भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी (Army Chief Upendra Dwivedi) ने कहा है कि भारत की उत्तरी सीमा यानी पूर्वी लद्दाख में LAC पर स्थिति संवेदनशील, लेकिन स्थिर है. उनका कहना है कि पिछले साल मारे गए आतंकियों में से 60% पाकिस्तानी मूल के थे. उन्होंने प्रेस कॉन्फ़्रेंस कर पाकिस्तान, चीन और मणिपुर समेत कई मुद्दों पर बातचीत की है.
'स्थिति सेंसिटिव, लेकिन स्टेबल...', बॉर्डर की स्थिति पर बोले आर्मी चीफ उपेंद्र द्विवेदी
Army Chief on border situation: चीन पर बात करते हुए आर्मी चीफ़ ने कहा कि पूर्वी लद्दाख के देपसांग और डेमचोक में पारंपरिक क्षेत्रों में गश्त शुरू हो गई है. वहीं, उन्होंने ये भी बताया कि पिछले साल मारे गए आतंकियों में से 60% पाकिस्तानी मूल के थे. आर्मी चीफ़ जनरल उपेंद्र द्विवेदी और क्या बता गए?


सेना प्रमुख नई दिल्ली के मानेकशॉ सेंटर में सालाना प्रेस कॉन्फ़्रेंस को संबोधित कर रहे थे. इस दौरान उन्होंने कहा कि पूर्वी लद्दाख के देपसांग और डेमचोक में पारंपरिक क्षेत्रों में गश्त शुरू हो गई है. लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) की स्थिति के बारे में उपेंद्र द्विवेदी ने कहा,
अक्टूबर 2024 में, पूर्वी लद्दाख के देपसांग और डेमचोक में स्थिति सुलझ गई. अब इन दो क्षेत्रों में गश्त शुरू हो गई है. उत्तरी सीमाओं के साथ अन्य संवेदनशील क्षेत्रों के प्रभावी प्रबंधन पर भी हम चर्चा करना जारी रखेंगे. हमारी तैनाती संतुलित और मजबूत है. हम किसी भी स्थिति से निपटने में सक्षम हैं.
पाकिस्तान के साथ नियंत्रण रेखा पर स्थिति को लेकर जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा कि पाकिस्तान के साथ नियंत्रण रेखा पर संघर्ष विराम जारी है, लेकिन घुसपैठ की कोशिशें भी जारी हैं. उनका कहना कि पाकिस्तान की तरफ आतंकी ढांचा अभी भी बरकरार है. पिछले साल मारे गए आतंकियों में से 60% पाकिस्तानी मूल के थे. जम्मू-कश्मीर पर आर्मी प्रमुख बोले,
हिंसा का स्तर आतंकवाद के केंद्र यानी पाकिस्तान की तरफ़ से आयोजित किया जा रहा है. फिलहाल, हमने साल 2024 में 15,000 अतिरिक्त सैनिकों को शामिल किया है. यही कारण है कि आप पाएंगे कि हिंसा का स्तर कम हो गया है. संसदीय चुनाव और राज्य विधानसभा चुनाव दोनों में लगभग 60% मतदान हुआ. इसका मतलब है कि स्थानीय आबादी शांति के साथ जा रही है.
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मणिपुर के बारे में सेना प्रमुख उपेंद्र द्विवेदी ने कहा कि सुरक्षा बलों की कोशिशों और सरकार की पहल से राज्य में स्थिति नियंत्रण में आ गई है. हिंसा की घटनाएं जारी हैं और सशस्त्र बल क्षेत्र में शांति लाने का प्रयास कर रहे हैं. उन्होंने म्यांमार की स्थिति पर भी बात की. कहा कि किसी भी संभावित प्रभाव से निपटने के लिए भारत-म्यांमार सीमा पर निगरानी और नियंत्रण बढ़ा दिया गया है.
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