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शेखर कपूर ने बताया, सीमा बिस्वास ने कहा वो ख़ुद देंगी 'बैंडिट क्वीन' में न्यूड सीन

बकौल शेखर, सारे मर्द आसपास खड़े थे, और फूलन को नंगा घसीटा जाना था...

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'बैंडिट क्वीन' को तीन नेशनल अवॉर्ड मिले थे. सीमा बिस्वास को बेस्ट एक्ट्रेस अवॉर्ड दिया गया था.

Shekhar Kapur की Bandit Queen में Phoolan Devi का किरदार Seema Biswas ने निभाया है. किरदार क्या निभाया है... असल में उन्होंने फूलन को जिया है. उस नारकीय संताप को अपने रोम-रोम में महसूस किया है, जिसे स्क्रीन पर देखने से भी देह सुन्न पड़ जाती है. ये सीमा का अपने क्राफ्ट के प्रति कमिटमेंट ही था कि फिल्म के न्यूड सीन्स के लिए भी उन्होंने बॉडी डबल की दरकार नहीं की. ये बेहद मुश्किल सीन भी उन्होंने ख़ुद करने का फ़ैसला सुनाया. फिल्म का एक दृश्य है, जिसमें गोविंद नामदेव का किरदार ठाकुर श्रीराम, फूलन को सरेआम नंगा करता है. बड़ी निर्ममता से उसके बाल मुट्ठी में भींचकर उसे घसीटता है. गालियां देता है. वो सीन कैसे बना? क्या मुश्किलें आईं? ये सब शेखर कपूर ने The Lallantop के विशेष कार्यक्रम Guest In The Newsroom में बताया. 

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शेखर ने कहा,

“मैंने सीमा को समझा दिया था कि ये ऐसा सीन है. क्या तुम स्क्रीन पर बिना कपड़ों के आने के लिए तैयार हो. उसने कहा हां. मगर मेरे दिमाग में शंका थी. इसलिए जब तक ये शॉट लगता, मैंने उन मॉडल्स को बुला लिया जो फोटोग्राफी के नेकेड सीन्स देती हैं. मुझे ऐसी एक मॉडल मिल भी गई थी जो सीमा जैसी दिखती थी. तो आज मैं बता रहा हूं कि इस सीन का जो वाइड शॉट हमने लिया था, उसमें सीमा नहीं थी. वो एक मॉडल थी. बहुत मुश्किल सीन था ये. सारे मर्द खड़े हैं आसपास. और उसे नंगा घसीटा जाना था. मिड शॉट और क्लोज़ अप में सीमा ही है. बस वाइड शॉट में नहीं है.”

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इस सीक्वेंस में मिड शॉट और क्लोज़ अप ते सीमा बिस्वास के हैं. मगर वाइड शॉट जिसमें फूलन पूरी नज़र आती है, वो सीमा नहीं, बल्कि एक मॉडल है

जब ये सीन शूट हो रहा था, तब गांव वाले भी वहीं मौजूद थे. इस तरह के सीन पर उनकी प्रतिक्रिया क्या थी, इसके बारे में शेखर ने कहा,

"मैंने गांव वालों से कहा कि आप अपने घर की औरतों को कुछ देर घर के अंदर ही रहने को कहिए. मैं एक ऐसा सीन शूट करने वाला हूं, कि औरतें अभी उसे न देखें. जब हम सीन शूट करने लगे, तो आधी यूनिट तो भाग गई, कि गांव वाले मार देंगे हमें. हम दो-तीन लोग ही रह गए. शूट के बाद मैंने लोगों से माफ़ी मांगी कि मेरी मजबूरी थी. और ये सीन ऐसे ही शूट होना था. तब एक आदमी ने कहा कि अरे साब ठीक है. दो महीने पहले पास के गांव में बिल्कुल ऐसी ही घटना घटी थी. उनके लिए ये कोई नई बात नहीं थी."

# रोज़ सुबह एक्टर्स एक-दूसरे को गालियां देते थे

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सीमा बिस्वास सहित इस फिल्म का हर एक एक्टर अपने किरदार में इतना सहज लगा, जैसे पैदा ही बीहड़ में हुआ हो. ये सहजता लाने के लिए शेखर कपूर ने एक अनोखा तरीका निकाला. इसके बारे में शेखर ने कहा,

“हर सुबह एक्टर्स एक दूसरे पर चीखते थे. ज़ोर-जोर से बात करते थे. एक-दूसरे को गरियाते थे. गांवों में ऐसे ही बात होती है. तो ये नियम था कि सुबह ये करना ही है. मैं नहीं चाहता था कि उनका बात करने का लहजा शहरी लगे. खांटीपन लाने के लिए मैंने ऐसा करने को कहा.”

हम बता दें, कि साल 1994 में रिलीज़ हुई फिल्म ‘बैंडिट क्वीन’ को तीन नेशनल अवॉर्ड मिले. इसमें निर्मल पांडे, गोविंद नामदेव, मनोज बाजपेयी, सौरभ शुक्ला, राजेश विवेक, रघुबीर यादव और आदित्य श्रीवास्तव जैसे मंझे हुए एक्टर्स ने काम किया है. 

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