कभी एनडीए के कोटे से मंत्री रहे उपेंद्र कुशवाहा बीजेपी पर हमला करते रहे और आखिर में महागठबंधन का हिस्सा बन गए.
राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के अध्यक्ष हैं उपेंद्र कुशवाहा. पहले एनडीए में थे. मंत्री भी बने. इस समय आरजेडी गठबंधन का हिस्सा हैं. बिहार के दरभंगा में उन्होंने एक रैली को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने बीजेपी की तुलना रामलीला के दौरान सीता का रोल करने वाले व्यक्ति से की. मतलब ये कि एक ऐसा कलाकार जो पर्दे के सामने सीता का रोल करता है. और पर्दे के पीछे सिगरेट पीता है. उपेंद्र कुशवाहा ने कहा-
बीजेपी को बहुत नजदीक से देखकर आए हैं. एनडीए में रह कर आए हैं. अंदर इनका अलग है. बाहर अलग है. हम लोगों के इलाके में, यहीं से रामलीला मंडली के लोग जाते हैं. इस इलाके के लोगों का ज्यादा अनुभव है. रामलीला आप लोगों ने देखी है. रामलीला जब होती है, मंच सजता है. पर्दा लगता है. पर्दा जब उठता है तो एक व्यक्ति सीता का रूप धारण करके सामने आता है. माता सीता का रूप धारण करके आता है. देवी का रूप धारण करके, सुंदर देवी सीता का रूप धारण करके आता है. माताएं-बहनें जो देखती रहती हैं रामलीला वो सर झुका लेती हैं. सीताजी को देखकर के. इतना सम्मान देती हैं, क्योंकि देवी का रूप है. पर्दे के बाहर का रूप देवी का. उसी सीताजी को पर्दे के पीछे जाकर देख लीजिए तो वह सिगरेट पीती रहती हैं.
उन्होंने आगे कहा-
बस यही भारतीय जनता पार्टी का चेहरा है. अंदर सब कुकर्म और बाहर ऐसा कि भगवान का रूप हैं. देवी का रूप हैं. यही भारतीय जनता पार्टी है. जो देवी वाला रूप है वो तो जनता के सामने आता है. आप लोग मंच पर देखते हैं. और सिगरेट वाला रूप है जो हम अंदर देखकर आए हैं. एनडीए में मंत्री थे उनके साथ तो अंदर हम देखकर आए हैं.
उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक समता पार्टी 5 सीटों पर चुनाव लड़ रही है. वह आरजेडी, कांग्रेस, हम, मुकेश सहनी की पार्टी के साथ गठबंधन में है. सीटों के बंटवारे को लेकर 2018 के अंत में कुशवाहा एनडीए से अलग हो गए थे. कुशवाहा ने 2014 की मोदी लहर में गठबंधन के तहत दी गई सीतामढ़ी, काराकाट और जहानाबाद, तीनों सीटों पर जीत हासिल की थी. और केंद्र में मंत्री बन गए. इसी के साथ उपेन्द्र कुशवाहा खुद को बिहार में कुशवाहा समाज का एकछत्र नेता साबित करने की कोशिश में लगे रहे और काफी हद तक कामयाब भी रहे. साल 2015 के विधानसभा चुनावों में उनकी पार्टी को कुछ खास कामयाबी नहीं मिली.
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