अहमदाबाद में कथित तौर पर खीरू का डोसा खाने के बाद दो बच्चियों की मौत के मामले में दो बड़ी अपडेट आई हैं. पहली- मृतक बच्चियों के माता-पिता विमल और भावना के ब्लड सैंपल से एल्युमिनियम फास्फेट और जिंक की मात्रा जरूरत से ज्यादा पाई गई है. दूसरा- विमल ने अपनी डायरी में पुत्र की इच्छा जाहिर की है, जिससे मामले ने नया मोड़ ले लिया है.
डोसा डेथ केस: मृतक बच्चियों के पिता ने खरीदे थे सल्फास के पैकेट, डायरी में 'बेटे की चाहत' लिखी थी
Ahmedabad dosa death case: अहमदाबाद में कथित तौर पर डोसा खाने से हुई दो बच्चियों की मौत के मामलें में दो बड़ी अपडेट आई है. जिसने पूरे मामले को अलग रूप दे दिया है. बच्चियों के माता-पिता के ब्लड से एल्युमिनियम फास्फेट और जिंक की मात्रा जरूरत से ज्यादा पाई गई है.


पुलिस जांच कर रही है कि क्या डोसा खाने से ही परिवार की तबीयत बिगड़ी या फिर ये जानबूझकर किया गया था. अभी तक कि जांच में यही बात सामने आई है कि 1 अप्रैल को विमल ने घर के पास से खीरू खरीदा और अगले दिन परिवार ने इसका डोसा बनाकर खाया. इसके बाद दोनों बच्चियों की तबीयत तेजी से बिगड़ी और उनकी मौत हो गई. कपल का इलाज अस्पताल में चल रहा है.
मामला सामने आया तो डेयरी पर आरोप लगे और खीरू के सैंपल जांच के लिए भेजे गए. विमल और भावना के भी टेस्ट किए गए. इंडिया टुडे से जुड़े अतुल चौधरी की रिपोर्ट के मुताबिक, चांदखेड़ा पुलिस थाना के इंस्पेक्टर एमके मकवाना ने बताया कि केडी अस्पताल ने विमल और भावना के ब्लड सैंपल एनएफएसयू में भेजे थे. रिपोर्ट में उनके शरीर में एल्युमिनियम फास्फेट और जिंक की मात्रा जरूरत से अधिक पाई गई. जानने की कोशिश की जा रही है कि मात्रा किस वजह से ज्यादा थी.
एमके मकवाना का कहना है कि विमल के घर से एक डायरी भी मिली है. जिसमें ‘पुत्र प्राप्ति’ को लेकर इच्छा जताई गई है. डायरी में पुत्र प्राप्ति होने पर मंदिर में दर्शन करने जाने की बात लिखी गई है. ये कॉपी विमल ने दूसरी बेटी के होने से पहले लिखी थी.
इंस्पेक्टर ने बताया कि विमल प्रजापति के घर से सल्फास पाउडर के पैकेट भी बरामद हुए है. वो 27 मार्च के दिन सल्फास दवा के 10 पैकेट खरीदकर रामनगर से लाया था. कुछ पैकेट गेहूं को खराब होने से बचाने के लिए उनमें रखे थे. बाकी के पैकेट विमल ने अन्य जगह रख दिए थे. सल्फास के जिन पैकेट्स को पुलिस ने बरामद किया है, उन्हें जांच के लिए एफएसएल में भेजा गया है.
ये भी पढ़ें: 'खीरू का डोसा' खाने के बाद दो बच्चियों की मौत, पेरेंट्स की हालत गंभीर, दुकानदार क्या बोला?
रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस अब पुत्र प्राप्ति की इच्छा और सल्फास पाउडर इन दोनों ऐंगल से भी जांच कर रही है. गौरतलब है कि खीरू से बने डोसा या अन्य किसी चीज खाने के बाद विमल के परिवार के अलावा किसी और को कोई समस्या नहीं हुई थी.
पुलिस का कहना है कि विमल, भावना समेत बाकी परिजनों से पुलिस की पूछताछ जारी है. अगर विमल ने सामूहिक आत्महत्या की कोशिश की है तो, उस पर मामला दर्ज किया जाएगा. फिलहाल, एफएसएल की रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की सही वजह के बारे में जानकारी मिल पाएगी.
वीडियो: होर्मुज सीजफायर के बाद भी जहाज़ क्यों फंसे? ईरान ने बताया अपना नया 'मैनेजमेंट प्लान'






















