क्यूट कुत्ते, उत्पाती बिल्लियां सोशल मीडिया के फेवरेट माने जाते हैं. जैसे जानवर हम चिड़ियाघर या जंगलों में देखते हैं, सोशल मीडिया पर दिख जाएं तो उन जानवरों का और भी अलग रूप दिख जाता है. ऐसा ही एक और अजीब वीडियो दिखा, जिसमें में एक हाथी के ऊपर दो लोग एक ‘बाघ’ के साथ बैठे नजर आ रहे हैं. उनमें से एक व्यक्ति भीड़ को कंट्रोल कर रहा जबकि दूसरा व्यक्ति बाघ को ‘परेशान’ करता हुआ दिखाई दे रहा. वीडियो को शेयर करते हुए कई यूजर्स और मीडिया संस्थान इसे 'बिहार' का बता रहे हैं.
हाथी पर बाघ की लाश वाला वीडियो देख लिया तो अब 'बिहार का सच' भी जान लें
एक हाथी के ऊपर दो लोग एक ‘बाघ’ के साथ बैठे नजर आ रहे हैं. उनमें से एक व्यक्ति भीड़ को कंट्रोल कर रहा जबकि दूसरा व्यक्ति बाघ को ‘परेशान’ करता हुआ दिखाई दे रहा. वीडियो को शेयर करते हुए कई यूजर्स और मीडिया संस्थान इसे बिहार का बता रहे हैं.


‘गुरु जी अयोध्या’ नाम के एक्स पेज से वीडियो को शेयर करते हुए लिखा गया, “इ बिहार है बाबू, यहां उड़ती चिड़िया को भी हल्दी लगा देते हैं! ऐसे अदभुत नजारे बिहार में ही देखने को मिल सकते है!”

वहीं शम्भू नाम के यूजर ने वीडियो को शेयर करते हुए लिखा, “बिहार में हाथी पर बाघ को घुमाया गाया..!! इसी को बिहार कहते हैं और ये बिहार में कुछ भी संभव है ..!”
लगभग यही दावा ‘ABP News’, ‘Zee Business’ समेत कई मीडिया संस्थानों ने भी किया है, जिसमें वीडियो को बिहार का बताकर शेयर किया गया है.
पड़तालक्या वायरल वीडियो बिहार का है? क्या है वीडियो की असल सच्चाई? इसको मालूम करने के लिए बहुत ज्यादा मशक्कत नहीं करनी पड़ी. कई यूजर्स ने वायरल वीडियो के कॉमेंट सेक्शन में लिखकर बताया की वीडियो उत्तराखंड का है. उससे मदद लेते हुए हमने अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कीवर्ड सर्च किए. हमें ‘Indian_Wildlifess’ के इंस्टाग्राम पेज पर भी ये वीडियो मिला. यहां दी गई जानकारी के मुताबिक, वीडियो उत्तराखंड का ही है और 13 साल पुराना है. जहां के सुंदरखाल में एक बाघ ने छह लोगों की जान ले ली थी.
इसके साथ ही पोस्ट में वीडियो का क्रेडिट ‘

थोड़ी और खोजबीन करने पर हमें ‘इंडिया टुडे’ की वेबसाइट पर 28 जनवरी, 2011 को छपी एक रिपोर्ट मिली. इसमें वायरल वीडियो का स्क्रीनग्रैब भी मौजूद है. यानी वीडियो के एक हिस्से की फोटो छपी है. रिपोर्ट के मुताबिक, यह घटना उत्तराखंड के जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क की है जहां के एक नर बाघ को रामनगर डिवीजन में वन रक्षकों ने गोली मार दी थी.
बाघ ने इलाके में आंतक मचा रखा था. तीन महीने से उसकी तलाशी की जा रही थी. इसी सर्च ऑपरेशन के दौरान वो अधिकारियों को सुंदरखाल क्षेत्र में मिला, जहां उसकी गोली मार दी गई थी. आदमखोर बाघ के मारे जाने की सूचना मिलने पर क्षेत्र के लोगों ने खुशी मनाई और उसके शव को हाथी पर बिठाकर सार्वजनिक प्रदर्शन किया था.
नतीजाकुल मिलाकर, हमारी पड़ताल में वायरल दावा भ्रामक निकला. उत्तराखंड की 13 साल पुरानी घटना को हालिया बताकर और बिहार से जोड़कर भ्रामक दावे के साथ शेयर किया गया है.
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