अमिताभ बच्चन की आवाज को दुनिया में कौन नहीं पहचानता? उसकी तस्वीर और उनके खास अंदाज तमाम ब्रांड के प्रमोशन में यूज किए जाते हैं. कई बार तो इसके लिए अमिताभ बच्चन की परमिशन होती है. कई बार बिना परमिशन के उनकी पर्सनैलिटी का इस्तेमाल फ्रॉड लोग भी कर ले जाते हैं. जैसे कोई अपने फर्जी लॉटरी ऐप को केबीसी से जोड़ दे. बाद में वो स्कैम साबि हो. या फिर कोई अपनी कंपनी की टीशर्ट पर अमिताभ की फोटो लगा दे. उनकी फोटो का पोस्टर बनाकर अपने ब्रांड का प्रचार करे.
'अमिताभ बच्चन को कोर्ट में पेश होना होगा', दिल्ली हाईकोर्ट ने साफ-साफ कह दिया
अमिताभ बच्चन ने बिना अनुमति उनके नाम, तस्वीर और आवाज का इस्तेमाल रोकने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। कोर्ट ने कहा कि अगर प्रतिवादियों के साथ समझौता नहीं होता और अमिताभ केस आगे लड़ना चाहते हैं, तो उन्हें अगली सुनवाई में खुद अदालत में पेश होना होगा.

ये सब खूब होता है, हम सब जानते हैं लेकिन बिना परमिशन के ये सब रोकने के लिए अमिताभ बच्चन कोर्ट पहुंच गए हैं. अमिताभ बच्चन ने दिल्ली हाईकोर्ट में अपनी पर्सनैलिटी राइट्स के संरक्षण के लिए मुकदमा दायर किया है. इस मामले को सुनते हुए शुक्रवार, 9 अक्टूबर को दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि अगर अमिताभ अपनी ये याचिका आगे बढ़ाना चाहते हैं तो उन्हें खुद कोर्ट में पेश होना होगा.
क्या कहा कोर्ट ने ?‘बार एंड बेंच’ की रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली हाईकोर्ट के जस्टिस पुरुषेंद्र कुमार कौरव ने कहा कि अमिताभ बच्चन का अपने प्रतिवादियों के साथ समझौते का काम जारी है. अगर वो एक या एक से ज्यादा प्रतिवादियों से आपसी सहमति से मामला सुलझा नहीं पाते और केस को कोर्ट में आगे भी बढ़ाना चाहते हैं तो उन्हें कोर्ट में खुद आना होगा. कोर्ट को बताया गया कि अमिताभ बच्चन का अपने कुछ प्रतिवादियों के साथ समझौता हो गया है. लेकिन किसी कारण से कागजी कार्रवाई पूरी नहीं हो पाई है.
कोर्ट ने अमिताभ बच्चन को ये सारी औपचारिकताएं पूरी करने के लिए वक्त भी दे दिया है. इसके बाद कोर्ट ने साफ किया कि अगर किसी प्रतिवादी के साथ समझौता नहीं हो पाता या समझौता अधूरा रह जाता है और अमिताभ बच्चन अपने किसी दावे या मुद्दे पर केस आगे बढ़ाना चाहते हैं तो उन्हें अगली सुनवाई में खुद अदालत में मौजूद रहना होगा. कोर्ट ने कहा कि उनकी व्यक्तिगत मौजूदगी इसलिए जरूरी होगी ताकि अदालत सिविल प्रक्रिया संहिता यानी CPC के Order X Rule 2 और Order V Rule 3 के साथ-साथ Bharatiya Sakshya Adhiniyam, 2023 की धारा 168 के तहत अपनी शक्तियों का इस्तेमाल कर सके.
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अमिताभ बच्चन ने पर्सनैलिटी राइट्स यानी अपनी पहचान, नाम और छवि के अधिकारों की सुरक्षा के लिए दिल्ली हाईकोर्ट में मुकदमा दायर किया था. उन्होंने कोर्ट से मांग की थी कि बिना उनकी अनुमति के उनकी पहचान या व्यक्तित्व का इस्तेमाल करने से संबंधित लोगों को स्थायी रूप से रोका जाए. कोर्ट में उनकी ओर से वकील ध्रुव आनंद, धनंजय खन्ना और भाव्या वर्मा केस की पैरवी कर रहे हैं.
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