उम्र 66, कपड़े का बिजनेस. घर में बीवी-बच्चे, समाज में रिस्पेक्ट! लेकिन दिल की एक हसरत ने सारा काम खराब कर दिया. आगरा की ये कहानी बॉलीवुड की कोई थ्रिलर-कॉमेडी मिक्स बन गई. शहर पहुंचे महाराष्ट्र के एक बिजनेसमैन के शौक ने उन्हें गंदा फंसा दिया. भाईसाहब ने गे-डेटिंग ऐप डाउनलोड की. ऐप पर स्वाइप-स्वाइप करते-करते कुछ 'हॉट' प्रोफाइल मिल गए. चैट शुरू, इमोजी उड़ने लगे, बातें गरम हुईं और फिर वो खतरनाक लाइन ‘मिलोगे ना?’ इसके बाद प्लॉट ने ऐसा ट्विस्ट लिया कि बिजनेसमैन ने अपहरण और लूट की कहानी रच दी. पुलिस ने जांच की तो पूरा मामला खुला.
समलैंगिक रिश्तों की चाह में फंसे 66 साल के बुजुर्ग, आगरा में लूट-ट्रांसफर के बाद गढ़ी अपहरण की झूठी कहानी
समाज में इज्जत खराब होने और घरवालों को पता चलने के डर के कारण बुजुर्ग ने एक बड़ा कदम उठाया. वो वापस आगरा लौटा और देर रात एत्माद्दौला थाने पहुंचकर अपहरण व लूट की शिकायत दर्ज करा दी. उसने कहा कि अज्ञात लोग उसे जबरन ले गए और लूटपाट की.


आजतक से जुड़े नितिन उपाध्याय की रिपोर्ट के मुताबिक महाराष्ट्र से आने वाले 66 साल के एक कपड़े के कारोबारी ने गे-डेटिंग ऐप पर कुछ लोगों से दोस्ती की. शुरुआत में साधारण चैटिंग थी, लेकिन धीरे-धीरे बातें समलैंगिक संबंधों तक पहुंच गईं. भरोसा जमने के बाद उसने उन लोगों को आगरा बुलाया और खुद भी ट्रेन पकड़कर शहर पहुंच गया.
आगरा के दरेसी इलाके में उसने एक होटल में कमरा लिया. वहां मुलाकात हुई और माहौल शुरू में काफी दोस्ताना रहा. बुजुर्ग कारोबारी स्वेच्छा से उन लोगों के साथ घूमने निकला और हाथरस की ओर चला गया. लेकिन यहां से कहानी में ट्विस्ट आया. हाथरस पहुंचते ही कुछ पैसे को लेकर बवाल हुआ. बात बढ़ी, हाथापाई हुई, बिजनेसमैन के खाते से 1.20 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए गए. मोबाइल और अंगूठी भी धर ली गई. अब साहब घबरा गए. अगर ये बात घर पहुंच गई तो इज्जत का ताजमहल ढह जाएगा!
डर के मारे. परिवार में बदनामी. समाज में इज्जत खराब होने और घरवालों को पता चलने के डर के कारण बुजुर्ग ने एक बड़ा कदम उठाया. वो वापस आगरा लौटा और देर रात एत्माद्दौला थाने पहुंचकर अपहरण व लूट की शिकायत दर्ज करा दी. उसने कहा कि अज्ञात लोग उसे जबरन ले गए और लूटपाट की.
पुलिस ने पूछा तो सच खुलापुलिस ने शिकायत मिलते ही गंभीरता से मामले की जांच शुरू की. डीसीपी सिटी अली अब्बास के निर्देश पर कई टीमें गठित हुईं. शहर में नाकेबंदी की गई, सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, कॉल डिटेल्स और बैंक ट्रांजेक्शन की जांच हुई. होटल के कैमरे में साफ दिख रहा था कि कारोबारी किसी दबाव में नहीं था, बल्कि हंसते-खेलते कार में बैठकर हाथरस जा रहा था.
इसके बाद और पूछताछ हुई. जिसमें बुजुर्ग टूट गया और सच कबूल कर लिया. उसने माना कि अपहरण या लूट की कोई घटना नहीं हुई थी. उसने खुद उन लोगों को बुलाया था और संबंधों से जुड़े विवाद के बाद झूठी कहानी रच दी ताकि परिवार और समाज से छुपा रहे.
पुलिस ने मामले को फर्जी करार देते हुए तुरंत कार्रवाई की. कारोबारी समेत कुल पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया. जिस बैंक खाते में पैसे ट्रांसफर हुए थे, उसे फ्रीज कर दिया गया. जांच में साफ हो गया कि ये निजी संबंधों और पैसों के विवाद की कहानी थी, अपहरण या फिरौती की नहीं. कहानी का मॉरल? प्यार की तलाश में निकलो तो GPS ऑन रखो, और झूठ बोलने से पहले सीसीटीवी चेक कर लो!
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