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भगवंत मान का हेलिकॉप्टर कौन इस्तेमाल कर रहा था? सवाल उठाने पर RTI एक्टिविस्ट समेत 10 लोगों पर FIR

भगवंत मान दिसंबर में जापान और दक्षिण कोरिया की यात्रा पर थे. इन लोगों ने कथित तौर पर इस अवधि के दौरान लिए गए हेलिकॉप्टर के वीडियो पोस्ट किए और सवाल उठाया कि मुख्यमंत्री की गैरमौजूदगी में कौन इसका इस्तेमाल कर रहा था.

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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान. (फाइल फोटो)

पंजाब (Punjab) के सोशल मीडिया इन्फलुएंसर्स (Social Media Influencers), RTI एक्टिविस्ट और सोशल मीडिया चैनल्स के खिलाफ पंजाब पुलिस ने FIR किया है. इन लोगों ने भगवंत मान (Bhagwant Mann) के सरकारी हेलिकॉप्टर के कथित मिसयूज को लेकर सवाल उठाए थे. पंजाब पुलिस की दर्ज की गई FIR में कहा गया है कि इन लोगों ने सोशल मीडिया पर गलत जानकारी फैलाई.

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लुधियाना के साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में पिछले महीने की 12 दिसंबर को 10 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई थी, लेकिन इसकी जानकारी 1 जनवरी को सामने आई. FIR में RTI एक्टिविस्ट माणिक गोयल, सोशल मीडिया इन्फलुएंसर मिंटू गुरुसरिया, गगन रामगढ़िया, हरमन फार्मर, मंदीप मक्कड़, गुरलाल एस मान, सनाम्मू धालीवाल और सोशल मीडिया चैनल अर्जन लाइव, दीप मंगली और लोक आवाज टीवी के नाम शामिल हैं.

भगवंत मान 1 से 10 दिसंबर तक जापान और दक्षिण कोरिया की आधिकारिक यात्रा पर थे. इन लोगों ने कथित तौर पर इस अवधि के दौरान लिए गए हेलिकॉप्टर के वीडियो पोस्ट किए और सवाल उठाया कि मुख्यमंत्री की गैरमौजूदगी में कौन इसका इस्तेमाल कर रहा था.

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लुधियाना साइबर क्राइम पुलिस थाने के इंस्पेक्टर सतबीर सिंह की शिकायत पर इन लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है. इनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 353 (1) (झूठी सूचना या अफवाह फैलाना या प्रकाशित करना), 353 (2) (धर्म, जाति के आधार पर घृणा फैलाने के इरादे से झूठे बयान) और 61 (2) (आपराधिक साजिश) के तहत मामला दर्ज किया गया है.

हेलिकॉप्टर के इस्तेमाल के गलत दावे

FIR में दावा किया गया है कि उड़ान ट्रैकिंग डेटा की गलत व्याख्या की गई है. इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक इंस्पेक्टर सतबीर सिंह ने अपने बयान में कहा कि सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल ने कई फेसबक अकाउंटस को चिह्नित किया है, जो आपत्तिजनक पोस्ट कर रहे थे. उन्होंने बताया, 

अपलोड किए गए कंटेट की शुरुआती जांच से पता चला है कि हेलिकॉप्टर के उपयोग से जुड़े दावे अपुष्ट जानकारी पर आधारित हैं. चुनिंदा दृश्यों, उड़ान ट्रैकिंग डेटा की गलत व्याख्या और गलत फैक्ट के आधार पर किए गए कमेंट के आधार पर एक झूठी और भ्रामक कहानी बनाई गई.

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लुधियाना पुलिस के एडिशनल डिप्टी कमिशनर (साइबर क्राइम) वैभव सहगल ने बताया कि मामले की जांच चारी है और आरोपियों द्वारा अपलोड की गई सोशल मीडिया पोस्टों की शुरुआती जांच के बाद FIR दर्ज की गई है.

संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति ने इस्तेमाल किया

FIR में हेलिकॉप्टर के मिसयूज करने के आरोपों को निराधार बताया गया है. पंजाब के नागरिक उड्डयन विभाग ने बताया कि संबंधित हेलिकॉप्टर का उपयोग संवैधानिक पद पर बैठे एक व्यक्ति ने किया था, और वह व्यक्ति इन तारीखों पर आधिकारिक उद्देश्य के लिए हेलिकॉप्टर का उपयोग करने के लिए अधिकृत किया गया था.

नए साल पर सरकार का तोहफा

पंजाब पुलिस द्वारा दर्ज किए गए FIR पर प्रतिक्रिया देते हुए RTI एक्टिविस्ट माणिक गोयल ने कहा कि उन लोगों को पंजाब सरकार से नए साल का गिफ्ट मिला है. उन्होंने कहा, 

हमें सिर्फ इसलिए फंसाया जा रहा है क्योंकि हमने मुख्यमंत्री की अनुपस्थिति में उनके आधिकारिक हेलिकॉप्टर का इस्तेमाल करने वाले व्यक्ति के बारे में सवाल किया था. आम आदमी पार्टी पिछले चार चाल से मुख्यमंत्री के हेलिकॉप्टर से संबंधित RTI का जवाब नहीं दे रही और हम सोशल मीडिया पर सवाल पूछते हैं तो फर्जी FIR कर देती है.

कांग्रेस और बीजेपी ने उठाए सवाल

RTI एक्टिविस्ट और सोशल मीडिया इन्फलुएंसर्स के खिलाफ दर्ज FIR को लेकर बीजेपी और कांग्रेस ने भगवंत मान सरकार को निशाने पर लिया है. बीजेपी के प्रदेश सचिव अनिल सरीन ने इसकी निंदा करते हुए कहा कि यह पत्रकारिता पर अघोषित इमरजेंसी है. उनकी पार्टी इसे रद्द करने की मांग करती है. 

वहीं कांग्रेस सांसद और पूर्व डिप्टी सीएम सुखजिंदर सिंह रंधावा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि क्या सरकार ने सवाल पूछने के अधिकार को अपराध की श्रेणी में डाल दिया है. उन्होंने कहा कि कांग्रस की सरकार हर उस दमनकारी कार्रवाई के खिलाफ मजबूती से खड़ी है, जो लोकतंत्र को खत्म करने के इरादे से की जा रही है. 

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