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लोकसभा चुनाव के पहले चरण के 'बाद' VVPAT से पर्चियां 'चुराने' के दावे का सच

इसे शेयर करते हुए दावा किया जा रहा कि वीडियो ‘19 अप्रैल’ को हुए पहले चरण के चुनाव का है.

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पहले चरण के चुनाव के बाद EVM से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है. (तस्वीर:सोशल मीडिया)
दावा:

देश में चल रहे लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Elections 2024) के बीच सुप्रीम कोर्ट में EVM और VVPAT को लेकर बहस हो रही है. मामला EVM के डेटा से VVPAT पर्चियों के 100 फीसदी मिलान की मांग से जुड़ा है. इसी दौरान सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ लोग VVPAT मशीनों से पर्चियां निकालते दिखाई दे रहे हैं. इसे शेयर करते हुए दावा किया जा रहा कि वीडियो ‘19 अप्रैल’ को हुए पहले चरण के चुनाव का है.

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इंस्टाग्राम पर ‘the voice of all nations’ नाम के एक पेज ने वायरल वीडियो को शेयर करते हुए लिखा, “खुलेआम लोकतंत्र की हत्या होते हुए.”

EVM से जुड़े वायरल वीडियो का स्क्रीनशॉट. 

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मौसम खान ने वायरल वीडियो शेयर करते हुए लिखा,

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“19 तारीख में जो चुनाव हुआ, उसके बाद EVM जहां फुल सिक्योरिटी में रखी जाती है वहां से VVPAT से पर्ची चुराई जा रही है और भारतीय जनता पार्टी अपनी पर्ची डलवा रही है.”

इसके अलावा वीडियो को कई यूजर्स ने हमारे पड़ताल के टिपलाइन नंबर (9899813111) पर भी भेजा है. उनका भी कहना है कि वीडियो 19 अप्रैल को हुए चुनाव का है.

पड़ताल

क्या VVPAT मशीन से पर्चियां निकाले जाने का वायरल वीडियो लोकसभा चुनाव से जुड़ा है. वीडियो के एक कीफ्रेम को रिवर्स सर्च करने पर हमें ‘एक्स’ पर दिसंबर 2022 में किए गए कई ट्वीट मिले. इनमें यही वायरल वीडियो देखा जा सकता है. यहां बताया गया है कि वीडियो गुजरात के भावनगर का है. तब गुजरात विधानसभा चुनाव के बाद इस वीडियो को शेयर करके EVM में 'धांधली' का आरोप लगाया गया था.

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तब भावनगर के जिलाधिकारी ने इन आरोपों को भ्रामक बताया था. उन्होंने ट्विटर (अब X) पर अपना जवाब दिया था जिसके मुताबिक,

“चुनाव आयोग की गाइडलाइन के अनुसार काउंटिंग खत्म होने के बाद पर्चियों को VVPAT मशीन से निकाल कर उन्हें काले रंग के लिफाफे में सील कर दिया जाता है, जिससे उनका इस्तेमाल अगले चुनाव में किया जा सके. इस पूरी प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग कराई जाती है. साथ ही इसकी एक कॉपी स्ट्रॉन्ग रूम में और दूसरी संबंधित DIO के पास रखी जाती है.”

भारतीय चुनाव आयोग ने भी ट्वीट कर वीडियो के साथ किए जा रहे दावे को भ्रामक बताया है. Election Commission of India के हैंडल से 23 अप्रैल को किए गए ट्वीट के अनुसार,

"सोशल मीडिया पर लोकसभा चुनाव का बताकर यह वीडियो शेयर किया जा रहा है. जहां EVM और VVPAT पर्चियों के छेड़छाड़ का दावा किया जा रहा. यह दावा पूरी तरह झूठ और निराधार है. वीडियो पुराना है और यह चुनाव आयोग की गाइडलाइन के अनुसार गिनती के बाद की प्रक्रिया है. जिसे डीईओ भावनगर ने 15 दिसंबर, 2022 को पहले ही स्पष्ट कर दिया है.”

मतगणना पूरी होने के बाद VVPAT से पर्चियों को निकाल कर अलग करने की प्रक्रिया चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार की जाती है. यह हर चुनाव के बाद किया जाता है. इसके बारे में चुनाव आयोग की वेबसाइट पर भी विस्तार से लिखा है.

निष्कर्ष

कुल मिलाकर, VVPAT की पर्चियों से छेड़छाड़ किए जाने का दावा भ्रामक है. वायरल हो रहा वीडियो दिसंबर, 2022 का है जिसपर प्रशासन की तरफ से उस समय ही स्पष्टीकरण दिया जा चुका है. 

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