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पुलिस इंस्पेक्टर को कुत्ते ने खरोंचा, पालतू समझकर इग्नोर कर दिया, रेबीज से मौत हो गई

मृतक इंस्पेक्टर का नाम वनराज मंजारिया है. बीते शुक्रवार को उन्हें तेज बुखार हुआ. इसके बाद से उनकी हालत बिगड़ती चली गई. उन्हें पास के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया. उसके बाद अहमदाबाद के केडी हॉस्पिटल रेफर किया गया. रिपोर्ट के मुताबिक धीरे-धीरे उनके शरीर के कई अंग काम करना बंद कर चुके थे.

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पुलिस इंस्पेक्टर की रेबीज से मौत हो गई. (तस्वीर-इंडिया टुडे)

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  • अहमदाबाद जिले में तैनात पुलिस इंस्पेक्टर वनराज मंजारिया की पालतू कुत्ते के खरोंचने के बाद रेबीज से मौत हो गई, जिनकी हालत गंभीर होने पर 22 सितंबर को अस्पताल में निधन हो गया।
  • इंस्पेक्टर ने कुत्ते की खरोंच को मामूली समझ कर कोई बचावात्मक उपाय नहीं किए, जबकि रेबीज वायरस संक्रमित जानवरों की लार से फैलता है और खरोंचने से भी इंफेक्शन हो सकता है।
  • रेबीज से हुई इस मौत ने संक्रमित कुत्तों से खतरे और बचाव की जरूरत को उजागर किया है, जबकि भारत में हर साल हजारों रेबीज से मौत के मामले दर्ज होते हैं।

गुजरात के अहमदाबाद जिले में तैनात एक पुलिस इंस्पेक्टर की पालतू कुत्ते के खरोंचने के बाद रेबीज से मौत हो गई. इंस्पेक्टर अहमदाबाद के सिटी पुलिस कंट्रोल रूम में तैनात थे. उन्होंने कुत्ते की खरोंच को मामूली मानते हुए कोई एहतियात नहीं बरती. इसके कुछ दिन बाद अचानक से उनकी तबीयत बिगड़ गई. हॉस्पिटल में जांच के दौरान पता चला कि उनके पूरे शरीर में रेबीज का इंफेक्शन फैल गया है.

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इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक मृतक इंस्पेक्टर का नाम वनराज मंजारिया है. बीते शुक्रवार को उन्हें तेज बुखार हुआ. इसके बाद से उनकी हालत बिगड़ती चली गई. उन्हें पास के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया. उसके बाद अहमदाबाद के केडी हॉस्पिटल रेफर किया गया. रिपोर्ट के मुताबिक धीरे-धीरे उनके शरीर के कई अंग काम करना बंद कर चुके थे. सोमवार, 22 सितंबर को हॉस्पिटल में ही उन्होंने दम तोड़ दिया.

उनके एक रिश्तेदार ने बताया, “जब अस्पताल में एडमिट किया गया. तब पता चला की उनके पैर पर कुत्ते के नाखुन के निशान है. वह कुत्ता उनके घर का नहीं था. कुछ समय पहले वह अपने फार्म हाउस गए थे. वहां कोई और उस कुत्ते को लेकर आया था. अब कुत्ता जिंदा है या मर गया. फिलहाल परिवार को इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है. जब यह घटना हुई तब परिवार का कोई भी व्यक्ति साथ नहीं था इसलिए किसी को जानकारी नहीं है. परिवार को डोक्टर्से ने रेबिज के लक्षणों के बारे में बताया तब पता चला.”

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आमतौर पर लोग मानते हैं कि रेबीज सिर्फ कुत्ते के काटने से फैलता है. वे कुत्ते के दांतों या खरोंच को गंभीरता से नहीं लेते. यही कारण है कि एसआई वनराज की रेबीज़ के कारण जान चली गई.

रेबीज एक वायरस के कारण होता है. जो लिसावायरस जीन्स से संबंधित है. यह वायरस संक्रमित जानवरों की लार में पाया जाता है जो काटने, खरोंचने या घाव पर चाटने से फैलता है. यह वायरस दिमाग और नसों पर हमला करता है. इसके लक्षणों में बुखार, घबराहट, कंफ्यूज़न, निगलने में परेशानी और मतिभ्रम (Hallucinations) शामिल हैं.

इंडिया में रेबीज़ से मौत के मामलों में 75% की कमी आई है. लेकिन लैंसेट की एक स्टडी के मुताबिक अब भी हर साल रेबीज़ से 5726 लोगों की मौत होती है. भारत दुनिया में रेबीज़ से मौतों के मामले में टॉप लिस्ट में शामिल है. देश में हर साल लगभग 90 लाख एनिमल बाइट्स के केस सामने आते हैं. इनमें से दो-तिहाई मामले कुत्तों के होते हैं.

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