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थलपति विजय की आखिरी फिल्म 'जन नायगन' को कोर्ट ने लंबा लटका दिया!

ये सुनवाई सिंगल जज के उस फैसले के खिलाफ़ हो रही है, जहां उन्होंने फिल्म को सेंसर सर्टिफिकेट देने का आदेश दिया था.

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'जन नायगन' को करीब 500 करोड़ रुपये के बजट पर बनाया गया है.

Thalapathy Vijay स्टारर Jana Nayagan की दिक्कतें खत्म होने का नाम ही नहीं ले रही हैं. फिल्म कोर्ट-कचहरी के चक्करों में फंसी हुई है. अब इसे एक और झटका लग गया है. Madras High Court ने सेंसर बोर्ड की अपील पर फिल्म की सुनवाई पूरी कर ली. मगर अपना फ़ैसले सुरक्षित रखा है. दूसरे शब्दों में कहें तो इस विवाद पर अबतक कोई अंतिम निर्णय नहीं सुनाया गया है. इससे फिल्म की रिलीज़ एक बार फिर टल गई है. और मेकर्स को ये भी नहीं मालूम की उनकी फिल्म कब तक रिलीज़ हो पाएगी.

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लाइव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक, ये अपील सिंगल जज के उस फ़ैसले के खिलाफ़ थी, जहां कोर्ट ने मूवी को UA सर्टिफिकेट देने का आदेश दिया था. 20 जनवरी को मद्रास हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच ने इस अपील पर सुनवाई की. लेकिन कोई फ़ैसला नहीं सुनाया है. इस बेंच में चीफ जस्टिस मनिन्द्र मोहन श्रीवास्तव और जस्टिस अरुल मुरुगन शामिल थे.

'जन नायगन' के विवाद में कोर्ट ने 3 घंटे तक दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं. सेंसर बोर्ड ने कहा कि सिंगल जज ने आदेश देने से पहले बोर्ड को अपना पक्ष रखने का पूरा मौका नहीं दिया था. उन्होंने ये शिकायत की कि मेकर्स ने 6 जनवरी की उस लेटर को भी चुनौती नहीं दी, जिसमें फिल्म को रिवाइजिंग कमेटी के पास भेजने की बात कही गई थी.

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दूसरी तरफ़ 'जन नायगन' के मेकर्स ने भी अपना पक्ष रखा है. उनके मुताबिक, सेंसर बोर्ड के रीजनल ऑफिस ने फिल्म को सर्वसम्मति से UA सर्टिफिकेट देने की सिफारिश की थी. मगर बाद में उनके ही एक मेम्बर ने फिल्म के खिलाफ़ शिकायत कर दी. उनका कहना है कि अगर बाद में कोई सदस्य अपनी राय बदलता है, तब भी बहुमत का फैसला मान्य होना चाहिए. लेकिन अभी सिचुएशन ऐसी है कि माइनॉरिटी की राय को लागू किया जा रहा है, जो कि पूरी तरह गलत है.

बता दें कि 'जन नायगन' 09 जनवरी को सिनेमाघरों में रिलीज़ होने वाली थी. मगर सेंसर बोर्ड ने इसे सर्टिफिकेट नहीं दिया था. इस कारण मेकर्स मद्रास हाई कोर्ट पहुंच गए, जहां एक बार उनके पक्ष में फैसला आ भी गया था. मगर सेंसर बोर्ड की अपील के कारण उस पर दोबारा सुनवाई होने लगी. ऐसे में मेकर्स ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया. मगर उन्होंने इस केस में दखल देने से साफ़ मना कर दिया है. इस कारण बात घूम-फिरकर दोबारा मद्रास हाई कोर्ट पहुंच गई. मगर वहां भी अबतक फैसला नहीं सुनाया गया है. इसलिए थलपति विजय के करियर की आखिरी फिल्म की रिलीज़ को लेकर अनिश्चितता बरकरार है.

वीडियो: थलपति विजय की 'जन नायकन' ने रिलीज से पहले कैसे बटोरे करोड़ों रुपये?

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