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चिन्मय कृष्ण दास के समर्थन में आईं शेख हसीना, तुरंत रिहा करने की मांग की

शेख हसीना ने कहा कि सभी समुदायों के लोगों की धार्मिक स्वतंत्रता और जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए.

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भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा कि अल्पसंख्यकों सहित बांग्लादेश के सभी नागरिकों के जीवन और स्वतंत्रता की सुरक्षा की प्राथमिक जिम्मेदारी बांग्लादेश सरकार की है. (फोटो- PTI/X)

बांग्लादेश में चिन्मय कृष्ण दास ‘ब्रह्मचारी’ (Chinmoy Krishna Das Bangladesh) को गिरफ्तार किए जाने का मामला अभी थमता नहीं दिख रहा है. कृष्ण दास बांग्लादेश सनातन जागरण मंच के प्रवक्ता और चटगांव में पुंडरीक धाम के प्रमुख हैं. उन्हें बांग्लादेश के ‘राष्ट्रीय झंडे का अपमान’ करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. मामले को लेकर अब बांग्लादेश की पूर्व पीएम शेख हसीना का बयान भी आया है (Sheikh Hasina on Chinmoy Krishna Das). उन्होंने कहा है कि चिन्मय दास को तुरंत रिहा किया जाना चाहिए. साथ ही हसीना ने लोगों की धार्मिक स्वतंत्रता और जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने की बात भी कही है.

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बांग्लादेश अवामी लीग की तरफ से 28 नवंबर को एक फेसबुक पोस्ट में चटगांव में एक वकील की हत्या करने वालों को सजा देने की बात कही गई. पार्टी ने पूर्व पीएम हसीना की तरफ से लिखा है,

“चटगांव में एक वकील की हत्या कर दी गई है. इस हत्या का कड़ा विरोध हो रहा है. इस हत्या में शामिल लोगों को जल्दी से जल्दी ढूंढकर सजा दी जानी चाहिए. घटना से मानवाधिकारों का घोर उल्लंघन हुआ है. एक वकील अपने पेशेवर कर्तव्यों का पालन करने गया था. जिन लोगों ने उसे पीट-पीटकर मार डाला, वो आतंकवादी हैं. चाहे वो कोई भी हों, उन्हें सजा मिलनी ही चाहिए.”

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हसीना ने अपने देश के लोगों से अपील की कि वो इस तरह के आतंकवाद और उग्रवाद के खिलाफ एकजुट हों. उन्होंने कहा,

“वर्तमान सत्ता हथियाने वाले हर क्षेत्र में विफल साबित हो रहे हैं. दैनिक आवश्यकताओं की कीमतों को नियंत्रित करने में विफल, लोगों के जीवन को सुरक्षा प्रदान करने में विफल. आम जनता पर प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से हो रहे इन अत्याचारों की कड़ी निंदा करती हूं.”

चिन्मय कृष्ण दास की गिरफ्तारी के बारे में शेख हसीना ने लिखा,

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“सनातन धार्मिक समुदाय के एक शीर्ष नेता को अन्यायपूर्वक गिरफ्तार किया गया है, उन्हें तुरंत रिहा किया जाना चाहिए. चटगांव में एक मंदिर जला दिया गया है. पहले अहमदिया समुदाय की मस्जिदों, धर्मस्थलों, चर्चों, मठों और घरों पर हमले किए गए, तोड़फोड़ की गई और लूटपाट की गई और आग लगा दी गई. सभी समुदायों के लोगों की धार्मिक स्वतंत्रता और जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए.”

हिंदू मंदिरों में तोड़-फोड़ पर भारत सरकार ने क्या कहा?

इस बीच भारत ने भी बांग्लादेश में हिंदू मंदिरों पर हुए हमलों को लेकर बयान दिया है. मंदिरों में तोड़-फोड़ की घटनाओं को लेकर 28 नवंबर को राज्यसभा में पूछे गए सवाल पर विदेश राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने कहा,

“कुछ महीनों में बांग्लादेश में हिंदू मंदिरों और देवताओं को अपवित्र करने और नुकसान पहुंचाने की कई घटनाएं सामने आई हैं. भारत सरकार ने ऐसी घटनाओं पर अपनी चिंता व्यक्त की है. इनमें ढाका के तांतीबाजार में एक पूजा मंडप पर हमला और दुर्गा पूजा 2024 के दौरान सतखिरा में जेशोरेश्वरी काली मंदिर में चोरी शामिल है. सरकार ने बांग्लादेश सरकार से भी ये सुनिश्चित करने का आह्वान किया है कि हिंदुओं और सभी अल्पसंख्यकों और उनके पूजा स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए.”

मंत्रालय ने आगे कहा कि अल्पसंख्यकों सहित बांग्लादेश के सभी नागरिकों के जीवन और स्वतंत्रता की सुरक्षा की प्राथमिक जिम्मेदारी बांग्लादेश सरकार की है.

वीडियो: Bangladesh: ISCKON के चिन्मय दास की जमानत याचिका खारिज, पूरे देश में हिंसा

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