The Lallantop

'जन नायगन' विवाद पर पहली बार बोले थलपति विजय, शाहरुख खान को बताया अपना इंस्पिरेशन

थलपति विजय का कहना है कि उन्हें पहले से पता था कि राजनीति में एंट्री के कारण उनकी फिल्म को निशाना बनाया जाएगा.

Advertisement
post-main-image
'जन नायगन' को 500 करोड़ रुपये के बजट पर बनाया गया है.

Thalapathy Vijay की Jana Nayagan लंबे विवादों में फंसी हुई है. जिसकी वजह से वो अब तक सिनेमाघरों में रिलीज़ नहीं हो पाई है. कोर्ट-कचहरी के चक्कर लगाते-लगाते मेकर्स को काफ़ी नुकसान हो चुका है. विजय ने अब तक इस मामले पर चुप्पी साधी हुई थी. मगर अब उन्होंने पहली बार इस मुद्दे पर अपना पक्ष रखा है. उनका कहना है कि राजनीति में उनकी एंट्री के कारण 'जन नायगन' को रिलीज़ होने से रोका जा रहा है.

Add Lallantop as a Trusted Sourcegoogle-icon
Advertisement

विजय, तमिलनाडु की तमिलगा वेत्रि कड़गम (TVK) पार्टी के फाउंडर और प्रेसिडेंट हैं. वो अब फुलटाइम राजनीति में सक्रिय हो जाएंगे. 'जन नायगन' उनके फिल्मी करियर का आखिरी प्रोजेक्ट है. हाल ही में उन्होंने NDTV से हुई बातचीत में इस मूवी पर लगी रोक को लेकर बात की थी. इस इंटरव्यू में उन्होंने कहा,

"मैंने अपना मन बना लिया है. राजनीति ही मेरा भविष्य है. मैं इस फैसले को लेकर बिल्कुल भी असमंजस में नहीं हूं. मुझे बस अपने प्रोड्यूसर के लिए बुरा लग रहा है. क्योंकि जन नायगन की देरी की वजह से उन्हें नुकसान झेलना पड़ रहा है. मुझे पहले से अंदाज़ा था कि राजनीति में आने के बाद मेरी फिल्मों को निशाना बनाया जाएगा. मैं मानसिक रूप से इसके लिए तैयार भी था."

Advertisement

विजय बताते हैं कि वो राजनीति में लंबे समय से आना चाहते थे. वो कहते हैं,

“राजनीति को लेकर मेरी लॉन्ग टर्म प्लानिंग रही है. कोविड के बाद मैंने इस पर और गंभीरता से सोचना शुरू किया. चूंकि मेरे पिता (एस ए चंद्रशेखर) पॉलिटिकल डायरेक्टर रहे हैं, इसलिए मुझे इसके लिए तैयार भी किया जाता रहा है. मैं 33 साल तक एक स्टार रहा हूं. मैंने सोच-समझकर उस पहचान को पीछे छोड़ा है. मैं राजनीति में किसी को कुछ साबित करने नहीं, बल्कि जीतने के लिए आया हूं.”

अपनी बातचीत में विजय ने शाहरुख खान का भी ज़िक्र किया. वो कहते हैं,

Advertisement

"मैं शाहरुख खान को बहुत मानता हूं. वो बहुत अच्छे वक्ता हैं. उनका अपनी बात रखने का तरीका और बोलने की कला कमाल की है. मैं उन्हें देखकर अक्सर सोचता था कि ये इंसान कितनी साफ़ और प्रभावी भाषा में अपनी बात कहता है.”

जहां तक 'जन नायगन' की बात है, फिल्म 09 जनवरी को सिनेमाघरों में रिलीज़ होने वाली थी. मगर सेंसर बोर्ड ने इसे सर्टिफिकेट ही नहीं दिया था. रोचक पहलू ये है कि बोर्ड पहले सर्वसम्मति से इस मूवी को U/A सर्टिफिकेट देने को तैयार हो गया था. मगर फिर बोर्ड के ही एक सदस्य ने इस पर आपत्ति जता दी. उनका कहना था कि ये फिल्म धार्मिक सौहार्द खराब कर सकती है. साथ ही इसमें इंडियन आर्मी का चित्रण भी गलत तरीके से किया गया है. इन शिकायतों के बाद सेंसर बोर्ड ने फिल्म को सर्टिफिकेट देने से इन्कार कर दिया.

इसके बाद मेकर्स मामला लेकर मद्रास हाई कोर्ट पहुंचे. वहां भी बात नहीं बनी. फिर उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया. मगर सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें दोबारा मद्रास हाईकोर्ट भेज दिया. इस बीच सेंसर बोर्ड ने सुप्रीम कोर्ट में एक आवेदन जमा कर दिया है. उस आवेदन में कोर्ट से अपील की गई है कि वो कोई भी फैसला लेने से पहले सेंसर बोर्ड की बात ज़रूर सुनें. ये मामला अब भी न्यायाधीन है.

वीडियो: थलपति विजय की 'जन नायगन' कोर्ट पहुंची, तो 'धुरंधर 2' का क्यों हुआ जिक्र?

Advertisement