गर्मी हो. सर्दी हो या फिर बरसात. ‘खांसी’ बिन बुलाए मेहमान की तरह कभी भी आ जाती है. कई बार खांसी के साथ बलगम आता है. लेकिन कभी-कभी ये अकेले ही आती है. इसे कहते हैं- सूखी खांसी यानी ड्राई कफ. ये अक्सर वायरल इंफेक्शन, एलर्जी, प्रदूषण और गले में इरिटेशन की वजह से होती है. कई बार अस्थमा, एसिड रिफ्ल्क्स और कुछ दवाओं की वजह से भी सूखी खांसी आ सकती है.
क्या सिर्फ कफ सिरप पीने से ठीक हो जाती है सूखी खांसी?
बहुत लोगों को लगता है कि खांसी का इलाज सिर्फ कफ सिरप से हो जाएगा. इसी वजह से सांस से जुड़ी बीमारियों के कई मरीज़ डॉक्टर के पास देर से पहुंचते हैं. वो कफ सिरप पीकर खांसी व दूसरे लक्षणों को दबाते रहते हैं.
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आज डॉक्टर से जानेंगे कि सूखी खांसी में क्या होता है. कौन-से लक्षण दिखते हैं. क्या इसे सिर्फ कफ सिरप से ठीक कर सकते हैं. कब डॉक्टर को दिखाना ज़रूरी है. और कौन-सी घरेलू चीज़ें सूखी खांसी में आराम दिला सकती हैं.
सूखी खांसी में क्या होता है?
ये हमें बताया डॉक्टर अर्जुन खन्ना ने.

खांसी को दो प्रकारों में बांटा जाता है. पहली होती है वो खांसी, जिसमें बलगम बनता है. इसे वेट कफ या प्रोडक्टिव कफ कहते हैं. दूसरी होती है ड्राई कफ या सूखी खांसी, जिसमें बलगम नहीं बनता. दोनों के बीच अंतर जानना ज़रूरी है क्योंकि इनके कारण और इलाज अलग हैं.
सूखी खांसी वाले मरीज़ों को गले में जलन होती है. गले में कांटे जैसा चुभता है. हर थोड़ी देर में बहुत ज़्यादा खांसी आती है. कभी-कभी खांसी इतनी तेज़ हो जाती है कि रात की नींद ख़राब हो जाती है. लगातार खांसी की वजह से चक्कर आ सकते हैं. कई बार तेज़ खांसी में, खासकर महिलाओं में, पेशाब भी निकल सकता है.
किन लक्षणों के दिखने पर डॉक्टर से मिलें?
अगर सूखी खांसी के साथ सांस फूलने लगे, बुखार आए, छाती में दर्द हो तो ये सारे रेड फ्लैग साइन हैं. ये बताते हैं कि शरीर के अंदर कुछ गड़बड़ चल रहा है. इसकी वजह इन्फेक्शन या कोई दूसरी बीमारी हो सकती है, इसलिए कारण जानना ज़रूरी है.
अगर 3 हफ्ते से ज़्यादा सूखी खांसी आ रही है, तो इसे खुद से ठीक करने की कोशिश न करें. डॉक्टर के पास जाएं, वो आपकी जांच करेंगे. ज़रूरत पड़ने पर छाती का एक्स-रे कराएंगे. खांसी को लंबे वक्त तक नज़रअंदाज़ न करें. भारत में कई मरीज़ों को टीबी या छाती का इंफेक्शन होता है. इन मरीज़ों में अक्सर खांसी दो-तीन हफ्ते से ज़्यादा समय तक बनी रहती है.
कई लोग खांसी का सिरप लेकर लक्षण दबा देते हैं. इससे बीमारी का पता देर से चलता है और तब तक वो बहुत ज़्यादा बढ़ जाती है. इसलिए अगर सूखी खांसी तीन हफ्ते से ज्यादा समय तक बनी रहे, तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं.

कफ सिरप से ठीक होगी सूखी खांसी?
हमारे देश में खांसी को गंभीरता से नहीं लिया जाता. बहुत लोगों को लगता है कि खांसी का इलाज सिर्फ कफ सिरप से हो जाएगा. इसी वजह से सांस से जुड़ी बीमारियों के कई मरीज़ डॉक्टर के पास देर से पहुंचते हैं. वो कफ सिरप पीकर खांसी व दूसरे लक्षणों को दबाते रहते हैं.
अगर खांसी हो रही है, तो सीधे केमिस्ट की दुकान से ओवर-द-काउंटर कफ सिरप लेकर पीना सही नहीं है. इससे खांसी कुछ समय के लिए दब सकती है, लेकिन असली समस्या खत्म नहीं होती. इसलिए अपने आप कोई भी दवा या कफ सिरप नहीं लेना चाहिए. डॉक्टर की सलाह के बिना कोई भी कफ सिरप लेना सेफ नहीं है.
सूखी खांसी ठीक करने के घरेलू नुस्खे
- कुछ घरेलू नुस्खे आज़माए जा सकते हैं.
- जैसे गर्म पानी पीना, गुनगुने पानी से गरारे करना.
- तुलसी, शहद और अदरक का पानी या काढ़ा बनाकर पीना.
अगर आपको या आपके घर में किसी को 3 हफ्ते से ज़्यादा खांसी आ रही है. चाहे वो सूखी हो या बलगम वाली. तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं. क्योंकि ये किसी गंभीर बीमारी से जुड़ा हो सकता है.
(यहां बताई गई बातें, इलाज के तरीके और खुराक की जो सलाह दी जाती है, वो विशेषज्ञों के अनुभव पर आधारित है. किसी भी सलाह को अमल में लाने से पहले अपने डॉक्टर से ज़रूर पूछें. दी लल्लनटॉप आपको अपने आप दवाइयां लेने की सलाह नहीं देता.)
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