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करण जौहर बोले सिनेमाघर जाना बहुत महंगा हो गया, मल्टीप्लेक्स वालों ने दौड़ा लिया

Karan Johar ने कहा कि कोरोना के पहले जहां लोग एक साल में थिएटर्स जाकर 6-8 फिल्में देखते थे लेकिन पेनडेमिक के बाद वो सिर्फ 2-3 फिल्में ही थिएटर्स में देखने जाते हैं.

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करण जौहर ने कहा कि आम इंसान अपने परिवार के साथ थिएटर्स में जाना अफोर्ड नहीं कर पा रहा है.

Karan Johar. जाने-माने फिल्ममेकर और प्रोड्यूसर हैं. मगर अपनी फिल्मों से ज़्यादा वो अपने बयानों को लेकर चर्चा में रहते हैं. हाल ही में उन्होंने ऐसा ही एक बयान दिया है. जिसके बाद सिनेमाघरों के मालिक और मल्टीप्लेक्स के ओनर्स करण के पीछे पड़ गए हैं. करण ने अपने बयान में कहा कि आज कल एक नॉर्मल इंसान के लिए सिनेमाघर जाना बहुत महंगा हो गया है. करण ने आज कल के एक्सपेंसिव मूवी थिएटर्स और वहां के महंगे खाने पर टिप्पणी की है. जिसके बाद थिएटर्स के मालिक उन पर भड़क गए हैं.

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दरअसल, पिछले दिनों करण जौहर द हॉलीवुड रिपोर्टर इंडिया में पहुंचे थे. यहां डायरेक्टर्स के राउंड टेबल इंटरव्यू में उन्होंने फिल्मों और थिएटर्स में फिल्म देखने के एक्सपीरिएंस पर बात की. करण ने कहा कि कोरोना के पहले जहां लोग एक साल में थिएटर्स जाकर 6-8 फिल्में देखते थे वहीं पेनडेमिक के बाद वो सिर्फ 2-3 फिल्में ही थिएटर्स में देखने जाते हैं. वो भी जो उन्हें बहुत कैची लगती है. करण कहते हैं -

''कई बार फैमिली मुझसे कहती है कि हम दो-से तीन फिल्में ही थिएटर्स में देखने जाते हैं. क्योंकि हम सिनेमाघरों में फिल्म देखना अफोर्ड ही नहीं कर पाते. क्योंकि अगर हमारे बच्चे पॉपकॉर्न या कुछ खाने को मांगते हैं तो हमें उन्हें मना करना अच्छा नहीं लगता. तो इसलिए हम थिएटर की जगह होटल चले जाते हैं. जहां हमें टिकट नहीं खरीदनी पड़ती हम सिर्फ खाने का पैसा देते हैं.''

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करण ने कहा,

''आज के लोग थिएटर के अंदर के खाने को अफोर्ड ही नहीं कर पा रहे हैं. अगर चार लोगों के परिवार की बात करें. जिसमें मां-बाप और दो बच्चे हैं तो उनके थिएटर के अंदर जाने का खर्चा आज के समय का करीब 10 हज़ार रुपए पड़ता है, और हो सकता है इतना पैसा उनके बजट को ही हिला दे. इसे बदलना होगा क्योंकि लोग सिनेमाहॉल्स जाना चाहते हैं.''

अब करण के इस बयान के बाद मल्टीप्लेक्स वालों ने इसका जवाब दिया है. मल्टीप्लेक्स असोसिएशन ऑफ इंडिया का कहना है कि चार लोगों का परिवार अगर किसी फिल्म को देखने सिनेमाघर जाता है तो उनका खर्चा सिर्फ 1,560 रुपये के आस-पास होता है. इसमें थिएटर के अंदर खाना और कोल्डड्रिंक्स वगैरह का खर्च मिला हुआ है.

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The WhatUp के मुताबिक मल्टीप्लेक्स असोसिएशन का कहना है कि पिछले साल यानी 2023 में इंडिया के सभी सिनेमाघरों में टिकट के दाम एवरेज 130 रुपये के आस-पास थे. प्रीमियर सिनेमा में ये टिकट 258 रुपये के बिक रहे थे. खाने-पीने की बात करें तो एक आदमी पर औसत 132 रुपये का खर्च आता है. इस पूरे हिसाब से खर्चा जोड़ें तो एक चार लोगों के परिवार पर एक बार में करीब 1,560 रुपये का खर्चा आता है.

वहीं लोगों का कहना है कि करण जौहर ने बहुत हद तक सही कहा है. एक आदमी के ऊपर करीब 800 से एक हज़ार का खर्च आता है. वहीं एक और शख्स ने सिनेमा एसोसिएशन को सुनाते हुए लिखा कि 130 रुपये में तो ये मूवी का ट्रेलर भी ना दिखाएं. एक ने करण जौहर की बात को सही ठहराया. कहा 10 हज़ार तो भले नहीं लेकिन एक परिवार के लिए 3 से 4 हज़ार का खर्च ज़रूर आता है. एक ने तो इस खर्च को बचाने का रास्ता तक सुझा दिया. कहा ये मल्टीप्लेक्स वाले अगर थिएटर में अपने साथ खाना ले जाने दें तो सारी झंझट ही खत्म.

ख़ैर, आपका इस मुद्दे पर क्या कहना है हमें कॉमेंट बॉक्स में ज़रूर बताएं. 

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