एक दौर ऐसा भी रहा है जब Nawazuddin Siddiqui जैसे दर्जनभर एक्टर्स को Rajpal Yadav ने आसरा दिया था. मुफ़लिसी के दौर में कई एक्टर्स उनके घर जाकर खाना खाते थे. और आज राजपाल ख़ुद बेआसरा हो गए हैं. 9 करोड़ रुपये के चेक बाउंस वाले केस में उन्हें Tihar Jail में सरेंडर करना पड़ा है. इंडस्ट्री में इस मसले पर चर्चा भी हो रही है. लोग सहानुभूति भी जता रहे हैं. मगर मदद, नदारद है. हालांकि Sonu Sood और Lalu Prasad Yadav के बेटे Tej Pratap Yadav आगे आए हैं. लेकिन फिल्म के इंडस्ट्री के सारे दिग्गज, पीठ पलटाए बैठे हैं. 10 फरवरी को जब सीनियर एक्टर Govind Namdev The Lallantop के ख़ास कार्यक्रम Guest in the Newsroom में आए, तो उन्होंने इस मसले पर दो टूक बात की. और बॉलीवुड के चमकीले फानूसों के पीछे के गहरे अंधेरे का ज़िक्र भी खम ठोक कर किया. उन्होंने कहा,
राजपाल यादव को जेल वाले मामले में गोविंद नामदेव बोले, "बॉलीवुड में जब भी किसी का ऐसा दौर आता है, कोई साथ नहीं देता"
गोविंद नामदेव ने कहा कि 9 करोड़ की मदद कोई भी एक्टर कर सकता था, मगर बॉलीवुड की हवा ही ऐसी है. यहां मदद करने के संस्कार नहीं हैं.
.webp?width=360)

"मैंने हमेशा ये देखा है कि बॉलीवुड में जब इस तरह की कोई घटना होती है, किसी का ऐसा दौर आता है, तो लोग साथ नहीं देते. ये बात मैं कन्फर्म करता हूं. ऐसा ही होता रहा है, और ऐसा ही होता रहेगा आगे भी. बहुत मुश्किलों में भी लोग आपका साथ नहीं देते."
9 करोड़ रुपये, बड़े और स्थापित एक्टर्स के लिए उतनी बड़ी बात नहीं है. कोई भी ये रकम उन्हें मदद या उधार के तौर पर दे सकता था. लेकिन ऐसा नहीं हुआ. इस पर गोविंद नामदेव ने कहा,
“हां, बिल्कुल. मैं कह रहा हूं ना. मगर उसके पीछे सोच होती है. उसके पीछे संस्कार होते हैं. जिनमें मदद करने के संस्कार नहीं हैं... ये इंडस्ट्री की हवा ही ऐसी है, कि आदमी को वैसा बना देती है. आदमी संस्कारित होकर ही आता है, जहां से वो बॉम्बे आता है. लेकिन यहां की हवा शायद उनको ऐसा बना देती है.”
राजपाल यादव से अपने मधुर सम्बंध को याद करते हुए गोविंद नामदेव भावुक हो गए. चेहरे पर दर्द और आवाज़ में पीड़ा उतर आई. किसी तरह आंखों की नमी को संभालते हुए उन्होंने कहा,
“राजपाल के साथ जो भी हुआ, मैं तो साक्षी हूं उसका. वो अनायास ही बुरे वक्त में फंस गए. बहुत दु:खद है. इतना प्यारा इंसान है वो जिसका कोई मुक़ाबला नहीं. लेकिन होता है लाइफ़ में, कई बार इस तरह की चीजें हो जाती हैं. अब ये उन्होंने एक्सेप्ट कर लिया है, तो ठीक है. अब उनकी आगे की लाइफ़ और बेहतर होगी, ऐसा मैं मानता हूं.”
सरेंडर का फैसला होने के बाद न्यूज X को दिए बयान में राजपाल ने रोते हुए कहा,
“सर, क्या करूं? मेरे पास पैसे नहीं हैं. और कोई उपाय भी नहीं दिखता. यहां हम सब अकेले हैं. कोई दोस्त नहीं हैं. मुझे इस मुसीबत का सामना खुद ही करना पड़ेगा.”
# इस तरह करोड़ों के कर्ज़ में डूबे राजपाल यादव
दरअसल, साल 2010 में राजपाल बतौर डायरेक्टर एक फिल्म बनाना चाहते थे. फिल्म का नाम था 'अता पता लापता'. ये फिल्म बनाने के लिए राजपाल ने दिल्ली बेस्ड कंपनी- मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से 5 करोड़ रुपये का लोन लिया था. ये कर्ज़ उन्होंने इस भरोसे के साथ लिया था कि वो सूद समेत 8 करोड़ रुपये लौटा देंगे. 2012 में ‘अता पता लापता’ रिलीज़ तो हुई, मगर चली नहीं. 5 करोड़ में बनी इस फिल्म ने मात्र 38 लाख रुपये का कलेक्शन किया. राजपाल पर बड़ा कर्ज़ आ गया. उन्होंने मुरली प्रोजेक्ट्स को जो सात चेक दिए, वो बाउंस हो गए. और लोन देने वाला पक्ष कोर्ट जा पहुंचा. 2013 में राजपाल यादव को कुछ दिनों के लिए जेल जाना पड़ा था. अक्टूबर 2025 में उन्होंने 75 लाख रुपये जमा किए, और जनवरी 2026 में पूरे पैसे लौटाने का वादा किया. मगर वादा पूरा नहीं किया. तब कोर्ट ने उन्हें तिहाड़ जेल में सरेंडर करने का आदेश दे दिया.
बहरहाल, गोविंद नामदेव के बॉडी ऑफ वर्क की बात करें, तो उन्होंने दिलीप कुमार स्टारर ‘सौदाग़र’ से फिल्मी करियर की शुरुआत की. उनकी फिल्मोग्राफ़ी में ‘बैंडिट क्वीन’, ‘विरासत’, ‘वॉन्टेड’ और ‘ओ माय गॉड’ जैसी फिल्में भी शामिल हैं. हालांकि एक्टिंग की शुरुआत उन्होंने बॉलीवुड में आने से पहले ही कर दी थी. वो नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा से पढ़े हुए हैं. और हिंदी थिएटर में समृद्ध काम किया है. धर्मवीर भारती के नाटक ‘अंधायुग’ में अश्वत्थामा के पात्र को उन्होंने जिस ओज के साथ मंच पर खेला, वो एक बेंचमार्क बन गया. दी लल्लनटॉप ने उनसे दीगर मसलों पर दिलखुलास गुफ्तगू की है. जल्द ही उनका पूरा इंटरव्यू आप हमारे यूट्यूब चैनल और वेबसाइट पर देख-सुन सकेंगे.
वीडियो: राजपाल यादव को हुई जेल, ये फिल्म बनी वजह


















.webp?width=120)
