समाजवादी पार्टी (SP) के सीनियर नेता और पूर्व लोकसभा सांसद आजम खान को इलाहाबाद हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. बुधवार, 10 सितंबर को हाई कोर्ट ने आजम खान को डूंगरपुर मामले में जमानत दे दी. यह मामला रामपुर की डूंगरपुर कॉलोनी का है, जहां के निवासियों को कथित तौर पर जबरन बेदखल किया गया था.
आजम खान को बड़ी राहत, डूंगरपुर केस में हाई कोर्ट ने जमानत दे दी
सीतापुर जेल में बंद Azam Khan के अलावा बरकत अली नामक कॉन्ट्रैक्टर ने भी Allahabad High Court में अपील दायर की थी. रामपुर की MP/MLA कोर्ट ने इस मामले में आजम खान को 10 साल की सजा सुनाई थी.


इस केस में बीती 30 मई को रामपुर की एक MP/MLA कोर्ट ने आजम खान को दोषी ठहराते हुए 10 साल की सजा दी थी. उन्होंने इसके खिलाफ इलाहाबाद हाई कोर्ट में अपील दायर की. दी स्टेट्समैन की रिपोर्ट के मुताबिक, जस्टिस समीर जैन की सिंगल बेंच ने सीनियर SP नेता की अपील मंजूर करते हुए जमानत दे दी.
इस मामले में सीतापुर जेल में बंद आजम खान के अलावा बरकत अली नामक कॉन्ट्रैक्टर ने भी हाई कोर्ट में अपील दायर की थी. बरकत अली को 7 साल जेल की सजा मिली है. दोनों की अपील पर हाई कोर्ट की सिंगल बेंच ने 12 अगस्त को बहस के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था. आजम खान के साथ ही बरकत अली को भी हाई कोर्ट से जमानत मिल गई है. दोनों की क्रिमिनल अपील पर हाई कोर्ट में साथ सुनवाई चल रही है.
साल 2019 में अबरार नामक व्यक्ति की शिकायत पर रामपुर पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था. इनमें आजम खान, पुलिस से रिटायर्ड सर्किल ऑफिसर (CO) आले हसन खान और बरकत अली उर्फ फकीर मोहम्मद शामिल हैं.
अबरार ने आरोप लगाया कि दिसंबर 2016 में आजम खान, आले हसन और अली ने उन्हें पीटा और जान से मारने की धमकियां देने के बाद उनका घर तोड़ दिया. डूंगरपुर कॉलोनी के निवासियों ने जबरन बेदखली के संबंध में डकैती, चोरी और मारपीट समेत 12 मामले दर्ज कराए थे. घटना के तीन साल बाद 2019 को अबरार ने रामपुर के थाना गंज में ये केस दर्ज करवाया था.
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