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माइकल बी जॉर्डन- वो लड़का जिसे मां डॉक्टर के पास ले गई और एक्टर बना दिया

माइकल बी जॉर्डन को इस साल 'सिनर्स' के लिए बेस्ट एक्टर का ऑस्कर मिला है. 'द सोप्रानोज़' से लेकर 'सिनर्स' तक की उनकी पूरी कहानी.

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माइकल बी जॉर्डन प्रीमियर लीग में AFC Bournemouth क्लब के को-ओनर भी हैं.

Oscar 2026 के मंच पर स्पीच देते हुए Michael B Jordan की आंखें भर आईं. एक पल को लगा कि Sinners के लिए Best Actor का ऑस्कर थामे ये शख्स अब फूट पड़ेगा. मगर माइकल रुके, खुद को संभाला और रुंधे हुए गला से कहा- I’m gonna keep stepping up. माइकल के इस एक वाक्य में उनकी पूरी फिल्म यात्रा छिपी है. वो यात्रा, जो 26 साल पहले The Sopranos के बैकग्राउंड में नज़र आए एक 12 साल के लड़के को आज ऑस्कर के मंच पर ले आई है.

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माइकल बी जॉर्डन के नाम में 'बी' का फुलफॉर्म है ‘बकारी’. ईस्ट अफ्रीकन भाषा स्वाहिली में इसका मतलब होता है ‘उज्ज्वल भविष्य वाला’. माइकल को ये मिडल नेम उनकी मां डोना डेविस जॉर्डन ने दिया था. इस भरोसे के साथ कि उनका बेटा दुनिया में उनका नाम रोशन करेगा. ऑस्कर जीतते ही माइकल ने सामने बैठी अपनी मां को देखा और खिलखिलाते हुए कहा- "कैसी हो मां?"  

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माइकल का जन्म 09 फरवरी, 1987 को अमेरिका के कैलिफॉर्निया स्थित सैंटा एना शहर में हुआ था. हालांकि उनका ज्यादातर बचपन न्यू जर्सी के नेवार्क शहर में बीता है. माइकल बी जॉर्डन के पिता माइकल ए जॉर्डन पहले कैटरिंग का काम करते थे. मां डोना जॉर्डन एक स्कूल काउंसलर थीं. परिवार में उनसे बड़ी एक बहन और एक छोटा भाई भी है, जिनका ज़िक्र उन्होंने अपने ऑस्कर विनिंग स्पीच में भी किया. एक मिडल क्लास परिवार होने की वजह से तब घर में बहुत पैसे नहीं होते थे. मगर माइकल ने फिर भी अपने सपनों से समझौता नहीं किया. उन दिनों वो बास्केटबॉल खेलते थे. वहां कई लोग उनकी स्किल्स देख उनकी तुलना बास्केटबॉल लेजेंड माइकल जॉर्डन से करते थे. हालांकि इस तुलना में बड़ा योगदान दोनों के मिलते-जुलते नाम का था. काम का नहीं.

मज़ेदार बात ये है कि जिस माइकल को आज दुनिया सबसे बेहतरीन एक्टर के ऑस्कर के साथ देख रही है, वो कभी एक्टर बनना भी नहीं चाहते थे. फिल्मों में आने से पहले उन्होंने मॉडलिंग किया. ये काम भी उनके हिस्से अपने आप आया. कम-से-कम वो खुद तो ऐसा ही मानते हैं. दरअसल, 10-11 साल के माइकल एक बार अपनी मां के साथ एक डॉक्टर के पास गए थे. उसी दौरान उनकी मुलाकात एक ऐसे शख्स से हुई, जिनके बच्चे मॉडलिंग करते थे. ऐसे में डोना के मन में भी एक आइडिया आया. हर मां की तरह उन्हें भी लगा कि जब इसका बच्चा मॉडल बन सकता है, तो मेरा क्यों नहीं? बस इसी भरोसे के साथ वो माइकल को एक ऑडिशन में लेकर गईं, जहां उन्हें एक ऐड फिल्म में काम मिल गया.  

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माइकल बी जॉर्डन और उनकी मां डोना जॉर्डन.

