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'गांधी गोडसे- एक युद्ध' फिल्म का टीज़र बताता है, महात्मा गांधी भी हिंसा करते थे

इस फिल्म का कॉन्सेप्ट एक मामले में राजामौली की RRR से मिलता जुलता है. एक ऐसी घटना जो कभी घटी ही नहीं.

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'गांधी गोडसे- एक युद्ध' का एक सीन.

'घायल', 'घातक', 'दामिनी' और 'अंदाज़ अपना अपना' जैसी फिल्में बना चुके Rajkumar Santoshi की नई फिल्म आ रही है. नाम है Gandhi Godse- Ek Yudh. इस फिल्म का कॉन्सेप्ट थोड़ा-थोड़ा RRR से मिलता जुलता है. क्योंकि ये दोनों ही फिल्में दो रियल लाइफ लोगों की कहानी का फिक्शनल वर्ज़न पेश करती हैं. मगर RRR का मक़सद लार्जर दैन लाइफ सिनेमैटिक एक्सपीरियंस देना था. जबकि 'गांधी गोडसे- एक युद्ध' एक अलग मसले पर बात करती है. कौन सही, गांधी या गोडसे?

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नाथुराम गोडसे ने महात्मा गांधी की गोली मारकर हत्या कर दी थी. अब जो फिल्म आ रही है 'गांधी गोडसे', इसमें महात्मा गांधी और नाथुराम गोडसे को एक-दूसरे के सामने लाकर खड़ा कर दिया गया है. कॉन्सेप्ट ये है कि गोडसे की गोली से गांधी बच जाते हैं. इसके बाद गांधी जेल में गोडसे से मिलने जाते हैं. और दोनों के बीच आइडियालॉजिकल लड़ाई शुरू होती है. हालांकि टीज़र में ये नहीं पता चलता कि फिल्म किसे सही मानती है.

महात्मा गांधी सत्य और अहिंसा के पक्षधर थे. मगर नाथुराम गोडसे का मानना है गांधी के पास आमरण अनशन नाम का हथियार है. जिसे वो अपनी बात मनवाने के लिए बार-बार इस्तेमाल करते हैं. गोडसे के मुताबिक ये भी एक किस्म की हिंसा है. मानसिक हिंसा. टीज़र के कुछ सीन्स में हिंदुराष्ट्र और अखण्ड भारत जैसे मसले भी स्क्रीन पर जगह पाते हैं.

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इस खबर की शुरुआत हमने 'गांधी गोडसे' और RRR की तुलना के साथ की थी. RRR के आखिर में सरदार वल्लभभाई पटेल, नेताजी सुभाष चंद्र बोस और भगत सिंह समेत कई फ्रीडम फाइटर्स को याद किया जाता है. मगर महात्मा गांधी और जवाहरलाल नेहरू का ज़िक्र नहीं आता. दूसरी बात ये कि ये राजकुमार संतोषी की दूसरी फिल्म है, जिसमें गांधी का किरदार नज़र आ रहा है. इससे पहले 'द लेजेंड ऑफ भगत सिंह' में भी गांधी का किरदार था. मगर फिल्म में उनकी आलोचना की जाती है.

'गांधी गोडसे- एक युद्ध' में देखने वाली बात ये होगी कि फिल्म का कांटा किस तरफ झुकता है. या फिल्म खुद को तटस्थ रखती है. क्योंकि उसी आधार पर ये तय होगा कि इस फिल्म को बनाने के पीछे की नीयत क्या थी. मेकर्स के पास वाकई कुछ गंभीर कहने या दिखाने को था. या देश में चल रहे माहौल को फिर एक दफा भुनाने की कोशिश.

राजकुमार संतोषी डायरेक्टेड इस फिल्म में महात्मा गांधी का रोल किया है दीपक अंतानी ने. दीपक अंतानी कई नाटकों में महात्मा गांधी का रोल कर चुके हैं. कहा तो ये भी जाता है कि गांधी का किरदार सबसे ज़्यादा बार निभाने का रिकॉर्ड भी दीपक के नाम है. नाथुराम गोडसे का रोल किया है मराठी फिल्म एक्टर चिन्मय मांडलेकर ने. चिन्मय 2022 में 'शेर शिवराज' और 'पावनखिंड' जैसी फिल्मों में काम कर चुके हैं. इन दोनों के अलावा आरिफ ज़कारिया और अनुज सैनी भी इस फिल्म का हिस्सा हैं. राजकुमार संतोषी की बेटी तनिषा भी इस फिल्म से अपना एक्टिंग डेब्यू करने जा रही हैं.  

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'गांधी गोडसे- एक युद्ध' का म्यूज़िक कंपोज़ किया है AR Rahman ने. ये फिल्म 26 जनवरी को देशभर में रिलीज़ के लिए शेड्यूल्ड है. शाहरुख खान की 'पठान' के साथ.

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