Sunny Deol की फिल्म Gadar 2 11 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज़ हो रही है. 22 साल पहले आई Gadar उनकी सबसे बड़ी फिल्मों में से एक रही. उसके बाद अगला नंबर आता है ‘बॉर्डर’ का. दोनों फिल्मों में एक फैक्टर कॉमन था, इंडिया और पाकिस्तान का मतभेद. इस वजह से ये भी कहा जाता है कि सनी देओल की फिल्मों ने एंटी-पाकिस्तान सेंटीमेंट को भुनाने की कोशिश की और उसी से पैसा बनाया. हाल ही में सनी देओल आज तक की सीधी बात के एपिसोड में बतौर गेस्ट आए थे. वहां उन्होंने इस सवाल का जवाब दिया कि क्या ‘गदर 2’ में भी ऐसे ही सेंटीमेंट को कमर्शियली भुनाया गया है.
"क्या 'गदर 2' में एंटी-पाकिस्तान सेंटीमेंट को भुनाने की कोशिश हुई?", सनी देओल ने जवाब दे दिया
सनी ने कहा कि 'गदर' में भले ही राइटर और डायरेक्टर तारा सिंह को उस दिशा में ले जा रहे हों. लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं होने दिया.


सनी का जवाब था,
मैंने जब ‘गदर’ की थी, तो चाहे राइटर या डायरेक्टर जहां भी ले जाना चाह रहे थे, मैं उस कैरेक्टर को यहां-वहां जाने नहीं दे रहा था. क्योंकि कैरेक्टर एक इंसान है और इंसानियत हर जगह है. वो आदमी पाकिस्तानी बनने को राज़ी था. वो कुछ भी करने को राज़ी था. वो बस अपने परिवार के साथ रहना चाहता था. तारा सिंह के लिए सरहद जैसी चीज़ों का कोई मतलब नहीं.
सनी आगे कहते हैं कि विभाजन में तारा के परिवार को मार डाला गया था. उसके सिर पर भी बदले का खून सवार था. लेकिन फिर उसकी ज़िंदगी में प्यार आता है और सारा गुस्सा चला जाता है. सनी ने कहा कि दोनों देशों के लोगों में एक-दूसरे को लेकर नफरत का भाव नहीं. उन्होंने बताया कि विदेशों में उन्हें पाकिस्तानी फैन्स मिलते हैं. प्यार से मिलते हैं. उन्हें गले लगाते हैं. कुछ ऐसा ही स्टेटमेंट उन्होंने एक बार पहले भी दिया था जिसके बाद सोशल मीडिया पर उनकी ट्रोलिंग हुई. सनी ने अब कहा कि उन्हें ट्रोलिंग की परवाह नहीं. उनका कहना था कि ट्रोल करने वालों के चेहरे नहीं होते. वो कायर लोग हैं. उनका कहना था कि जनता को शांति चाहिए और अपना मतलब साधने वाले लोग उन्हें बांटते रहते हैं.
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