इसके बाद माइकल ने बैक टु बैक कई विज्ञापन कर डाले. इनमें Modell’s Sporting Goods और Toys ‘R’ US जैसी कंपनियों के ऐड्स शामिल थे. उन्हीं ऐड्स की वजह से उनको 1999 में CBS के सिटकॉम Cosby में एक छोटा-सा रोल मिला. तीसरे सीजन के 17वें एपिसोड The Vesey Method में उनके किरदार को माइकल नाम से ही इंट्रोड्यूस किया गया था. उसी साल 12 बरस की उम्र में उनके हाथ लगा कल्ट टीवी शो- The Sopranos. पहले सीजन के 7वें एपिसोड- Down Neck में वो दो अन्य लड़कों के साथ एक टीनएज बुली के रोल में नज़र आए थे. शो में उनका किरदार टोनी सोप्रानो के यंग वर्जन को परेशान करता है. छोटा-सा रोल था. किसी को याद भी नहीं होगा. मगर माइकल इससे मोटिवेट हो गए. उन्हें समझ आया कि एक्टिंग उनके लिए भी एक अच्छा करियर ऑप्शन हो सकता है.

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Sopranos में माइकल जॉर्डन (बीच).

साल 2001 में माइकल ने 14 साल की उम्र में अपना फिल्म डेब्यू किया. Hardball नाम की इस फिल्म में कियानू रीव्स लीड रोल कर रहे थे. डायरेक्टर ब्रायन रॉबिन्स के मुताबिक, माइकल का ऑडिशन इतना शानदार था कि उन्हें फिल्म से बाहर नहीं रखा जा सकता था. इस मूवी में उन्होंने एक यंग बेसबॉल प्लेयर का किरदार निभाया था. जिसे कियानू का किरदार ट्रेनिंग देता है. हालांकि कास्टिंग डायरेक्टर्स ने उन्हें 2002 में आए HBO के 'द वायर' शो के बाद ही सीरियसली लेना शुरू किया. पहले सीजन के 12 एपिसोड्स में उन्होंने वॉलेस नाम के एक 16 वर्षीय ड्रग डीलर का किरदार निभाया था. लोग माइकल को उन दिनों इस शो की जान बताते थे. क्रिटिक्स ने भी उनकी एक्टिंग को खूब पसंद किया. कहा जाता है कि आज माइकल जो कुछ भी हैं, उनमें सबसे बड़ा योगदान इसी शो का है.

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‘हार्डबॉल’ में कियानू रीव्स और माइकल बी जॉर्डन (दाएं).

उन दिनों उनकी मां डोना अक्सर 'द वायर' के सेट पर आया करती थीं. लेकिन जब इसमें माइकल का काम खत्म होने वाला था, तब उन्होंने डोना को रोकना शुरू कर दिया. दरअसल, शो में उनके किरदार की गोली मारकर हत्या कर दी जाती है. इसलिए उन्हें डर था कि ये चीज़ कहीं उनकी मां को परेशान न कर दे. उनके मना करने के बावजूद डोना सेट पर पहुंच गईं. माइकल को भी मन मारकर शूटिंग जारी रखनी पड़ी. कैमरा चालू हुआ. सभी एक्टर्स शूटिंग करने लगे. मगर डायरेक्टर को बार-बार कट बोलना पड़ रहा था. ऐसा इसलिए क्योंकि बेटे की मौत वाली सीन पर डोना दहाड़ मारकर रोने लग पड़ती थीं. तंग आकर माइकल ने सेट पर मौजूद लोगों से कहा कि वो उनकी मां को वहां से बाहर ले जाएं. डोना के बाहर जाने के बाद ही उनका डेथ सीन शूट हो पाया था.

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‘द वायर’ में माइकल जॉर्डन.

'द वायर' के बाद उन्हें काम तो मिले, मगर वो ऐसे नहीं थे कि जिससे माइकल को संतुष्टि मिले. 2003 से 2013 के बीच उन्होंने 'ऑल माय चिल्ड्रन', 'CSI: क्राइम सीन इंवेस्टिगेशन', 'विदआउट अ ट्रेस', 'फ्राइडे नाइट लाइट्स', रेड टेल्स' और 'क्रॉनिकल' जैसे प्रोजेक्ट्स में काम किया. मगर 2013 में उनके हाथ आया ‘फ्रूटवेल स्टेशन’ (Fruitvale Station). ये रायन कूगलर के साथ साथ उनका पहला कोलैबोरेशन था. उन्हीं रायन के साथ, जिन्होंने 'सिनर्स' डायरेक्ट की है. फिल्म में माइकल की परफॉर्मेंस की खूब तारीफ हुई. इतनी कि माइकल की तुलना लोग डेन्ज़ल वॉशिंगटन से करने लगे.

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Fruitvale Station के दौरान रायन कूगलर और माइकल बी जॉर्डन.

