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सीरीज़ रिव्यू: हाउस ऑफ द ड्रैगन एपिसोड 4

ये एपिसोड अब तक का सबसे अच्छा एपिसोड है. ट्रीटमेंट और नरेटिव के मामले में एक नंबर.

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इस एपिसोड में मैरिज का राजनीतिकरण किया गया है

हाउस ऑफ द ड्रैगन के तीन एपिसोड आ चुके थे. पहले में सेट किया गया कहानी के लिए माहौल. दूसरे में युद्ध का भय, तनाव और तीसरे एपिसोड में हमने देखा युद्ध. चौथा भी सोमवार को रिलीज़ हुआ. पर इसमें ना युद्ध है, ना ही युद्ध का पूर्वाभास. देखते हैं क्या है इस एपिसोड में.

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विवाह एक पॉलिटिकल अरेंजमेंट है?

ये एपिसोड विवाह को एक राजनीतिक संस्था के तौर पर चुनौती देता है. दूसरे और तीसरे एपिसोड में रेनेयरा का विवाह एक अहम मुद्दा था, यहां भी है. पर यहां मेकर्स इसे एक अलग स्तर पर ले जाते हैं. एक सीन है जहां डेमॉन और रेनेयरा की बातचीत हो रही है. डेमॉन कहता है कि शादी एक पॉलिटिकल अरेंजमेंट है. रेनेयरा उसे जवाब देती है: पुरुषों के लिए ये एक पॉलिटिकल अरेंजमेंट हो सकता है, पर महिलाओं के लिए ये किसी मृत्यु दंड से कम नहीं है. यहां समझने जैसा ये है कि HOTD कहीं पर भी शादी का विरोध नहीं करता, बल्कि राजनीति के नाम पर दांव पर लगाई जा रही औरतों के पक्ष में खड़े होने की कोशिश करता है. सिंहासनों पर बैठे पुरुष कैसे महिलाओं पर दबाव डाल रहे हैं. विवाह को बंधन बनाना चाह रहे हैं. महिलाएं या यूं कहें सिर्फ़ एक महिला इसके विरोध में खड़ी है. उसका विरोध इतना सशक्त है कि सत्ता का शीर्ष पुरुष भी उसके सामने कई मौकों पर बौना नज़र आता है.

रेनेयरा और उसके पिता

भावनाएं और स्वतंत्रता

एपिसोड भावनात्मक रूप से कई मामलों में रिच है. खासकर क्वीन एलिसेंट के पक्ष से. वो एक जगह कहती है कि वो अब भी सिर्फ़ लेडी एलिसेंट बनकर रहना चाहती है. पर सभी उसे क्वीन की तरह ही देखते हैं. एलिसेंट इस मोमेंट पर उन सभी लोगों की रिप्रिज़ेन्ट करती है, जो किसी न किसी टाइटल से जुड़े हुए हैं. उस टाइटल ने उनकी आज़ादी छीन ली है. वो खुलकर बात नहीं कर सकते. कहीं आ-जा नहीं सकते. ये सारी बातें रेनेयरा पर भी लागू होती हैं. वो जब शहर में भेष बदलकर घूम रही होती है, तो कहती है: न जाने फिर कब ऐसी आज़ादी का स्वाद मैं ले पाऊंगी. इस एक संवाद में बड़े पदों पर बैठे हुए लोगों के मन टीस है. इसे हम मॉडर्न वर्ल्ड से जोड़कर भी देख सकते हैं. कैसे एक पब्लिक फिगर सड़क पर खुलेआम नहीं घूम सकता, कहीं जा नहीं सकते. HOTD सभी किरदारों की इमोशनल इंडिपेंडेंस से भी डील करती है. सेक्सुअल आज़ादी भी इस एपिसोड का अहम हिस्सा है. सिर्फ़ पुरुषों की ही इच्छाएं नहीं होती, महिलाओं की भी सेक्सुअल डिजायर्स हैं. एक बहुत ही बेहतरीन इन्टरकट सीक्वेंस है. जहां दो पैरलल नरेटिव सेट किए गए हैं. एक तरफ़ स्त्री आज़ाद है. पूरे शहर में अपनी मर्ज़ी से घूम रही है. दूसरी तरफ़ एक स्त्री है बिना किसी सेक्सुअल प्लेजर के साथ मशीन की तरह सेक्स कर रही है. मेकर्स ने बहुत स्मार्टली खेला है. आपको आज़ादी और क़ैद में फ़र्क साफ नज़र आता है. इस एपिसोड में ऐसे कई पैरलल नरेटिव हैं. जैसे एक जगह डेथ की बात हो रही है और उसके तुरंत बाद किंग का शॉट आ जाता है. बेहतरीन. 

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डेमॉन और उसके भाई

रेनेयरा के किरदार का दूसरा पक्ष

अब तक के सभी एपिसोड में चौथे यानी इस एपिसोड को स्ट्रीट स्मार्ट कहा जा सकता है. इसमें किसी तरह का कोई युद्ध नहीं है. न ही ड्रैगन हैं. ना ऐक्शन है. पर इसका रचाव-बुनाव इस ढंग से किया गया है कि आप कई-कई मौकों पर चौंकते हैं. महल के अंदर की पॉलिटिक्स आपको भौंचक्का करती है. किरदारों के नए पहलू देखकर आप मेकर्स को दाद दिए बिना नहीं रह पाते. किरदारों के मुंह से बहुत चतुराई से डायलॉग कहलवाए गए हैं. चाहे वो डेमॉन और किंग के बीच का संवाद हो या फिर रेनेयरा और एलिसेंट के बीच की बातचीत. अभी तक हम ये देखते आ रहे थे कि रेनेयरा का किरदार पॉलिटिक्स से दूर है. पर ये एपिसोड उसे भी वेस्टरोस और महल की राजनीति का हिस्सा बना देता है. उसके भोलेपन की छवि को तोड़ता है. उसके किरदार में मौजूद कनिंगनेस को उजागर करता है. ये भी स्थापित करता है कि क्वीन के तौर पर उसका चुनाव गलत नहीं है. वो भी शातिर खिलाड़ी है. राजा जो उसके विरोध में है. कुछ देर की बातचीत में वो उन्हें अपने पक्ष में कर लेती है. इन सब बातों से एक बात साफ है कि रेनेयरा का किरदार मेच्योर हो रहा है.

कुलमिलाकर ये एपिसोड अब तक का सबसे अच्छा एपिसोड है. ट्रीटमेंट और नरेटिव के मामले में एक नंबर. जल्दी जाइए देख डालिए.

रिव्यू: कैसा है 'हाउस ऑफ द ड्रैगन' का तीसरा एपिसोड

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