14 अगस्त 1947 की रात. भारत आज़ादी से चंद पलों की दूरी पर था. पहले प्रधानमंत्री Jawaharlal Nehru अपने फेमस Tryst With Destiny वाले स्पीच से देश को संबोधित करने जा रहे हैं. पूरे देश में खुशी की लहर थी. नया भारत कैसा होगा, उसके सपने बुने जा रहे थे. नई दिल्ली से कोसों दूर कर्नाटक के एक इलाके में इस खबर से कोई असर नहीं पड़ने वाला था. कर्नाटक की कोलार गोल्ड फील्ड्स में काम करने वाले मजदूरों के लिए 15 अगस्त की सुबह कोई नई रोशनी लेकर नहीं आने वाली थी. आगे की कहानी जानने के लिए देखें वीडियो-
जब अंग्रेज़ों ने लालच में सोने का रंग लाल कर दिया था, KGF से इंस्पायर्ड 'तंगलान' में क्या दिखेगा?
जब Pa Ranjith ने Yash की KGF की वजह से अपनी फिल्म पर काम रोक दिया था. फिर उन्होंने KGF के दोनों पार्ट देखे, और उन्हें एहसास हुआ कि वो एकदम कहानी दिखाने जा रहे हैं.
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