हालांकि माइकल को दुनियाभर में पॉपुलर करने के पीछे मार्वल की 'ब्लैक पैंथर' मूवी का सबसे बड़ा हाथ था. इसे भी रायन कूगलर ने ही डायरेक्ट किया था. फिल्म में उन्होंने किलमौंगर का किरदार निभाया था. उसे आप फिल्म का विलन या एंटी हीरो कह सकते हैं. मूवी में उनके स्टाइल और एटिट्यूड को लोगों ने इतना पसंद किया कि वो फैन फेवरेट बन गए. मगर खास बात ये है कि वो इससे पहले एक सुपरहीरो फिल्म कर चुके थे. दरअसल 2015 में वो 'फैन्टेस्टिक फोर' में ह्यूमन टॉर्च के रोल में नज़र आए थे. वही रोल, जो बाद में क्रिस एवंस ने निभाया. मगर माइकल वाली फिल्म बुरी तरह पिट गई. उन्हें तो एंड्रयू गारफील्ड की 'द अमेज़िंग स्पाइडरमैन 2' में हैरी ऑसबॉर्न के किरदार के लिए भी कंसिदर किया गया था. साथ ही वो 'कैप्टन अमेरिका: द विंटर सोल्जर' में सैम विल्सन यानी फाल्कन वाले रोल के लिए भी रेस में थे. मगर दोनों ही किरदार उनके हाथ से निकल गए. बता दें कि सैम विल्सन ही मौजूद समय में मार्वल फिल्मों में कैप्टन अमेरिका बनते हैं.

मगर सुपरहीरो रोल्स मिस होने जाने के बावजूद माइकल रुके नहीं. उन्होंने 2015 में रायन कूगलर के डायरेक्शन में बनी फिल्म 'क्रीड' में काम किया. ये सिलवेस्टर स्टेलॉन स्टारर ‘रॉकी’ की स्पिन-ऑफ फिल्म थी. 2019 में वो सीरियस लीगल ड्रामा 'जस्ट मर्सी' में नज़र आए. 2023 में उन्होंने 'क्रीड 3' बनाई. इसमें उन्होंने एक्टिंग करने के साथ इसे डायरेक्ट भी किया था. इस बीच उन्होंने NBA 2K17,  Fahrenheit 451, Without Remorse और 'ब्लैक पैंथर: वकांडा फॉरएवर' जैसी फिल्मों में भी काम किया. वो फ़िलहाल सुपरमैन के ब्लैक वर्जन Val-Zod की HBO सीरीज़ पर काम कर रहे हैं. चर्चा है कि वो विल स्मिथ के साथ 'आई एम लीजेंड' के सीक्वल पर भी काम शुरू करने वाले हैं.

माइकल की एक्टिंग को दुनिया के सामने लाने का श्रेय रायन कूगलर को जाता है. दोनों ने साथ में अब तक पांच फिल्में की हैं. इनमें ‘फ्रूटवेल स्टेशन’, क्रीड, 'ब्लैक पैंथर', 'वकांडा फॉरएवर' और 'सिनर्स' शामिल हैं. खास बात ये है कि 2026 के ऑस्कर में माइकल बी जॉर्डन और रायन कूगलर, दोनों ने ही अपने करियर का पहला ऑस्कर जीता है. माइकल ने ‘सिनर्स’ में Smoke और Stake नाम के दो जुड़वा भाइयों का रोल किया है. जो कि गैंगस्टर की ज़िंदगी छोड़कर अपने शहर में एक जूक जॉइंट खोलना चाहते हैं. पहले वो डबल रोल करने को लेकर कॉन्फिडेंट नहीं थे. उन्हें आइडिया नहीं था कि वो इन दोनों भाइयों को अलग तरीके से कैसे प्ले करेंगे. वो क्या चीज़ें होंगी, जो उन्हें एक-दूसरे से अलग करेंगी. 

माइकल के गालों पर नैचुरली डिम्पल पड़ते हैं. मगर उन्होंने दोनों भाइयों के किरदार में फ़र्क लाने के लिए चेहरे का हाव-भाव हल्का बदल दिया. उससे एक के गाल पर डिम्पल नज़र आते मगर दूसरे के नहीं. साथ ही उन्होंने दोनों के चलने-फिरने के स्टाइल पर भी काम किया है. बेस्ट एक्टर कैटेगरी में उनका मुकाबला 'वन बैटल आफ्टर अनअदर' के लियोनार्डो डि कैप्रियो और 'मार्टी सुप्रीम' के टिमथी शैलमे जैसे एक्टर्स से था. मुकाबला कड़ा था. बावजूद इसके, फैसला माइकल के पक्ष में गया. वो पिछले 50 सालों में पहले ऐसे एक्टर बने, जिन्हें ट्विन्स का रोल करने के लिए ऑस्कर मिला हो.

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