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अशोक गहलोत ने खालिस्तान का समर्थन किया? अमृतपल पर आखिर कहा क्या था?

एक क्लिप शेयर करके राजस्थान के मुख्यमंत्री Ashok Gehlot को Khalistan का समर्थक बताया जा रहा है.

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राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की एक क्लिप वायरल है. (तस्वीर: PTI, तस्वीर: ट्विटर@cutepreetiji)
दावा:

राजस्थान विधानसभा चुनाव (Rajasthan Elections 2023) की तैयारियां तेज़ हो गई हैं. बीजेपी और कांग्रेस समेत कई अन्य दल जनता के सामने लोकलुभावन वादे करती नज़र आ रही हैं. इसी बीच राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) का एक वीडियो क्लिप वायरल है. इसमें वे ये कहते नज़र आ रहे हैं, “अमृतपाल कह रहा है कि ये अगर हिंदू राष्ट्र की मांग कर रहे हैं तो मैं क्यों न खालिस्तान की बात करूं.” 

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सीएम गहलोत के एक बयान का ये हिस्सा शेयर करके उनको ‘खालिस्तान (Khalistan) का समर्थक’ बताया जा रहा है.

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक यूजर ने वायरल वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “सुनो एक बार गहलोत साहब का खालिस्तान प्रेम.”

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(ट्वीट का आर्काइव लिंक यहां देखा जा सकता है.)

इसी तरह के दावे कई अन्य यूजर्स ने भी वायरल वीडियो को शेयर करके किए हैं.

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पड़ताल

‘दी लल्लनटॉप’ की पड़ताल में अशोक गहलोत को खालिस्तान समर्थक बताए जाने का दावा भ्रामक निकला.

वायरल क्लिप की सच्चाई जानने के लिए हमने कुछ कीवर्ड्स को गूगल पर सर्च किए. हमें ‘आजतक’ की वेबसाइट पर 31 मार्च को छपी एक रिपोर्ट मिली. इसके अनुसार, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अमृतपाल पर निशाना साधते हुए कहा था, "हिंदू राष्ट्र की मांग करना गलत है… जिस तरह से आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत हिंदू राष्ट्र की मांग उठाते हैं, उसी तरह अमृतपाल सिंह खालिस्तान की डिमांड कर रहा है."

हमें ‘दैनिक भास्कर’ की वेबसाइट पर 31 मार्च को छपी एक रिपोर्ट मिली. इसमें वायरल वीडियो क्लिप का लंबा वर्जन मिला. इसमें बताया गया है कि अशोक गहलोत राजस्थान के भरतपुर में एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे. वहां पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए वो कहते हैं, 

“अमृतपाल सिंह कह रहा है कि अगर ये (RSS) हिंदू राष्ट्र की बात कर रहें, तो मैं क्यों न खालिस्तान की बात करूं. यह कितनी सटीक बात उसने कही है, यह मुल्क के लिए बड़ी खतरनाक बात है. इतिहास में पहली बार किसी ने बोला है कि हिंदू राष्ट्र की बात करनी है तो क्यों न करूं. कल को दक्षिण भारत के लोग भी बोलने लग जाएंगे. दक्षिण में चालीस-पचाल साल पहले ऐसी आवाजें उठी थीं. हमारी नई पीढ़ी को मालूम नहीं है, हमें देश के भविष्य की चिंता करना चाहिए.”

दैनिक भास्कर की खबर का स्क्रीनशॉट

इससे साफ है कि गहलोत खालिस्तान की मांग का समर्थन नहीं कर रहे थे. उनके बयान के अधूरे हिस्से को भ्रामक तरीके से वायरल किया गया है.

बता दें, खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह ‘वारिस पंजाब दे’ का मुखिया है. इस समय अमृतपाल अपने 9 साथियों के साथ असम के डिब्रूगढ़ जेल में बंद है. उस पर एनएसए के तहत आरोप लगे हैं.

नतीजा 

कुलमिलाकर, अशोक गहलोत के अमृतपाल पर दिए गए बयान की अधूरी क्लिप को भ्रामक ढंग से शेयर किया गया है. मुख्यमंत्री गहलोत ने खालिस्तान की मांग का समर्थन नहीं किया था.

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