Ranveer Singh स्टारर Dhurandhar एक नई मुसीबत में फंस गई है. Aditya Dhar की इस फिल्म पर देश की सुरक्षा से समझौता करने के आरोप लगे हैं. एक SSB जवान ने मूवी के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में पिटीशन डाली. उनका कहना है कि ‘धुरंधर’ ने Official Secrets Act का उल्लंघन किया है. मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने केंद्र सरकार को मामले की जांच कराने के आदेश दिए हैं.
'धुरंधर 2' पर लगे देश की सुरक्षा से खिलवाड़ करने के आरोप, ज़रूरी सीक्रेट्स लीक कर दिए?
आरोप है कि फिल्म ने उस सीक्रेट ड्रग की जानकारी भी लीक कर दी, जिसे DRDO अपने यहां डेवलप कर रहा था. कोर्ट ने इस मामले में जांच के आदेश दिए हैं.


# 'धुरंधर' के खिलाफ किसने की शिकायत?
ये पिटीशन सशस्त्र सीमा बल (SSB) के हेड कॉन्स्टेबल दीपक कुमार ने फ़ाइल की है. वो अभी दिल्ली के आरके पुरम स्थित SSB हेडक्वार्टर्स में पोस्टेड हैं. लाइव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक, उनका आरोप है कि 'धुरंधर 2' ने सेना से जुड़े सीक्रेट ऑपरेशन्स की डिटेल लीक कर दी है. उनके ऐसा करने से देश की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है. मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया ने की. पिटीशन देख उन्होंने केंद्र सरकार की इन्फॉर्मेशन और ब्रॉडकास्टिंग मिनिस्ट्री और सेंसर बोर्ड को जांच के आदेश दिए हैं. साथ ही ये भी कहा कि वो अपनी तरफ से इस बाबत एक्शन भी लें.
# क्या है ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट?
हेड कॉन्स्टेबल दीपक का आरोप है कि ये फिल्म भारत के ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट (OSA) का पालन नहीं करती. 1923 का ये कानून नेशनल सिक्योरिटी के लिहाज़ से बेहद जरूरी माना जाता है. इसके तहत, अगर कोई व्यक्ति सरकार के सीक्रेट या सेंसिटिव इन्फॉर्मेशन को बगैर परमिशन शेयर, रिसीव या होल्ड करता है, तो उसे कानूनी जुर्म माना जाएगा. इसमें दोषी को 3 से 14 साल तक की जेल हो सकती है.
# क्या ‘धुरंधर 2’ ने भारत के सीक्रेट मिशन्स की जानकारी लीक की?
दीपक का कहना है कि इस फिल्म में सेना के कई टैक्टिकल प्रोसेस को सार्वजनिक कर दिया गया है. उनके मुताबिक, मूवी में ये दिखाया गया है कि भारत के अंडरकवर एजेंट दूसरे देशों में कैसे ऑपरेट करते हैं. साथ ही, वो वहां खुद को कैसे बचाकर रखते हैं, ये भी रिवील कर दिया गया. पिटीशन में फिल्म पर भारत के सीक्रेट मिशन्स की जानकारी लीक कर देने के आरोप लगे हैं. इतना ही नहीं, इसमें उस मेडिकल वेपन की जानकारी भी बता दी गई, जो DRDO अपने यहां तैयार कर रहा है. यहां उसी ड्रग की बात हो रही, जिसका इस्तेमाल कर जमील जमाली के किरदार ने दाऊद इब्राहिम को बिस्तरबंद कर दिया था.
# दिल्ली हाई कोर्ट ने क्या कहा?
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने कहा,
"ये फिल्म भले ही फिक्शन हो और सिर्फ एंटरटेनमेंट के मक़सद से बनाई गई हो, लेकिन इसके असर को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता. ये देखना ज़रूरी है कि उसमें इन मुद्दों को गंभीरता से लिया गया है या नहीं."
कोर्ट का मानना है कि इस मामले को केवल फिल्म बताकर जाने नहीं दिया जा सकता. इसलिए SSB जवान ने डिफेंस फोर्स के जिन ऑपरेशन्स और दूसरे टैकटिक्स को लेकर चिंता जताई, उसे अड्रेस किया जाना चाहिए. हालांकि दिल्ली हाई कोर्ट ने इस मामले में खुद फैसला देने की जगह केंद्र सरकार को फॉरवर्ड कर दिया है. उन्होंने इन्फॉर्मेशन और ब्रॉडकास्टिंग मिनिस्ट्री और सेंसर बोर्ड से कहा है कि वो इस मामले को एक शिकायत की तरह देखें. साथ ही इसकी जांच कर जरूरी फैसला लें.
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