूद है. हालांकि, ये पता नहीं चल पाया है कि पंजाब सरकार को ये सूचना कहां से मिली थी. साथ ही डिप्टी हाई कमिश्नर आल्बा स्मेरिलियो ने इस चिट्ठी पर क्या जवाब दिया है, इसकी भी जानकारी नहीं है.

पहले भी की थी मांग

भगवंत मान ने इससे पहले भी दिसंबर 2025 में भगत सिंह का दुर्लभ वीडियो फुटेज हासिल करने के लिए ब्रिटेन की कानूनी बिरादरी (Legal Fraternity) से मदद मांगी थी. 18 दिसंबर को मुख्यमंत्री आवास पर ‘बार काउंसिल ऑफ इंग्लैंड एंड वेल्स’ के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के दौरान उन्होंने कहा था कि भारत में भगत सिंह का कोई वीडियो रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है. उन्होंने यह भी कहा था कि जानकारी मिली है कि स्कॉटलैंड यार्ड के पास भगत सिंह की गिरफ्तारी और ट्रायल के समय का कोई दुर्लभ वीडियो फुटेज हो सकता है.

क्या कोर्ट की कार्यवाही रिकॉर्ड होती थी?

भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु पर लाहौर षड्यंत्र के तहत साल 1929 में मुकदमा चलाया गया था. इसमें तीनों पर ब्रिटिश पुलिस अधिकारी सांडर्स की हत्या और केंद्रीय विधानसभा में बम फेंकने का आरोप था. हालांकि, इतिहास खंगालने पर ऐसी कोई घटना नहीं मिलती, जिसमें साल 1930 तक दुनिया की किसी भी अदालत में कानूनी कार्यवाहियों का वीडियो या ऑडियो रिकॉर्डिंग किया जाता रहा हो. 

b
भगत सिंह, सुखदेव थापर, राजगुरु
सबसे पहली रिकॉर्डिंग

यूएस की अदालतों की सरकारी वेबसाइट पर मौजूद जानकारी के मुताबिक, वहां कोर्ट ने 1955 में मौखिक बहसों की ऑडियो रिकॉर्डिंग शुरू की थी. इसके पहले तक रिकॉर्डिंग का ऐसा कोई व्यवस्थित सिस्टम नहीं देखा गया. हालांकि, उस समय तक दुनिया ने टीवी का आविष्कार देख लिया था. यहां तक कि 1888 में Roundhay Garden Scene नाम की 2 सेकंड की छोटी साइलेंट फिल्म भी सामने आ चुकी थी, जिसे फ्रेंच आविष्कारक लुई ले प्रिंस (Louis Le Prince) ने बनाया था. इसे दुनिया के सबसे पहले वीडियो रिकॉर्डिंग्स में से एक माना जाता है. 

वीडियो: बांग्लादेश में दो और हिन्दू की हत्या, आरोपी ऑटो रिक्शा लेकर फरार हो गए

Advertisement