Border 2 साल 2026 की पहली ब्लॉकबस्टर बनी. खबर लिखे जाने तक फिल्म ने 400 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया है. ऐसे में फिल्म के प्रोड्यूसर Bhushan Kumar ने Corporate Booking करने वाले प्रोड्यूसर्स पर तंज कसा है. उन्होंने दावा किया कि ‘बॉर्डर 2’ का ये आंकड़ा पूरी तरह से असली है. उनके मुताबिक, Sunny Deol चाहते थे कि ऑडियंस को केवल सही नंबर्स दिखाए जाएं. उनमें किसी भी तरह का घालमेल न किया जाए.
"सनी देओल ने कहा हम बॉर्डर 2 के असली और ऑर्गैनिक नंबर दिखाएंगे"
भूषण कुमार ने कहा कि वो टी-सीरीज़ की फिल्मों की कमाई के आंकड़े में कोई घालमेल नहीं करते. वही चीज 'बॉर्डर 2' में भी हुई.


पिछले कुछ समय से कॉर्पोरेट बुकिंग एक बड़ी समस्या बनकर उभरी है. अधिकतर प्रोड्यूसर्स ने इसे न्यू नॉर्मल बना दिया है. हालांकि ये बताने से पहले कि उन्होंने क्या कहा, आपको ये समझना होगा कि कॉर्पोरेट बुकिंग है क्या बला? दरअसल, सिनेमाई भाषा में कॉर्पोरेट बुकिंग उस प्रैक्टिस को कहा जाता है, जब प्रोड्यूसर्स या डिस्ट्रीब्यूटर्स, अपने ही फिल्म की बहुत-सी टिकटें खरीद लेते हैं. कई बार तो वो किसी थर्ड पार्टी या कॉर्पोरेट हाउस से टाई-अप करते हैं. ऐसा इसलिए ताकि वो कंपनी फिल्म की हजारों टिकटें खरीदे और अपने कर्मचारियों में मुफ़्त में बांट दे. ये पहले भी होता था. मगर इतने बड़े पैमाने पर नहीं.
ख़ैर, जो भी हो, मुद्दा ये है कि ऐसा करने से फिल्म के शुरुआती कलेक्शन काफ़ी ज़्यादा नज़र आते हैं. बाहर से देखने पर लगता है कि बहुत से लोग वो फिल्म देखने जा रहे हैं. इसलिए लोगों को लगता है कि फिल्म अच्छी है, इसलिए वो भी टिकट खरीदकर उसे देखने थिएटर में जाते हैं. मगर असल में वो टिकटें मेकर्स ने खुद खरीदी होती हैं. उन टिकटों को बल्क में बांटने पर भीड़ भी आ जाती है. वरना कई बार तो सिनेमाघर खाली और कलेक्शन भारी दिखाई देते हैं. इसे शास्त्रों में कॉर्पोरेट बुकिंग कहा जाता है.
'बॉर्डर 2' के सक्सेस इवेंट में भूषण इस पूरे ताम-झाम को आड़े हाथों लिया. मीडिया से हुई बातचीत में वो कहते हैं,
"फिल्म इंडस्ट्री में सबका अपना नज़रिया है. सबका अपना अलग तरीका है कि वो अपनी फिल्म और बॉक्स ऑफिस नंबर्स को कैसे अनाउंस करते हैं. लेकिन कुछ चीजें हैं जो नहीं होनी चाहिए. कई बार गलत तरीके से नंबर्स बताए जाते हैं. मैं इस बारे में ज़्यादा कुछ नहीं कहना चाहता. बस इतना कहूंगा कि जब फिल्म की अडवांस बुकिंग खुल रही थी, तब सनी देओल सर ने मुझे कहा कि हमें असली और नॉर्मल नंबर बताना चाहिए. अक्सर आप सुनते रहते हैं कि कुछ लोग अपनी फिल्म को प्रमोट करने के लिए खुद ही टिकट खरीदते हैं. मगर वैसी चीज को टी-सीरीज़ में हम बिल्कुल भी प्रमोट नहीं करते हैं. हम कभी ऐसी चीज़ों के बारे में सोचते भी नहीं हैं."
भूषण ने बताया कि 'बॉर्डर 2' की कमाई पूरी तरह से असली है. उनके मुताबिक,
"मैंने सनी सर से कहा कि हम पूरी तरह ऑर्गेनिक जा रहे हैं. हमारी अडवांस बुकिंग बिल्कुल असली है. अगर कोई गड़बड़ करता भी है, तो वो बात एक दिन सामने आ ही जाती है. दर्शकों को सब पता चल जाता है. इसलिए मुझे खुशी है कि हमने अपनी फिल्म के लिए असली और सच्चे नंबर ही दिखाए हैं."
भूषण से पहले 'एनिमल', 'स्पिरिट' और 'अर्जुन रेड्डी' के प्रोड्यूसर प्रणय रेड्डी वांगा ने भी इस हरकत की आलोचना की थी. वहीं करण जौहर भी समय-समय पर कॉर्पोरेट बुकिंग के खिलाफ़ बोलते रहे हैं. पिछले दिनों अक्षय कुमार और वीर पहाड़िया स्टारर 'स्काय फोर्स' पर कॉर्पोरेट बुकिंग के आरोप लगे थे. ट्रेड एक्सपर्ट कोमल नाहटा ने ‘छावा’ के प्रोड्यूसर दिनेश विजन पर कॉर्पोरेट बुकिंग शुरू करने का दोष डाला था.
वीडियो: फिल्म रिव्यू: कैसी है सनी देओल की 'बॉर्डर 2' फिल्म?













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