बांग्लादेश से बीते दिनों लगातार अल्पसंख्यकों खासकर हिंदुओं के मारे जाने की खबर के बीच एक वीडियो वायरल है. वीडियो में एक व्यक्ति बिल्डिंग पर लगे हरे रंग का झंडा निकाल कर फेंक देता है. और भगवान हनुमान की फोटो वाला एक भगवा झंडा लगा देता है. वहां मौजूद लोग इस घटना का वीडियो बनाते हुए देखे जा सकते हैं. उनमें से कुछ लोगों के हाथों में भगवा झंडे और भारत का झंडा भी नज़र आ रहा है. वीडियो को शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि बजरंग दल ने बांग्लादेश पहुंचकर भगवा झंडा लहरा दिया.
बांग्लादेश में घुसकर बजरंग दल ने लहराया भगवा झंडा? वीडियो की सच्चाई जान लें
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में एक व्यक्ति बिल्डिंग पर लगे हरे रंग का झंडा निकाल कर फेंक देता है. उसकी जगह एक भगवा झंडा लगा देता है. दावा किया जा रहा है कि बजरंग दल ने बांग्लादेश पहुंचकर भगवा झंडा लहरा दिया.


दीपक पंडित नाम के यूज़र ने वायरल वीडियो को शेयर करते हुए लिखा, "बजरंग दल के शेर बांग्लादेश में घुसे , हिन्दुओं की सुरक्षा के लिए बड़ा एलान."

वीडियो को कई अन्य यूजर्स इसी दावे के साथ शेयर किए हैं जिनके पोस्ट आप यहां देख सकते हैं.
क्या है सच्चाई? क्या वीडियो बांग्लादेश का है? वीडियो में दुकानों पर लगे बोर्ड पर लिखे शब्द को ध्यान से देखने पर एक पैटर्न समझ आया. दायां हिस्सा, बाईं तरफ दिख रहा है. वीडियो को फिल्प करके देखने पर समझ आया कि दुकानों का नाम उड़िया भाषा में लिखा है. इन दुकानों का नाम गूगल मैप पर खोजा गया तो मालूम पड़ा कि ये ओडिशा के कटक शहर में जेल रोड पर स्थित एक दुकान है. वायरल वीडियो में नज़र आ रही दुकाने एकदम वैसे ही हैं जैसा वायरल वीडियो में नज़र आ रहा है.

यानी वीडियो भारत के ओडिशा का है. बांग्लादेश का नहीं.
तो ओडिशा की ये घटना क्या थी? वायरल वीडियो के कुछ कीफ्रेम्स सर्च करने पर हमें वीडियो popinions.in नाम के एक इंंस्टाग्राम पेज पर मिला. 6 अक्टूबर 2025 को अपलोड किए गए वीडियो में बताया गया है कि ये ओडिशा के कटक का है. जहां 3 अक्टूबर की रात दुर्गा पूजा मूर्ति विसर्जन जुलूस के वक्त हिंसा भड़क उठी. प्रशासन ने इसके बाद 24 घंटे का इंटरनेट बैन लगा दिया.
इस घटना के बारे में कई न्यूज वेबसाइट पर भी खबर छपी है. ‘द हिंदू’ की वेबसाइट पर 6 अक्टूबर को छपी एक रिपोर्ट में बताया गया है कि कटक में दुर्गा पूजा के जुलूस और विश्व हिंदू परिषद की एक रैली के दौरान दो गुटों के बीच टकराव हो गया. जिसके बाद पत्थरबाजी और फिर हिंसा हो गई. कई दुकानें जला दी गईं. हिंसा में पुलिस के 25 जवान घायल हो गए. प्रशासन ने ऐहितायत बरतने के लिए कटक के कई इलाकों में 36 घंटे का कर्फ्यू लगा दिया था.
नतीजाकुल मिलाकर, हमारी पड़ताल में ये साफ है कि ओडिशा का दो महीने पुराना वीडियो बांग्लादेश का बताकर भ्रामक दावे के साथ शेयर किया जा रहा है.
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